8th Pay Commission News: आठवें वेतन आयोग के सामने अब कर्मचारियों की ओर से वेतन बढ़ोतरी को लेकर बड़ी-बड़ी मांगें रखी जा रही हैं। इसी कड़ी में इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Pay) को बढ़ाकर ₹52,600 करने और 3.8 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है। यदि यह मांग स्वीकार होती है तो रेलवे सहित लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
8वें वेतन आयोग के सामने किसने रखी यह मांग?
इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 19 मई 2026 को हैदराबाद में आयोजित बैठक के दौरान 8वें वेतन आयोग के समक्ष अपना विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया। संगठन ने कहा कि वर्तमान वेतन संरचना तकनीकी और सुरक्षा श्रेणी के कर्मचारियों की जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है।
IRTSA का कहना है कि रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों, इंजीनियरों और सुपरवाइजर्स पर अत्यधिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन उनके वेतन और पदोन्नति के अवसर अपेक्षाकृत सीमित हैं। इसलिए केवल वेतन वृद्धि ही नहीं बल्कि करियर ग्रोथ, प्रमोशन और भत्तों की व्यवस्था में भी सुधार किया जाना चाहिए।
न्यूनतम बेसिक पे ₹52,600 करने की मांग क्यों?
संगठन का तर्क है कि सातवें वेतन आयोग के समय तय की गई वेतन संरचना अब बढ़ती महंगाई, जीवनयापन की लागत और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं रह गई है।
वर्तमान में लेवल-1 कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 है। IRTSA का मानना है कि 8वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर ₹52,600 किया जाना चाहिए ताकि कर्मचारियों की वास्तविक क्रय शक्ति (Purchasing Power) को मजबूत किया जा सके।
यह मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल के वर्षों में कई कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की आवश्यकता पर जोर दिया है।
3.8 फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक (Multiplier) होता है जिसके आधार पर वर्तमान मूल वेतन को संशोधित किया जाता है। सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था।
यदि 8वें वेतन आयोग में 3.8 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है तो कर्मचारियों के मूल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी का वर्तमान बेसिक पे ₹18,000 है तो 3.8 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर उसका संशोधित बेसिक पे ₹68,400 हो जाएगा।
विभिन्न वेतन स्तरों पर कितना बढ़ सकता है वेतन?
IRTSA द्वारा सुझाए गए 3.8 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर अनुमानित वेतन वृद्धि इस प्रकार हो सकती है:
| पे लेवल | वर्तमान बेसिक पे (₹) | 3.8 फिटमेंट फैक्टर के बाद (₹) |
|---|---|---|
| लेवल-1 | 18,000 | 68,400 |
| लेवल-2 | 19,900 | 75,620 |
| लेवल-3 | 21,700 | 82,460 |
| लेवल-4 | 25,500 | 96,900 |
| लेवल-5 | 29,200 | 1,10,960 |
| लेवल-6 | 35,400 | 1,34,520 |
| लेवल-7 | 44,900 | 1,70,620 |
| लेवल-8 | 47,600 | 1,80,880 |
| लेवल-9 | 53,100 | 2,01,780 |
| लेवल-10 | 56,100 | 2,13,180 |
उच्च वेतन स्तरों पर यह वृद्धि और भी अधिक हो सकती है।
IRTSA ने केवल वेतन नहीं, करियर ग्रोथ की भी उठाई मांग
IRTSA के ज्ञापन की सबसे खास बात यह है कि संगठन ने केवल वेतन बढ़ाने की मांग नहीं की है।
संगठन ने कहा है कि रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों को लंबे समय तक पदोन्नति का इंतजार करना पड़ता है। कई कर्मचारियों को पूरी सेवा अवधि में सीमित प्रमोशन ही मिल पाते हैं।
इसलिए संगठन ने आयोग से आग्रह किया है कि करियर प्रोग्रेशन की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तेज बनाया जाए ताकि कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिल सके।
रेलवे कर्मचारियों के लिए भत्तों में भी बदलाव की मांग
IRTSA ने तकनीकी और सुरक्षा श्रेणी के कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त भत्तों की भी मांग की है।
संगठन का कहना है कि रेलवे के कई कर्मचारी जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। ऐसे कर्मचारियों को विशेष भत्ते और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।
इसके अलावा रेलवे इंजीनियरों और सुपरवाइजर्स के लिए तकनीकी भत्ते (Technical Allowances) बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
क्या सरकार सभी मांगें मान लेगी?
फिलहाल यह केवल कर्मचारी संगठनों की ओर से दिया गया सुझाव है। 8वां वेतन आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनभोगी संघों, रक्षा कर्मचारियों और सरकारी विभागों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर रहा है।
आयोग की अंतिम सिफारिशें आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि न्यूनतम वेतन कितना बढ़ेगा और फिटमेंट फैक्टर क्या रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि 3.8 फिटमेंट फैक्टर की मांग काफी आक्रामक है। वास्तविक फिटमेंट फैक्टर इससे कम भी हो सकता है, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा।
अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी रखी हैं मांगें
हाल के महीनों में NC-JCM, विभिन्न रेलवे यूनियनों, रक्षा कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगी संघों ने भी आयोग को अपने सुझाव भेजे हैं।
अधिकांश संगठनों की मांगों में निम्नलिखित मुद्दे प्रमुख हैं:
- न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी
- बेहतर फिटमेंट फैक्टर
- पेंशन संशोधन
- महंगाई भत्ते से जुड़े सुधार
- करियर प्रोग्रेशन में बदलाव
- भत्तों की समीक्षा
इससे साफ है कि आठवें वेतन आयोग के सामने वेतन संरचना में बड़े बदलाव की मांग लगातार बढ़ रही है।
निष्कर्ष
IRTSA द्वारा न्यूनतम मूल वेतन ₹52,600 और 3.8 फिटमेंट फैक्टर की मांग ने 8वें वेतन आयोग को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। यदि इस तरह की मांगों का बड़ा हिस्सा स्वीकार होता है तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और रेलवे कर्मियों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा।


