ट्रेड वॉर में अमेरिका का नया हथियार बनेगा ‘सेमीकंडक्टर टैरिफ’ : अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी ने साफ किया कि यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिसे दूसरे देशों के साथ बातचीत कर हल किया जा सके. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ये प्रोडक्ट्स अब ‘नेशनल सिक्योरिटी’ के तहत आते हैं.
ट्रेड वॉर में अमेरिका का नया हथियार बनेगा ‘सेमीकंडक्टर टैरिफ’
अमेरिका का सेमीकंडक्टर टैरिफ
अमेरिका की सरकार ने भले ही अभी कुछ इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स को टैरिफ यानी आयात शुल्क से छूट दी हो, लेकिन ये राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है. अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हावर्ड लटनिक ने साफ कहा है कि ये छूट सिर्फ अस्थायी है और जल्द ही इन प्रोडक्ट्स पर भी खास तरह का “सेमीकंडक्टर टैरिफ” लगाया जाएगा.
भारत के लिए संदेश
अमेरिका में टैरिफ पॉलिसी अब सीधे तौर पर नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ गई है. भारत जैसे देशों के लिए यह संकेत है कि ग्लोबल ट्रेड में अब ‘फ्री ट्रेड’ से ज्यादा ‘सेफ ट्रेड’ का दौर आने वाला है.

क्या बोले कॉमर्स सेक्रेटरी?
रविवार को ABC चैनल के शो ‘This Week’ में बातचीत करते हुए अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी लटनिक ने कहा, “स्मार्टफोन, कंप्यूटर, सोलर सेल, फ्लैट-पैनल टीवी जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स को अभी टैरिफ से बाहर रखा गया है, लेकिन ये सारे प्रोडक्ट्स अगले 1-2 महीने में सेमीकंडक्टर टैक्स के दायरे में आ जाएंगे.” उनका कहना था कि अमेरिका अब इन जरूरी चीजों जैसे चिप्स, फ्लैट पैनल्स और सेमीकंडक्टर्स का निर्माण अपने देश में ही करना चाहता है. लटनिक ने ज़ोर देते हुए कहा कि हम साउथ ईस्ट एशिया पर पूरी तरह निर्भर नहीं रह सकते.
नेशनल सिक्योरिटी का मामला है
लटनिक ने ये भी साफ किया कि यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिसे दूसरे देशों के साथ बातचीत कर हल किया जा सके. उन्होंने इस पर कहा कि ये प्रोडक्ट्स अब ‘नेशनल सिक्योरिटी’ के तहत आते हैं. मतलब, ये अब अमेरिका में ही बनने चाहिए. इन्हें टैरिफ से हमेशा के लिए छूट नहीं दी जा सकती.
ट्रंप प्रशासन की सोच क्या है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम चाहती है कि अमेरिका में ही फिर से फैक्ट्रियां लगें, खासकर दवाइयों और टेक्नोलॉजी से जुड़े सामानों की. इसके लिए आयात पर टैक्स लगाकर कंपनियों को मजबूर किया जा रहा है कि वे मैन्युफैक्चरिंग वापस अमेरिका ले आएं.
अभी मिली छूट किन प्रोडक्ट्स पर है?
शुक्रवार रात अमेरिका की कस्टम्स एजेंसी ने नोटिस जारी कर बताया कि स्मार्टफोन, कंप्यूटर, सोलर सेल, टीवी डिस्प्ले, और स्टोरेज डिवाइसेस जैसी चीजों को फिलहाल टैरिफ से छूट दी गई है. लेकिन अब यह साफ हो गया है कि यह छूट अस्थायी है और आने वाले महीनों में फिर से टैक्स लागू हो सकता है.
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