कॉर्पोरेट दुनिया में जहां अक्सर कर्मचारियों पर काम का दबाव, लंबे ऑफिस घंटे और छुट्टियों की कमी की चर्चा होती है, वहीं दिल्ली के एक CEO ने अपने कर्मचारियों के लिए ऐसा कदम उठाया है जिसकी सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।
दिल्ली स्थित पीआर फर्म Elite Marque के फाउंडर और CEO रजत ग्रोवर ने मदर्स डे से पहले अपने कर्मचारियों को 3 दिन की पेड छुट्टी और ₹10,000 का विशेष अलाउंस देने का फैसला किया।
इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को अपने माता-पिता के साथ समय बिताने और उन्हें घूमाने ले जाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कौन हैं रजत ग्रोवर?
रजत ग्रोवर दिल्ली के युवा एंटरप्रेन्योर हैं और Elite Marque के संस्थापक और CEO हैं। उन्होंने वर्ष 2021 में कंपनी की शुरुआत की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार रजत ग्रोवर को स्टार्टअप, फिनटेक, BFSI, टेक्नोलॉजी, रिटेल, ऑटोमोबाइल और शिक्षा जैसे कई सेक्टर्स में काम करने का अनुभव है।
वे अपनी कंपनी में ब्रांड स्टोरीटेलिंग और कम्युनिकेशन रणनीतियों पर काम करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नई पीढ़ी की कंपनियां अब कर्मचारियों की मानसिक सेहत और पारिवारिक जीवन को भी उतनी ही अहमियत दे रही हैं जितनी प्रदर्शन को।
कर्मचारियों को क्यों दिए पैसे और छुट्टी?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में रजत ग्रोवर ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने माता-पिता के साथ समय बिताना भूलते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे अपने करियर और काम में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि माता-पिता के अधूरे सपनों और उनकी इच्छाओं पर ध्यान ही नहीं दे पाते।
इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी टीम के लिए “Parents Vacation Initiative” शुरू किया, जिसके तहत कर्मचारियों को छुट्टी और आर्थिक सहायता दी गई।
कर्मचारियों से क्या कहा?
अपनी टीम को संबोधित करते हुए रजत ग्रोवर ने भावुक संदेश भी दिया।
उन्होंने कहा, “इस कंपनी को बनाने से पहले कोई सुबह जल्दी उठकर हमारा खाना बनाता था, घर संभालता था और हमारी जरूरतों का ध्यान रखता था ताकि हम अपने सपनों पर फोकस कर सकें। हमें नहीं पता कि हमारे पास उनके साथ कितना समय बचा है। अगर कोई ऐसी जगह है जहाँ वे हमेशा जाना चाहते थे, तो उन्हें वहां लेकर जाइए।”
उन्होंने आगे कहा कि माता-पिता ही हमारे आत्मविश्वास, मूल्यों और ताकत की नींव रखते हैं।
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही चर्चा?
रजत ग्रोवर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स ने इसे कर्मचारी हितैषी सोच, भावनात्मक नेतृत्व और आधुनिक कॉर्पोरेट संस्कृति का सकारात्मक उदाहरण बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई पीढ़ी की कंपनियों में अब केवल वेतन ही नहीं बल्कि work-life balance और employee wellbeing पर भी ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
कॉर्पोरेट कल्चर में क्यों अहम मानी जा रही ऐसी पहल?
एचआर विशेषज्ञों के अनुसार कर्मचारियों की मानसिक स्थिति, पारिवारिक जीवन और भावनात्मक जुड़ाव अब कंपनियों के लिए भी महत्वपूर्ण मुद्दे बनते जा रहे हैं।
कई स्टार्टअप और नई कंपनियां flexible work culture, mental wellness और family support initiatives जैसे कदम उठा रही हैं ताकि कर्मचारियों की संतुष्टि और जुड़ाव बढ़ाया जा सके। जहां कई कंपनियों में कर्मचारियों को छुट्टी लेने में भी दिक्कत होती है, वहीं इस तरह की पहल कॉर्पोरेट संस्कृति में बदलाव का संकेत मानी जा रही है।
क्या बदल रही है नई ऑफिस संस्कृति?
विशेषज्ञों के अनुसार कोविड महामारी के बाद लोगों की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आया है। अब कर्मचारी केवल ज्यादा वेतन नहीं बल्कि बेहतर कार्य वातावरण, मानसिक संतुलन, परिवार के लिए समय और छुट्टियों की सुविधा को भी अहम मानने लगे हैं।
इसी वजह से कई कंपनियां employee-friendly policies पर ज्यादा फोकस कर रही हैं।
केवल छुट्टी नहीं, बड़ा संदेश भी
विशेषज्ञों का मानना है कि रजत ग्रोवर की यह पहल केवल छुट्टी या पैसों तक सीमित नहीं है। यह तेजी से बदलती कॉर्पोरेट संस्कृति में परिवार और रिश्तों की अहमियत को याद दिलाने वाला संदेश भी है।
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में जहां लोग काम और करियर में उलझे रहते हैं, वहां इस तरह की पहल लोगों को अपने माता-पिता के साथ समय बिताने के महत्व की याद दिलाती है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में employee wellbeing और family-centric policies कॉर्पोरेट दुनिया में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
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