Wipro Share Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) के जून 2026 तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों के बाद शेयर दबाव में आ गया है। कंपनी का मुनाफा और अगले क्वार्टर का बिजनेस गाइडेंस बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहा, जिसके चलते ब्रोकरेज हाउसों की राय भी बंटी हुई दिखाई दे रही है। जहां कुछ विशेषज्ञ मौजूदा स्तरों पर डिविडेंड यील्ड के कारण शेयर को होल्ड करने की सलाह दे रहे हैं, वहीं कई बड़े ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में शेयर पर दबाव बना रह सकता है।
17 जुलाई को कारोबार के दौरान विप्रो का शेयर करीब 1.5% की गिरावट के साथ 174.81 रुपये पर कारोबार करता दिखा। पिछले छह महीनों में कंपनी का शेयर लगभग 29% टूट चुका है, जबकि इसी अवधि में Nifty IT Index में करीब 25% की गिरावट दर्ज की गई।
Q1 रिजल्ट के बाद क्यों बढ़ी चिंता?
विप्रो ने 16 जुलाई को बाजार बंद होने के बाद पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का लाभ बाजार के अनुमान से कमजोर रहा। इसके साथ ही दूसरी तिमाही (Q2) के लिए दिया गया रेवेन्यू गाइडेंस भी निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी अभी भी बड़े आईटी डील्स को बेहतर राजस्व वृद्धि में बदलने के लिए संघर्ष कर रही है। वैश्विक आईटी खर्च में सुस्ती और ग्राहकों द्वारा टेक बजट सीमित रखने का असर भी कंपनी के प्रदर्शन पर दिखाई दे रहा है।
45 में से 19 एनालिस्ट्स ने दी Sell की सलाह
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, विप्रो को कवर करने वाले 45 एनालिस्ट्स में से 19 एनालिस्ट्स ने शेयर बेचने (Sell) की सलाह दी है। यह पिछले एक साल में सबसे अधिक नकारात्मक राय मानी जा रही है।
हालांकि, सभी विशेषज्ञ एक जैसी राय नहीं रखते। कुछ ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा कीमतों पर कंपनी की करीब 5% डिविडेंड यील्ड निवेशकों को नीचे के स्तर पर सहारा दे सकती है। इसी वजह से कई विश्लेषकों ने शेयर पर Hold या Neutral रुख अपनाया है।
Nomura की राय: Buy बरकरार, ₹190 का टारगेट
विदेशी ब्रोकरेज Nomura ने विप्रो पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और 190 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है।
ब्रोकरेज के अनुसार:
- जून तिमाही के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे।
- दूसरी तिमाही का गाइडेंस भी निराशाजनक है।
- इसके बावजूद लगभग 5% डिविडेंड यील्ड शेयर को सपोर्ट दे सकती है।
- लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर आकर्षक हो सकते हैं।
Jefferies का नजरिया: Underperform, ₹150 का टारगेट
वैश्विक ब्रोकरेज Jefferies ने विप्रो पर ‘Underperform’ रेटिंग बनाए रखी है और 150 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है।
ब्रोकरेज का कहना है कि:
- पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे।
- Q2 का गाइडेंस भी बाजार को निराश करता है।
- कंपनी पिछले तीन वर्षों से ऑर्गेनिक ग्रोथ हासिल करने में संघर्ष कर रही है।
- FY27 में भी कारोबार में कोई बड़ा सुधार दिखाई नहीं देता।
Jefferies का मानना है कि निकट अवधि में शेयर बाजार से कमजोर प्रदर्शन कर सकता है।
Motilal Oswal ने दी Neutral रेटिंग
घरेलू ब्रोकरेज Motilal Oswal ने विप्रो पर ‘Neutral’ रेटिंग दी है और 160 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।
ब्रोकरेज की प्रमुख बातें:
- कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले लगभग चार वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा।
- कमजोर मार्जिन को देखते हुए FY27 के EPS अनुमान में करीब 3.5% की कटौती की गई है।
- निकट भविष्य में कमाई में तेज सुधार की संभावना सीमित दिखाई देती है।
डिविडेंड निवेशकों के लिए राहत
विप्रो लंबे समय से नियमित डिविडेंड देने वाली आईटी कंपनियों में शामिल रही है। मौजूदा शेयर कीमत पर कंपनी की करीब 5% डिविडेंड यील्ड कई वैल्यू निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
यही कारण है कि जहां ग्रोथ को लेकर चिंता बनी हुई है, वहीं डिविडेंड आय चाहने वाले निवेशक अभी भी इस शेयर में रुचि दिखा रहे हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
यदि आपका निवेश अल्पकालिक है और आप तेज रिटर्न की उम्मीद कर रहे हैं, तो कमजोर गाइडेंस और लगातार दबाव को देखते हुए सावधानी बरतना उचित हो सकता है।
वहीं, यदि आपका निवेश लंबी अवधि का है और आपका उद्देश्य नियमित डिविडेंड के साथ धीरे-धीरे संपत्ति बनाना है, तो कंपनी की आगे की तिमाहियों के प्रदर्शन और बड़े डील्स की प्रगति पर नजर रखना बेहतर रहेगा।
ब्रोकरेज हाउसों की राय से साफ है कि फिलहाल विप्रो को लेकर बाजार पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। इसलिए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने जोखिम प्रोफाइल और वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।


