Waterways Leisure Tourism Stock Split: वॉटरवेज लीशर टूरिज्म के शेयरों में बीते एक सप्ताह में करीब 16% की तेजी आई है। अब कंपनी के शेयर स्टॉक स्प्लिट होने जा रहे हैं। कंपनी ने इसके लिए 25 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इस कॉरपोरेट एक्शन के बाद 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में बदल जाएगा।
क्रूज ऑपरेटर Waterways Leisure Tourism जुलाई 2026 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। कंपनी का आईपीओ करीब 585 करोड़ रुपये का था। कंपनी Cordelia Cruises ब्रांड के तहत क्रूज कारोबार संचालित करती है और इसे भारत की पहली लिस्टेड क्रूज कंपनी के तौर पर जाना जाता है।
10 शेयरों में बदल जाएगा 1 शेयर
कंपनी के स्टॉक स्प्लिट के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक इक्विटी शेयर 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 इक्विटी शेयरों में विभाजित होगा। इसके लिए 25 अगस्त 2026 रिकॉर्ड डेट निर्धारित की गई है।
रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रजिस्टर ऑफ मेंबर्स या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड में जिन निवेशकों के नाम शेयरधारक के रूप में दर्ज होंगे, वे स्टॉक स्प्लिट के लिए पात्र होंगे। स्टॉक स्प्लिट के बाद निवेशकों के पास शेयरों की संख्या 10 गुना हो जाएगी, जबकि कुल निवेश मूल्य में तत्काल कोई बदलाव नहीं होता है।
एक सप्ताह में 16% चढ़ा शेयर
वॉटरवेज लीशर टूरिज्म के शेयर में हाल के दिनों में मजबूत तेजी देखने को मिली है। 21 अगस्त 2026 को BSE पर शेयर करीब 6.5% की बढ़त के साथ 969 रुपये पर बंद हुआ। इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप 7,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है।
बीते एक सप्ताह में शेयर करीब 16% मजबूत हुआ है। BSE पर इसका अब तक का रिकॉर्ड हाई 987 रुपये है, जबकि रिकॉर्ड लो 623.30 रुपये रहा है। शेयर का अपर प्राइस बैंड 1,000.90 रुपये और लोअर प्राइस बैंड 819 रुपये है। इसकी सर्किट लिमिट 10% है।
स्टॉक स्प्लिट के बाद शेयर की फेस वैल्यू घटकर 1 रुपये हो जाएगी। आमतौर पर कम फेस वैल्यू और कम प्रति शेयर कीमत से शेयर की ट्रेडिंग और लिक्विडिटी में बदलाव देखने को मिल सकता है, हालांकि इससे कंपनी के कारोबार या कुल वैल्यू में अपने आप कोई बदलाव नहीं होता।
IPO के जरिए जुटाए थे 585 करोड़ रुपये
Waterways Leisure Tourism जुलाई 2026 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई। कंपनी का आईपीओ करीब 585 करोड़ रुपये का था, जिसमें 72 लाख नए शेयर जारी किए गए थे।
कंपनी Cordelia Cruises ब्रांड के तहत भारत में प्रीमियम क्रूज सेवाएं संचालित करती है। जून 2026 के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 89.35% थी।
जून तिमाही में 190 करोड़ रुपये का रेवेन्यू
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो अप्रैल-जून 2026 तिमाही में Waterways Leisure Tourism का स्टैंडअलोन आधार पर रेवेन्यू 190.11 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान कंपनी ने 27.35 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) करीब 4.19 रुपये रही।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 52.14 करोड़ रुपये रहा। वहीं, इससे पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 168.19 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल इनकम 586.99 करोड़ रुपये रही, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 597.68 करोड़ रुपये थी। कंपनी पर वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में करीब 101.90 करोड़ रुपये की उधारी थी।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
स्टॉक स्प्लिट को लेकर निवेशकों में अक्सर यह धारणा बन जाती है कि शेयर सस्ता होने के कारण इसमें तेजी आ सकती है। हालांकि, सिर्फ स्टॉक स्प्लिट अपने आप में कंपनी की वैल्यू नहीं बढ़ाता। स्प्लिट के बाद शेयरों की संख्या बढ़ती है और प्रति शेयर कीमत समायोजित होती है।
इसलिए Waterways Leisure Tourism में निवेश का फैसला करते समय कंपनी की कमाई, क्रूज कारोबार की ग्रोथ, कर्ज, वैल्यूएशन और भविष्य की कारोबारी संभावनाओं को भी देखना जरूरी है। हाल में शेयर में आई तेज तेजी के कारण निवेशकों को केवल स्टॉक स्प्लिट के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और अपनी जोखिम क्षमता का मूल्यांकन करें तथा जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं देता।


