Visa Layoffs: दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनियों में शामिल Visa ने अपने वैश्विक कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती करने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अपने कुल वर्कफोर्स के करीब 7% यानी लगभग 2,600 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। इस खबर के बाद टेक और फाइनेंस सेक्टर में एक बार फिर AI और कॉर्पोरेट कॉस्ट कटिंग को लेकर बहस तेज हो गई है।
Highlights
- Visa अपने वैश्विक कर्मचारियों का करीब 7% घटा रही है।
- लगभग 2,600 कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ेगा।
- AI, लागत में कटौती और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
- सोशल मीडिया पर पूर्व कर्मचारियों ने फैसले पर सवाल उठाए हैं।
Visa में क्यों हो रही है इतनी बड़ी छंटनी?
My entire team at Visa just got laid off including my manager.
The guy had end-to-end ownership of the product, outstanding performance reviews every cycle, and was probably the last person you’d expect to be let go.
Feeling shocked. And strangely lucky that I left Visa.
— Arnab Das (@unfilteredDas) July 30, 2026 Visa ने आधिकारिक तौर पर संकेत दिया है कि कंपनी अपने बिजनेस मॉडल को अधिक कुशल (Efficient) बनाने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी का कहना है कि बदलते डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम और तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के बीच उसे अपने ऑपरेशन में बदलाव करना जरूरी हो गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस रीस्ट्रक्चरिंग के तहत करीब 2,600 कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित हो सकती है। यह संख्या कंपनी के कुल वैश्विक कर्मचारियों का लगभग 7% है।
क्या AI की वजह से जा रही हैं नौकरियां?
Visa के CEO Ryan McInerney ने कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक संदेश में कहा कि कंपनी को भविष्य की जरूरतों के अनुसार खुद को लगातार बदलना होगा। उन्होंने बताया कि AI की मदद से कई दोहराए जाने वाले कार्य (Repetitive Tasks) अब पहले की तुलना में अधिक तेजी और कम संसाधनों में पूरे हो रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल AI को इस छंटनी की वजह मानना सही नहीं होगा। बड़ी कंपनियां अक्सर लागत कम करने, मुनाफा बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए भी कर्मचारियों की संख्या घटाती हैं।
सोशल मीडिया पर पूर्व कर्मचारी ने उठाए सवाल
Visa के पूर्व कर्मचारी अर्णब दास (Arnab Das) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि उनकी पूरी टीम को कंपनी से बाहर कर दिया गया। उन्होंने लिखा कि उनके पूर्व मैनेजर को लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन (Outstanding Rating) मिलती थी और उनके पास महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी थी।
इसके बावजूद उन्हें बेंगलुरु ऑफिस से हटाए जाने पर अर्णब ने हैरानी जताई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्होंने समय रहते कंपनी छोड़ दी थी।
क्या परफॉर्मेंस की वजह से हुई छंटनी?
अर्णब दास की पोस्ट पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बड़ी कंपनियों में होने वाली छंटनी का संबंध हमेशा कर्मचारियों की परफॉर्मेंस से नहीं होता।
कई लोगों का मानना है कि जब कंपनियां लागत घटाने का फैसला करती हैं तो वे सबसे पहले उन विभागों या पदों की समीक्षा करती हैं, जहां खर्च अधिक होता है या जिनकी भूमिका को दोबारा व्यवस्थित किया जा सकता है। ऐसे फैसलों का असर कई बार अच्छे प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों पर भी पड़ता है।
कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
रिपोर्ट्स के अनुसार, Visa के कई कार्यालयों में कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता का माहौल है। कई कर्मचारियों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है। कॉर्पोरेट सेक्टर में लगातार हो रही छंटनी के कारण टेक और फाइनेंस इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स भी सतर्क हो गए हैं।
Visa में कितने कर्मचारी हैं?
Visa की वित्त वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी में लगभग 34,100 कर्मचारी कार्यरत थे। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में करीब 8% अधिक थी।
अब कंपनी अपने खर्चों को नियंत्रित करने, उत्पादकता बढ़ाने और AI आधारित कार्यप्रणाली अपनाने के लिए संगठनात्मक बदलाव कर रही है। इसी रणनीति के तहत कर्मचारियों की संख्या में कटौती की जा रही है।
क्या ग्राहकों पर पड़ेगा असर?
फिलहाल Visa की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है कि इस छंटनी का असर उसके कार्डधारकों, बैंकिंग पार्टनर्स या डिजिटल पेमेंट सेवाओं पर पड़ेगा। यह कदम मुख्य रूप से कंपनी के आंतरिक पुनर्गठन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।


