नई दिल्ली: भारत में चाय और बिस्कुट का रिश्ता दशकों पुराना है और जब बिस्कुट की बात आती है तो सबसे पहले जिन नामों का ख्याल आता है, उनमें Britannia सबसे आगे है। Good Day, Marie Gold, Tiger और 50-50 जैसे ब्रांड आज लगभग हर भारतीय घर का हिस्सा हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस दिग्गज FMCG कंपनी की शुरुआत आज से 133 साल पहले महज 295 रुपये की पूंजी से हुई थी। ब्रिटिश शासन के दौर में एक छोटे से कमरे से शुरू हुई यह कंपनी आज 1.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक मार्केट कैप वाली वैश्विक FMCG कंपनी बन चुकी है और इसके उत्पाद 60 से ज्यादा देशों में बिकते हैं।
Highlights
- 1892 में सिर्फ ₹295 की शुरुआती पूंजी से हुई थी शुरुआत।
- कोलकाता के एक छोटे से कमरे से शुरू हुआ था कारोबार।
- 1910 में बिजली से चलने वाली मशीनों से उत्पादन शुरू किया।
- 1990 के दशक में वाडिया ग्रुप ने कंपनी पर नियंत्रण हासिल किया।
- आज 60 से अधिक देशों में मौजूदगी और 1.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मार्केट कैप।
1892 में रखी गई थी Britannia की नींव
Britannia की शुरुआत वर्ष 1892 में ब्रिटिश शासन के दौरान कोलकाता में हुई थी। उस समय कुछ ब्रिटिश व्यापारियों ने मिलकर मात्र 295 रुपये की पूंजी से इस बिस्कुट कारोबार की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में बिस्कुट हाथों से बनाए जाते थे और उत्पादन बेहद सीमित था।
बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने बाद में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नए साझेदारों और आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। यही वह दौर था जिसने Britannia को एक छोटे स्थानीय कारोबार से संगठित उद्योग की दिशा में आगे बढ़ाया।
बिजली से चलने वाली मशीनों ने बदली तस्वीर
साल 1910 Britannia के इतिहास का बड़ा मोड़ साबित हुआ। कंपनी ने पहली बार बिजली से चलने वाली मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया, जिससे उत्पादन कई गुना बढ़ गया और गुणवत्ता भी बेहतर हुई।
इसके बाद 1918 में कंपनी का आधिकारिक नाम The Britannia Biscuit Company Limited रखा गया। आने वाले वर्षों में कंपनी ने लगातार विस्तार किया और पूरे भारत में अपनी मजबूत पहचान बना ली।
क्यों हटाया गया ‘Biscuit’ शब्द?
समय के साथ Britannia ने सिर्फ बिस्कुट तक खुद को सीमित नहीं रखा। कंपनी ने ब्रेड, केक और अन्य खाद्य उत्पादों के कारोबार में भी कदम रखा। इसी रणनीति के तहत 1979 में कंपनी ने अपने नाम से “Biscuit” शब्द हटा दिया और नया नाम Britannia Industries Limited रख दिया।
यह बदलाव इस बात का संकेत था कि कंपनी अब एक व्यापक FMCG ब्रांड बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
वाडिया ग्रुप की एंट्री से बदली कंपनी की दिशा
Britannia के इतिहास में सबसे बड़ा बदलाव 1990 के दशक में आया। उस समय कंपनी के नियंत्रण को लेकर बड़ा कॉर्पोरेट संघर्ष देखने को मिला। इस मुकाबले में उद्योगपति नुस्ली वाडिया विजेता बनकर उभरे और Britannia पर Wadia Group का नियंत्रण स्थापित हो गया।
इसके बाद कंपनी ने नए उत्पाद लॉन्च किए, वितरण नेटवर्क मजबूत किया और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी से विस्तार किया। आज भी Britannia, वाडिया ग्रुप की सबसे महत्वपूर्ण कंपनियों में शामिल है।
सिर्फ बिस्कुट नहीं, अब बड़ा FMCG ब्रांड
आज Britannia का कारोबार केवल बिस्कुट तक सीमित नहीं है। कंपनी कई खाद्य श्रेणियों में अपनी मजबूत मौजूदगी रखती है।
कंपनी के प्रमुख ब्रांडों में शामिल हैं—
- Good Day
- Marie Gold
- Tiger
- NutriChoice
- 50-50
- Milk Bikis
- Bourbon
- Little Hearts
इसके अलावा कंपनी ब्रेड, रस्क, केक, चीज, डेयरी उत्पाद और अन्य बेकरी आइटम भी बड़े पैमाने पर तैयार करती है।
60 से ज्यादा देशों में पहुंचा कारोबार
Britannia ने पिछले कुछ दशकों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मजबूत विस्तार किया है। आज कंपनी के उत्पाद 60 से अधिक देशों में उपलब्ध हैं। भारत के अलावा मध्य पूर्व, अफ्रीका, एशिया और अन्य कई क्षेत्रों में भी कंपनी की अच्छी मौजूदगी है।
आज कितना बड़ा है Britannia का कारोबार?
महज 295 रुपये से शुरू हुई Britannia आज भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में शामिल है।
- सालाना रेवेन्यू: 16,000–17,000 करोड़ रुपये से अधिक
- उत्पादों की मौजूदगी: 60+ देश
- मार्केट कैपिटलाइजेशन: करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये
- भारत के बिस्कुट बाजार में अग्रणी कंपनियों में शामिल
133 वर्षों का यह सफर इस बात का उदाहरण है कि छोटी शुरुआत, तकनीकी बदलाव, मजबूत ब्रांडिंग और सही नेतृत्व किसी कंपनी को वैश्विक पहचान दिला सकते हैं।


