Bajaj Finserv Share Price: बजाज ग्रुप की प्रमुख वित्तीय सेवा कंपनी बजाज फिनसर्व ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। मजबूत मुनाफे, शुद्ध ब्याज आय (NII) में 20% की बढ़ोतरी और नए री-इंश्योरेंस बिजनेस में एंट्री की घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। शुक्रवार (31 जुलाई) को BSE पर शेयर करीब 6% तक उछलकर 2,025.45 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया।
कंपनी का मार्केट कैप भी बढ़कर 3.22 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। निवेशकों ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की ग्रोथ रणनीति का सकारात्मक स्वागत किया।
Highlights
- Q1 FY27 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18% बढ़कर 6,296.67 करोड़ रुपये
- शेयरधारकों के लिए नेट प्रॉफिट 3,132.35 करोड़ रुपये
- NII में 20% की बढ़ोतरी, 14,528 करोड़ रुपये पर पहुंची
- कुल आय 19% बढ़कर 42,036.90 करोड़ रुपये
- शेयर में रिजल्ट के बाद 6% तक की तेजी
- री-इंश्योरेंस बिजनेस में उतरने की बोर्ड से मंजूरी
Q1 रिजल्ट: मुनाफे और आय दोनों में दमदार बढ़ोतरी
बजाज फिनसर्व ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18% बढ़कर 6,296.67 करोड़ रुपये रहा। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 5,329.17 करोड़ रुपये था।
वहीं, कंपनी के मालिकों (Owners) के लिए शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 2,789.05 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,132.35 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी की कुल आय (Total Income) भी सालाना आधार पर 19% बढ़कर 42,036.90 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष यह 35,300.02 करोड़ रुपये थी।
हालांकि खर्च भी बढ़े हैं। जून 2026 तिमाही में कुल खर्च 33,109.82 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष 28,097 करोड़ रुपये था।
NII में 20% की मजबूत ग्रोथ
बजाज फिनसर्व की शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income – NII) जून तिमाही में 20% बढ़कर 14,528 करोड़ रुपये रही। पिछले वर्ष समान अवधि में यह 12,083 करोड़ रुपये थी।
कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई और यह 33,027 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मजबूत लोन ग्रोथ और वित्तीय सेवाओं की बढ़ती मांग ने कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती दी।
री-इंश्योरेंस बिजनेस में रखेगी कदम
बोर्ड ने कंपनी की नई स्थापित सब्सिडियरी के जरिए री-इंश्योरेंस (Reinsurance) कारोबार शुरू करने की मंजूरी भी दे दी है। हालांकि, इस कारोबार को शुरू करने से पहले IRDAI और अन्य नियामकीय संस्थाओं से मंजूरी लेना जरूरी होगा।
क्या होता है री-इंश्योरेंस?
री-इंश्योरेंस को आसान भाषा में “बीमा कंपनियों का बीमा” कहा जाता है।
इस व्यवस्था में बीमा कंपनी अपने ऊपर लिए गए बड़े जोखिम का एक हिस्सा किसी दूसरी री-इंश्योरेंस कंपनी को ट्रांसफर कर देती है। इससे प्राकृतिक आपदा, बड़े क्लेम या अन्य जोखिमों की स्थिति में बीमा कंपनियों पर वित्तीय दबाव कम होता है। यह सेवा आम ग्राहकों के लिए नहीं बल्कि बीमा कंपनियों के बीच होती है।
एक महीने में 13% चढ़ा शेयर
बजाज फिनसर्व का शेयर पिछले एक महीने में लगभग 13% की तेजी दर्ज कर चुका है। कंपनी की फेस वैल्यू 1 रुपये है।
जून 2026 के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 58.71% रही।
BSE पर 52 सप्ताह का प्रदर्शन
- 52-Week High (Adjusted): 2,194.65 रुपये
- 52-Week Low (Adjusted): 1,598.15 रुपये
मजबूत तिमाही नतीजों, वित्तीय सेवाओं के विस्तार और री-इंश्योरेंस जैसे नए कारोबार में एंट्री की योजना से निवेशकों का भरोसा कंपनी पर और मजबूत होता दिखाई दे रहा है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


