नई दिल्ली। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) की हाल ही में डीमर्जर के बाद सूचीबद्ध हुई कंपनियों के शेयरों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। इसकी सबसे बड़ी वजह रही T2T (Trade-to-Trade) सेगमेंट से बाहर आना, जिसके बाद इन शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग शुरू हो गई। बढ़ी हुई लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम के चलते कई शेयरों में शानदार उछाल दर्ज किया गया।
सबसे ज्यादा तेजी Vedanta Oil and Gas Ltd में रही, जहां शेयर सीधे 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। वहीं Vedanta Iron and Steel Ltd में भी 10% का अपर सर्किट लगा। हालांकि, दूसरी ओर ग्रुप की पैरेंट कंपनी Vedanta Ltd के शेयर दबाव में रहे और गिरावट के साथ बंद हुए।
क्यों आई शेयरों में अचानक इतनी तेजी?
वेदांता लिमिटेड के डीमर्जर के बाद बनी चार नई कंपनियां 15 जून 2026 को शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई थीं। बाजार नियामक के नियमों के अनुसार, नई लिस्टिंग वाले इन शेयरों को शुरुआती 10 ट्रेडिंग सेशन के लिए T2T सेगमेंट में रखा गया था।
इस दौरान:
- केवल डिलीवरी आधारित ट्रेडिंग की अनुमति थी।
- इंट्राडे ट्रेडिंग पूरी तरह बंद थी।
- शेयरों पर केवल 5% का सर्किट लिमिट लागू था।
अब 10 ट्रेडिंग सेशन पूरे होने के बाद इन शेयरों को सामान्य ट्रेडिंग सेगमेंट में स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके साथ ही इंट्राडे ट्रेडिंग शुरू हो गई, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम और निवेशकों की भागीदारी दोनों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली।
किस शेयर में कितनी रही तेजी?
1. Vedanta Oil and Gas Ltd
इस कंपनी के शेयर में सबसे बड़ी तेजी दर्ज हुई। शेयर 20% के अपर सर्किट के साथ 38.76 रुपये पर बंद हुआ।
2. Vedanta Power Ltd
कारोबार के दौरान यह शेयर 17.12% तक उछलकर 47.20 रुपये पहुंच गया। हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और अंततः 9.80% की बढ़त के साथ 44.25 रुपये पर बंद हुआ।
3. Vedanta Iron and Steel Ltd
इस शेयर में भी निवेशकों की जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। शेयर 10% के अपर सर्किट के साथ 38.77 रुपये पर बंद हुआ।
4. Vedanta Aluminium Metal Ltd
ग्रुप की इस कंपनी में सीमित तेजी देखने को मिली। शेयर 0.36% बढ़कर 452 रुपये पर बंद हुआ।
पैरेंट कंपनी Vedanta Ltd में क्यों रही गिरावट?
जहां डीमर्जर के बाद बनी नई कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली, वहीं Vedanta Ltd के शेयर दबाव में रहे।
बुधवार को कंपनी का शेयर 1.89% गिरकर 275.50 रुपये पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डीमर्जर के बाद निवेशकों का फोकस फिलहाल नई कंपनियों पर अधिक है, जबकि पैरेंट कंपनी में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली।
T2T सेगमेंट क्या होता है?
T2T यानी Trade-to-Trade Segment ऐसा सेगमेंट है जहां शेयरों की खरीद-बिक्री केवल डिलीवरी के आधार पर होती है।
इसमें:
- इंट्राडे ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होती।
- खरीदे गए शेयरों की डिलीवरी लेना अनिवार्य होता है।
- बेचे गए शेयरों की वास्तविक डिलीवरी देनी होती है।
- इसका उद्देश्य अत्यधिक सट्टेबाजी और असामान्य उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण रखना होता है।
नई लिस्ट होने वाली कंपनियों को शुरुआती दिनों में अक्सर इसी सेगमेंट में रखा जाता है ताकि ट्रेडिंग व्यवस्थित बनी रहे।
निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वेदांता समूह की नई कंपनियों को लेकर निवेशकों का उत्साह काफी मजबूत है, लेकिन इतनी तेज तेजी के बाद सावधानी बरतना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- केवल तेजी देखकर खरीदारी करने से बचें।
- तेज उछाल के बाद शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली संभव है।
- नए निवेशकों को बेहतर एंट्री के लिए गिरावट का इंतजार करना चाहिए।
- निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, वैल्यूएशन और जोखिम का आकलन करना जरूरी है।
आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इन कंपनियों के:
- पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों,
- कारोबार के प्रदर्शन,
- डीमर्जर के बाद स्वतंत्र विकास रणनीति,
- और मैनेजमेंट की भविष्य की योजनाओं
पर रहेगी। यदि कंपनियां मजबूत प्रदर्शन करती हैं तो इन शेयरों में आगे भी निवेशकों की रुचि बनी रह सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


