नई दिल्ली। अगर आप नौकरी करते हैं और हर महीने आपकी सैलरी से Provident Fund (PF) कटता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी तीन पुरानी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को नए नियमों के तहत अपडेट कर दिया है। इनमें 74 साल पुरानी EPF Scheme, 1952, 50 साल पुरानी Employees’ Family Pension Scheme, 1971 और 31 साल पुरानी Employees’ Pension Scheme (EPS), 1995 शामिल हैं।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इन्हें Code on Social Security, 2020 के अनुरूप नया स्वरूप देते हुए Employees’ Pension Scheme (EPS), 2026, Employees’ Provident Fund Scheme, 2026 और Employees’ Deposit Linked Insurance (EDLI) Scheme, 2026 को अधिसूचित किया है। ये नए नियम 29 जून 2026 से प्रभावी हो गए हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि नई व्यवस्था में पेंशन क्लेम का निपटारा तय समय में होगा, डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा और EPFO की ओर से अनावश्यक देरी होने पर 12% ब्याज देने का भी प्रावधान किया गया है।
Highlights
- EPFO ने 74, 50 और 31 साल पुरानी योजनाओं को अपडेट किया।
- 29 जून 2026 से नई EPS-2026 लागू।
- पेंशन क्लेम का निपटारा 20 दिनों में होगा।
- देरी होने पर 12% ब्याज देने का प्रावधान।
- डिजिटल कंप्लायंस और ऑनलाइन प्रक्रियाओं को बनाया गया मजबूत।
किन योजनाओं को किया गया अपडेट?
New EPFO Schemes Notified
Employees’ Provident Fund Scheme, 2026
Employees’ Pension Scheme, 2026
Employees’ Deposit Linked Insurance Scheme, 2026
Ensuring Social Security for All#EPFO #EPFOWithYou #HumHainNa pic.twitter.com/NRo7mv5Xms
— EPFO (@officialepfo) July 1, 2026 EPFO ने जिन तीन प्रमुख योजनाओं को नया स्वरूप दिया है, उनमें शामिल हैं—
- Employees’ Provident Fund Scheme, 1952 → अब EPF Scheme, 2026
- Employees’ Pension Scheme (EPS), 1995 → अब Employees’ Pension Scheme, 2026
- Employees’ Deposit Linked Insurance (EDLI) Scheme → अब EDLI Scheme, 2026
इसके साथ ही Employees’ Family Pension Scheme, 1971 को भी नए पेंशन ढांचे में समाहित कर दिया गया है।
इन सभी बदलावों का उद्देश्य Code on Social Security, 2020 के तहत सामाजिक सुरक्षा कानूनों को आधुनिक और डिजिटल बनाना है।
किसे मिलेगा नई EPF-2026 स्कीम का लाभ?
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार—
- जो कर्मचारी पहले EPF Scheme, 1952 के सदस्य थे, वे स्वतः नई योजना के सदस्य माने जाएंगे।
- जो कर्मचारी पहले EPS-1995 या Family Pension Scheme-1971 के सदस्य थे या सदस्य बनने के पात्र थे, उन्हें भी नई EPS-2026 का लाभ मिलेगा।
- मौजूदा PF खाताधारकों को अलग से नया रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी।
क्या बदला और क्या पहले जैसा रहेगा?
नई स्कीम में कई प्रशासनिक और डिजिटल बदलाव किए गए हैं, लेकिन कुछ मूल नियम पहले जैसे ही रहेंगे।
पहले जैसे रहने वाले नियम
- कर्मचारी का PF योगदान 12% रहेगा।
- नियोक्ता का योगदान भी 12% रहेगा।
- नोटिफाइड संस्थानों के लिए 10% योगदान का प्रावधान जारी रहेगा।
- EPS में नियोक्ता की ओर से 8.33% योगदान पहले की तरह रहेगा।
- केंद्र सरकार की ओर से 1.16% योगदान भी जारी रहेगा।
- न्यूनतम पेंशन और पेंशन फॉर्मूला में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पेंशन क्लेम पर सबसे बड़ा बदलाव
नई Employees’ Pension Scheme, 2026 में सबसे बड़ा बदलाव क्लेम प्रक्रिया को लेकर किया गया है।
अब—
- पेंशन क्लेम का निपटारा 20 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है।
- यदि EPFO बिना उचित कारण के क्लेम में देरी करता है तो लाभार्थी को 12% वार्षिक ब्याज मिलेगा।
- इससे कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।
डिजिटल सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
नई स्कीम के तहत अधिकांश प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाया जाएगा।
इसके तहत—
- ऑनलाइन रिकॉर्ड प्रबंधन मजबूत होगा।
- डिजिटल वेरिफिकेशन को बढ़ावा मिलेगा।
- नियोक्ताओं के लिए डिजिटल अनुपालन (Digital Compliance) अनिवार्य होगा।
- EPF ट्रस्टों की निगरानी और गवर्नेंस को और सख्त किया जाएगा।
इससे कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के लिए प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और तेज होने की उम्मीद है।
ज्यादा पेंशन को लेकर भी प्रावधान
नई EPS-2026 में उच्च पेंशन (Higher Pension) से जुड़े प्रावधानों को भी शामिल किया गया है ताकि पात्र कर्मचारियों के मामलों का निपटारा स्पष्ट नियमों के तहत किया जा सके।
हालांकि, इसके लिए पात्रता और प्रक्रिया पहले से लागू नियमों एवं न्यायालय के आदेशों के अनुरूप ही रहेगी।
सरकारी योगदान पर न्यूनतम रिटर्न
नई योजना में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सरकार की ओर से किए जाने वाले योगदान पर न्यूनतम रिटर्न का प्रावधान रहेगा। इससे पेंशन फंड के प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता और स्थिरता लाने की कोशिश की गई है।
क्या बदल गया है PF योगदान?
कई कर्मचारियों के मन में सवाल है कि क्या अब PF ज्यादा कटेगा?
इसका जवाब नहीं है।
नई योजना में—
- कर्मचारी का योगदान 12%
- नियोक्ता का योगदान 12%
- EPS में नियोक्ता का 8.33%
- सरकार का 1.16%
पहले की तरह ही जारी रहेगा।
यानी कर्मचारियों की सैलरी से कटने वाली राशि में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?
नई व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को कई फायदे मिल सकते हैं—
- पेंशन क्लेम का तेजी से निपटारा।
- देरी होने पर ब्याज का लाभ।
- डिजिटल सेवाओं के कारण कम दस्तावेजी परेशानी।
- अधिक पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली।
- EPFO सेवाओं में ऑनलाइन प्रक्रियाओं का विस्तार।
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को एक समान कानूनी ढांचे में लाना।
EPS-2026 के प्रमुख बदलाव एक नजर में
- 20 दिनों में पेंशन क्लेम निपटाने का लक्ष्य।
- देरी होने पर 12% ब्याज।
- डिजिटल कंप्लायंस अनिवार्य।
- ऑनलाइन प्रक्रियाओं को प्राथमिकता।
- उच्च पेंशन संबंधी प्रावधान शामिल।
- सरकारी योगदान पर न्यूनतम रिटर्न।
- नई सामाजिक सुरक्षा संहिता के अनुरूप पूरी व्यवस्था।
निष्कर्ष
EPFO द्वारा लागू की गई नई EPF, EPS और EDLI-2026 योजनाओं का उद्देश्य कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को अधिक आधुनिक, डिजिटल और जवाबदेह बनाना है। राहत की बात यह है कि कर्मचारियों के PF योगदान या पेंशन के मूल फॉर्मूले में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन क्लेम प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना और देरी पर 12% ब्याज का प्रावधान कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि आपकी सैलरी से PF कटता है, तो इन नए नियमों की जानकारी रखना आपके लिए बेहद जरूरी है।


