भारतीय रेलवे ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए एक लाइव डोनर हार्ट को सफलतापूर्वक एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाया। यह जीवनरक्षक मिशन मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से पूरा किया गया, जिसमें डोनर हार्ट को सूरत से अहमदाबाद स्थित यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर तक सुरक्षित और समय पर पहुंचाया गया।
ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में भारतीय रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), गुजरात पुलिस और मेडिकल टीमों के बीच बेहतरीन तालमेल ने इस मिशन को सफल बनाया। यह पहली बार है जब भारत में ट्रेन के जरिए लाइव डोनर हार्ट का परिवहन किया गया, जिसे भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
समय के खिलाफ थी यह दौड़
A heartbeat of hope, delivered on time!
For the first time, a 'live human heart' was transported by Vande Bharat Express from Surat to Ahmedabad for a life-saving transplant.
A remarkable example of seamless coordination between Indian Railways, RPF and State Administration-… pic.twitter.com/SkiLIXwDZP
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) July 31, 2026 हार्ट ट्रांसप्लांट एक समयबद्ध चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसमें डोनर हार्ट को सीमित समय के भीतर मरीज तक पहुंचाना अनिवार्य होता है। इस चुनौती को देखते हुए रेलवे और प्रशासन ने पहले से विस्तृत योजना तैयार की।
वंदे भारत एक्सप्रेस से हार्ट को सूरत से अहमदाबाद लाया गया। ट्रेन के निर्धारित समय पर पहुंचने के बाद अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से यूएन मेहता अस्पताल तक विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, ताकि एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के अस्पताल पहुंच सके और ट्रांसप्लांट प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा सके।
रेलवे, RPF और गुजरात पुलिस का शानदार समन्वय
इस मिशन को सफल बनाने में भारतीय रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), गुजरात राज्य पुलिस, डॉक्टरों, अंग प्रत्यारोपण समन्वयकों और रेलवे अधिकारियों ने संयुक्त रूप से काम किया। पूरे ऑपरेशन के दौरान हर चरण की निगरानी की गई ताकि कहीं भी समय की बर्बादी न हो।
ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था के कारण अस्पताल तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हुआ और डोनर हार्ट सुरक्षित रूप से ट्रांसप्लांट सेंटर तक पहुंच गया।
DRM ने बताया गर्व का क्षण
अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह भारतीय रेलवे के लिए बेहद गर्व और संतोष का विषय है।
उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से सूरत से अहमदाबाद तक लाइव डोनर हार्ट का सफल परिवहन यह दर्शाता है कि भारतीय रेलवे अब केवल यात्रियों और माल ढुलाई तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव जीवन बचाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है।
उनके अनुसार, ऐसे जीवनरक्षक अभियानों में हर मिनट की अहमियत होती है और रेलवे, RPF, गुजरात पुलिस तथा मेडिकल टीमों के बीच उत्कृष्ट समन्वय ने इस मिशन को सफल बनाया।
वंदे भारत की गति और विश्वसनीयता फिर हुई साबित
इस मिशन ने एक बार फिर साबित किया कि वंदे भारत एक्सप्रेस केवल तेज रफ्तार ट्रेन ही नहीं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी भरोसेमंद परिवहन माध्यम बन सकती है। समय की पाबंदी और आधुनिक संचालन व्यवस्था के कारण यह ट्रेन ऐसे संवेदनशील मिशनों के लिए प्रभावी विकल्प बनकर सामने आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यदि जरूरत पड़ती है तो देश के विभिन्न हिस्सों में अंग प्रत्यारोपण से जुड़े मिशनों में भी हाई-स्पीड ट्रेनों का उपयोग बढ़ सकता है।
भारत के हेल्थकेयर सिस्टम के लिए बड़ी उपलब्धि
इस सफल मिशन ने यह भी दिखाया कि आधुनिक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। समय पर अंग उपलब्ध होने से मरीजों की जान बचाने की संभावना बढ़ती है और ट्रांसप्लांट की सफलता भी बेहतर होती है।
भारतीय रेलवे ने इस मिशन को सफल बनाने में शामिल रेलवे सुरक्षा बल, गुजरात पुलिस, डॉक्टरों, अंग प्रत्यारोपण समन्वयकों और सभी रेलवे अधिकारियों के योगदान की सराहना की है।


