Bullet Train News: भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर पर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक परियोजना का 61% से अधिक काम पूरा हो चुका है। सरकार के अनुसार इस मेगा प्रोजेक्ट पर अब तक 90,966.89 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहली बुलेट ट्रेन के संचालन की संभावित तारीख और पहले चरण की भी जानकारी दी है।
अगस्त 2027 में शुरू होगा पहला कमर्शियल रन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक भारत की पहली बुलेट ट्रेन का पहला कमर्शियल ऑपरेशन अगस्त 2027 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआत सूरत से वापी के बीच लगभग 100 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर होगी।
इसके बाद परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
बुलेट ट्रेन शुरू होने का प्लान
- पहला चरण: सूरत – वापी (अगस्त 2027)
- दूसरा चरण: वापी – अहमदाबाद
- तीसरा चरण: ठाणे – अहमदाबाद
- अंतिम चरण: पूरा मुंबई – अहमदाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर
सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2029 तक पूरा 508 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर चालू हो जाए।
61% काम पूरा, 90 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की जून रिपोर्ट के अनुसार परियोजना पर अब तक 90,966.89 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
सरकार के मुताबिक निर्माण कार्य लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है और कॉरिडोर की कुल फिजिकल प्रोग्रेस 61 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।
परियोजना की लागत 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये थी। हालांकि निर्माण कार्य, महंगाई और अन्य तकनीकी कारणों से परियोजना की कुल लागत बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त लागत का भार भारतीय रेलवे खुद वहन करेगा और इसके लिए JICA (Japan International Cooperation Agency) से अतिरिक्त कर्ज लेने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
ग्राउंड पर कितना काम पूरा हुआ?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार परियोजना में कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
- 209 किलोमीटर ट्रैक बेड तैयार
- 190 किलोमीटर तक ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन के मस्तूल स्थापित
- 452 किलोमीटर पियर्स का निर्माण पूरा
- 356 किलोमीटर गर्डर लॉन्चिंग पूरी
- 21 किलोमीटर लंबी अंडर-सी टनल का निर्माण जारी
- 4.8 किलोमीटर टनलिंग पूरी
वहीं, सूरत-वापी (97 किमी) सेक्शन में सभी प्रमुख सिविल कार्य पूरे हो चुके हैं और यहां 86% ट्रैक बेड तैयार कर दिया गया है।
पूरे कॉरिडोर का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा एलिवेटेड (Elevated) बनाया जा रहा है, जबकि शेष भाग टनल, ब्रिज और स्टेशन क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है।
किन 12 स्टेशनों पर रुकेगी बुलेट ट्रेन?
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं।
- मुंबई
- ठाणे
- विरार
- बोईसर
- वापी
- बिलिमोरा
- सूरत
- भरूच
- वडोदरा
- आनंद
- अहमदाबाद
- साबरमती
यह कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा।
320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
पूरी परियोजना चालू होने के बाद बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
यात्रा समय इस प्रकार रहेगा—
- केवल 4 प्रमुख स्टॉप पर रुकने वाली ट्रेन: लगभग 1 घंटा 58 मिनट
- सभी 12 स्टेशनों पर रुकने वाली ट्रेन: लगभग 2 घंटे 17 मिनट
इससे वर्तमान की तुलना में मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और पश्चिम भारत के दो बड़े औद्योगिक एवं व्यापारिक केंद्र पहले से कहीं बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे।
क्या है इस परियोजना का महत्व?
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है, जिसमें जापान की शिंकानसेन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद देश में तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल परिवहन का नया अध्याय शुरू होगा। इसके साथ ही उद्योग, पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


