UPL Share Price Today: एग्रोकेमिकल सेक्टर की दिग्गज कंपनी UPL Ltd के शेयरों में मंगलवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर में 5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स के टॉप लूजर्स में शामिल हो गया। पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के बाद कंपनी के कमजोर आउटलुक और मैनेजमेंट की सतर्क टिप्पणियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
UPL Share Price में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
दोपहर करीब 1:05 बजे UPL का शेयर 34.15 रुपये (5.51%) की गिरावट के साथ करीब 585 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
आज के प्रमुख आंकड़े
- इंट्राडे हाई: ₹619.65
- इंट्राडे लो: ₹583.30
- 52-वीक हाई: ₹812.20
- 52-वीक लो: ₹563.15
आज की गिरावट के साथ शेयर अपने 52-वीक लो के काफी करीब पहुंच गया, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।
Q1 रिजल्ट के बाद निवेशक क्यों हुए निराश?
कंपनी के पहली तिमाही के नतीजों में कुछ सकारात्मक संकेत जरूर मिले, लेकिन कई ऐसे पहलू भी रहे जिन्होंने बाजार का भरोसा कमजोर किया।
मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
- पहली तिमाही में वॉल्यूम ग्रोथ उम्मीद से कमजोर रही।
- फॉरेक्स गेन की वजह से रेवेन्यू को सपोर्ट मिला।
- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे माल की लागत बढ़ी।
- पीक सीजन से पहले वर्किंग कैपिटल की जरूरत बढ़ने की संभावना जताई गई।
- मैनेजमेंट ने आने वाली तिमाहियों में ग्रॉस प्रॉफिट पर दबाव रहने की आशंका जताई।
- FY27 के लिए 7-11% रेवेन्यू ग्रोथ और 10-14% EBITDA ग्रोथ का गाइडेंस बरकरार रखा गया, लेकिन बाजार को इससे ज्यादा मजबूत संकेतों की उम्मीद थी।
यही वजह रही कि निवेशकों ने शेयर में मुनाफावसूली शुरू कर दी।
रीस्ट्रक्चरिंग को लेकर बनी हुई है अनिश्चितता
UPL की सहायक कंपनी ADVANTA IPO को SEBI से मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद कंपनी अपने क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस की रीस्ट्रक्चरिंग पर तेजी से काम कर रही है।
इसके अलावा कंपनी ने 3 अगस्त 2026 को रेगुलेशन 30 (LODR) के तहत मैनेजमेंट में कुछ बदलावों की भी घोषणा की थी। हालांकि निवेशक अब भी रीस्ट्रक्चरिंग के अंतिम स्वरूप और उसके वित्तीय प्रभाव का इंतजार कर रहे हैं।
Jefferies की राय
ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने UPL पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन लक्ष्य मूल्य घटाकर ₹715 प्रति शेयर कर दिया है।
ब्रोकरेज के अनुसार:
- आय अनुमान के अनुरूप रही।
- EBITDA और नेट प्रॉफिट उम्मीद से कमजोर रहे।
- फॉरेक्स गेन से कुछ राहत मिली।
- EBITDA मार्जिन पर दबाव दिखाई दिया।
- इन्वेंट्री गेन के बावजूद मुनाफे में खास मजबूती नहीं रही।
- वर्किंग कैपिटल बढ़ा है जबकि नेट डेट सालाना आधार पर लगभग स्थिर रही।
HSBC की राय
HSBC ने भी UPL पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹880 प्रति शेयर का टारगेट दिया है।
ब्रोकरेज का मानना है कि:
- Q1 में रेवेन्यू और EBITDA अनुमान के मुताबिक रहे।
- सभी बिजनेस सेगमेंट्स का प्रदर्शन मजबूत रहा।
- FY27 के लिए 10-14% EBITDA ग्रोथ का गाइडेंस सकारात्मक संकेत देता है।
- कंपनी की रीस्ट्रक्चरिंग तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रही है।
- शेयर FY28 EV/EBITDA के लगभग 6x वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है, जो आकर्षक माना जा सकता है।
DAM Capital की राय
DAM Capital ने भी UPL पर खरीदारी की सलाह देते हुए ₹870 प्रति शेयर का लक्ष्य तय किया है।
ब्रोकरेज का कहना है कि:
- पहली तिमाही के नतीजे स्थिर रहे।
- कंपनी के लिए रीस्ट्रक्चरिंग सबसे बड़ा फोकस बनी हुई है।
- FY27 में 7-11% रेवेन्यू और 10-14% EBITDA ग्रोथ का अनुमान कायम है।
- हालांकि El Niño के संभावित असर और किसानों की कमजोर आय जैसे जोखिमों पर नजर रखना जरूरी होगा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
भले ही आज UPL के शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन अधिकांश बड़े ब्रोकरेज हाउस अभी भी कंपनी पर खरीदारी (Buy) की राय बनाए हुए हैं। हालांकि निकट अवधि में कच्चे माल की बढ़ती लागत, कमजोर वॉल्यूम ग्रोथ और रीस्ट्रक्चरिंग से जुड़ी अनिश्चितता शेयर में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकती है। ऐसे में निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के आगामी प्रदर्शन और बाजार की परिस्थितियों पर नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। NewsJagran.in किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


