घरेलू शेयर बाजार में लगातार चार कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद मंगलवार को बिकवाली हावी रही। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार ने शुरुआत तो मजबूती के साथ की, लेकिन दिन चढ़ने के साथ दबाव बढ़ता गया और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नए सिस्टम को लेकर बनी अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया।
दिनभर की तेज उतार-चढ़ाव वाली ट्रेडिंग के बीच सेंसेक्स अपने इंट्रा-डे हाई से 900 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी भी 24,450 के नीचे तक लुढ़क गया। हालांकि अंतिम घंटे में कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन दोनों प्रमुख सूचकांक नुकसान के साथ बंद हुए। इस गिरावट से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹3 लाख करोड़ घट गया और निवेशकों की संपत्ति में बड़ी सेंध लगी।
सेंसेक्स और निफ्टी की क्लोजिंग

सप्ताहिक एक्सपायरी वाले कारोबारी सत्र में BSE Sensex 210.08 अंक यानी 0.27% की गिरावट के साथ 78,428.95 पर बंद हुआ। वहीं NSE Nifty 50 159.40 अंक यानी 0.64% टूटकर 24,614.90 के स्तर पर बंद हुआ।
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 79,143.15 के उच्च स्तर तक पहुंचा था, लेकिन बाद में बिकवाली के दबाव में 78,211.87 तक फिसल गया। दूसरी ओर निफ्टी भी दिन के दौरान 24,427.95 तक लुढ़क गया था।
निवेशकों के ₹2.98 लाख करोड़ स्वाहा
बाजार में आई इस गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा।
- 3 अगस्त 2026 को BSE का कुल मार्केट कैप: ₹4,92,30,878.52 करोड़
- 4 अगस्त 2026 को BSE का कुल मार्केट कैप: ₹4,89,32,735.40 करोड़
इस तरह एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों की कुल संपत्ति ₹2,98,143.12 करोड़ (करीब ₹3 लाख करोड़) घट गई।
किन सेक्टर्स पर रहा सबसे ज्यादा दबाव?
मंगलवार के कारोबार में अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
- निफ्टी रियल्टी में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
- एफएमसीजी, आईटी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स आधे प्रतिशत से ज्यादा टूटे।
- निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.5% गिरकर बंद हुआ।
- हालांकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 अंतिम घंटे की खरीदारी से उबरकर 0.23% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
- निफ्टी मेटल ने बाजार को संभालने की कोशिश की और 0.93% की मजबूती दर्ज की, लेकिन इससे व्यापक बाजार को राहत नहीं मिल सकी।
CAS सिस्टम और कच्चे तेल ने बढ़ाया दबाव
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नए सिस्टम को लेकर निवेशकों में अभी भी असमंजस बना हुआ है। कई ब्रोकरेज हाउस ने भी रिटेल निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया, जिससे दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा।
सेंसेक्स के 16 शेयर बढ़त में
30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 16 शेयर हरे निशान में बंद हुए।
सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयर
- ट्रेंट
- बजाज फाइनेंस
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL)
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर
- हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL)
- एनटीपीसी
- एचडीएफसी बैंक
बाजार की चौड़ाई कैसी रही?
बीएसई पर कुल 4,432 शेयरों में कारोबार हुआ।
- 2,122 शेयरों में तेजी रही।
- 2,121 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
- 189 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
- 169 शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचे।
- 55 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर आ गए।
यह आंकड़े बताते हैं कि प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद बाजार की चौड़ाई लगभग संतुलित रही और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी रही।
आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर निम्न प्रमुख कारकों पर रहेगी—
- क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नए सिस्टम का प्रभाव।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों की दिशा।
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीद-बिक्री।
- वैश्विक संकेत और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


