Fuel Adulteration News: देशभर में पेट्रोल और डीजल की गुणवत्ता को लेकर सामने आई मिलावट की खबरों के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में ईंधन की गुणवत्ता पूरी तरह नियंत्रण में है। मंत्रालय के अनुसार अब तक पूरे भारत में केवल दो पेट्रोल पंपों पर ही क्लोराइड (Chloride) से जुड़े प्रदूषण (Contamination) के मामले सामने आए हैं। इन दोनों आउटलेट्स पर तुरंत ईंधन की बिक्री रोक दी गई और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देशभर के 87,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर रोजाना कई बार गुणवत्ता जांच की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और मानकों के अनुरूप ईंधन पहुंच सके।
मिलावट की खबरों पर मंत्रालय ने दी सफाई
Certain media reports have cited issues of fuel adulteration or contamination.
It is hereby clarified that fuel quality is monitored on a regular basis by Oil Marketing Companies. In addition to the advanced and elaborate testing protocols already in place, further checks have… pic.twitter.com/o0fnrnXrCM
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) August 4, 2026 हाल के दिनों में कई राज्यों और सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल में पानी या केमिकल मिलावट जैसी खबरें सामने आई थीं। इन रिपोर्टों के बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि तेल विपणन कंपनियां (Oil Marketing Companies – OMCs) लगातार ईंधन की गुणवत्ता की निगरानी कर रही हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
मंत्रालय ने कहा कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह निगरानी में है और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए तय मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
87,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर रोजाना हो रही जांच
सरकार के मुताबिक देशभर के 87,000 से अधिक रिटेल आउटलेट्स पर प्रतिदिन 8 से 12 बार पानी की मौजूदगी (Water Ingress) की जांच की जाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्तर पर पानी या अन्य अशुद्धियां ईंधन में न मिल सकें।
इसके अलावा पूरे देश से 2,000 से अधिक ईंधन के सैंपल लेकर उनमें क्लोराइड और सल्फाइड की भी जांच की गई।
सिर्फ दो पेट्रोल पंपों पर मिली क्लोराइड की शिकायत
मंत्रालय ने बताया कि हजारों सैंपलों की जांच के दौरान केवल दो पेट्रोल पंपों पर क्लोराइड प्रदूषण पाया गया। जैसे ही यह मामला सामने आया, दोनों पेट्रोल पंपों पर तत्काल प्रभाव से ईंधन की बिक्री रोक दी गई और संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए।
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कोई व्यापक समस्या नहीं है और पूरे देश में ऐसे मामलों की संख्या बेहद सीमित है।
मिलावट मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि यदि किसी भी पेट्रोल पंप या रिटेल आउटलेट पर पेट्रोल-डीजल में मिलावट, प्रदूषण या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय ने सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी फ्यूल सप्लाई चेन पर नजर रखें और किसी भी संभावित गड़बड़ी का समय रहते पता लगाकर तुरंत कार्रवाई करें।
OMCs को दिए गए नए निर्देश
सरकार ने तेल कंपनियों को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
- पूरे फ्यूल सप्लाई नेटवर्क की लगातार निगरानी की जाए।
- संभावित मिलावट का पहले ही पता लगाने की व्यवस्था मजबूत की जाए।
- किसी भी संदिग्ध पेट्रोल पंप पर तत्काल जांच की जाए।
- गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- उपभोक्ताओं तक केवल मानक गुणवत्ता वाला ईंधन पहुंचे।
E-20 पेट्रोल के बीच बढ़ी सतर्कता
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब देशभर में E-20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर भी चर्चा तेज है। ऐसे में सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सभी सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाएगा।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है संदेश?
मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि किसी पेट्रोल पंप पर ईंधन की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो इसकी शिकायत संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी या स्थानीय प्रशासन के पास दर्ज कराई जा सकती है। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और मानकों के अनुरूप ईंधन उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।


