UP Expressway News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सड़क नेटवर्क को नई रफ्तार देने के लिए चार बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले दो नए लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक के एलाइनमेंट को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं पर कुल मिलाकर 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने का अनुमान है, जिससे उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क और मजबूत होगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य एक ऐसा सीमलेस एक्सप्रेसवे ग्रिड तैयार करना है, जिससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के बीच यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो सके। इसके साथ ही औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक बनेगा नया लिंक
कैबिनेट ने 50.98 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित और अंतिम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
यह परियोजना की प्रमुख बातें हैं:
- लंबाई: 50.98 किलोमीटर
- 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे
- भविष्य में 8 लेन तक विस्तार की सुविधा
- अनुमानित लागत: ₹4,775.84 करोड़
- निर्माण मॉडल: EPC (Engineering, Procurement and Construction)
इस लिंक के बनने से आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन आसान होगा।
फर्रुखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
दूसरी बड़ी परियोजना 90.84 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ-गंगा एक्सप्रेसवे लिंक की है।
इस प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:
- लंबाई: 90.84 किलोमीटर
- मार्ग: फर्रुखाबाद के रास्ते
- 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
- भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य
- अनुमानित लागत: ₹7,488.74 करोड़
सरकार जल्द ही इस परियोजना के लिए टेंडर जारी करेगी। चयनित एजेंसी को लगभग 36 महीने में निर्माण कार्य पूरा करना होगा और उसके बाद 5 वर्षों तक रखरखाव भी करना होगा।
विंध्य एक्सप्रेसवे पर खर्च होंगे ₹26,315 करोड़
कैबिनेट ने लंबे समय से प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को भी मंजूरी दे दी है।
इस एक्सप्रेसवे की प्रमुख जानकारी:
- अनुमानित लागत: ₹26,315 करोड़
- 6-लेन एक्सप्रेसवे
- आवश्यकता पड़ने पर 8 लेन तक विस्तार
- लाभान्वित जिले:
- प्रयागराज
- भदोही
- मिर्जापुर
- सोनभद्र
यह परियोजना विंध्य क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को नई पहचान देगी और दक्षिणी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलने की संभावना है।
विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक को भी मिली मंजूरी
पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक (विकल्प-1) के एलाइनमेंट को भी मंजूरी दी गई है।
इस परियोजना की प्रमुख बातें:
- अनुमानित लागत: ₹9,039 करोड़
- गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली जिलों को जोड़ेगा
- पूर्वांचल क्षेत्र के सड़क नेटवर्क को मिलेगा बड़ा विस्तार
- माल परिवहन और स्थानीय उद्योगों को होगा लाभ
बनेगा सीमलेस एक्सप्रेसवे ग्रिड
राज्य सरकार का कहना है कि इन चारों परियोजनाओं का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर एक इंटीग्रेटेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार करना है।
इसके तहत:
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
- गंगा एक्सप्रेसवे
- विंध्य एक्सप्रेसवे
एक मजबूत नेटवर्क का हिस्सा बन जाएंगे, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों तक हाई-स्पीड सड़क संपर्क उपलब्ध होगा।
प्रदेश को क्या होंगे बड़े फायदे?
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कई क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
- यात्रा का समय काफी कम होगा।
- ईंधन की बचत होगी।
- लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।
- औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
- वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क और नए औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होंगे।
- पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलेगी।
- हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे।
उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क होगा और मजबूत
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाले राज्यों में तेजी से उभरा है। यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के बाद अब इन चार नई परियोजनाओं से राज्य का सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर और अधिक व्यापक होगा। इससे उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग, कृषि आधारित कारोबार और क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।


