अमेरिकी कैब और मोबिलिटी प्लेटफॉर्म कंपनी उबर (Uber) ने भारत में अपने पहले डेटा सेंटर की स्थापना के लिए अडानी ग्रुप के साथ साझेदारी को और मजबूत करने का संकेत दिया है। उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही ने बुधवार को अहमदाबाद में अडानी ग्रुप के चेयरमैन Gautam Adani से मुलाकात के बाद इस बड़े डेवलपमेंट की जानकारी साझा की।
भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI आधारित टेक्नोलॉजी की मांग के बीच यह साझेदारी बेहद अहम मानी जा रही है। उबर का कहना है कि भारत अब केवल उसके लिए एक बड़ा मार्केट नहीं, बल्कि ग्लोबल इनोवेशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट हब बनता जा रहा है।
अहमदाबाद मीटिंग के बाद बड़ा संकेत
Great to meet @gautam_adani in Ahmedabad this morning and build on our existing partnership with the Adani group.
As India fast emerges as a leading innovation hub for @Uber, we are setting up our first data center in the country with the Adani Group to test and deploy our tech.… pic.twitter.com/jll5NcPT4l
— dara khosrowshahi (@dkhos) May 13, 2026 उबर के सीईओ Dara Khosrowshahi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अहमदाबाद में गौतम अडानी से मुलाकात बेहद सकारात्मक रही और दोनों कंपनियों की मौजूदा साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि:
“भारत तेजी से उबर के लिए एक प्रमुख इनोवेशन सेंटर बन रहा है। हम अडानी ग्रुप के साथ मिलकर भारत में अपना पहला डेटा सेंटर स्थापित कर रहे हैं, जहां नई तकनीकों का परीक्षण और तैनाती की जाएगी।”
उबर के मुताबिक यह डेटा सेंटर कंपनी के बढ़ते इंजीनियरिंग, AI, मैपिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट कार्यों को सपोर्ट करेगा।
उबर को क्या होगा फायदा?
भारत पिछले कुछ वर्षों में उबर के लिए केवल कैब बुकिंग मार्केट नहीं रहा। कंपनी यहां इंजीनियरिंग, AI मॉडलिंग, मैपिंग टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन, प्रोडक्ट डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में डेटा सेंटर स्थापित करने से उबर को कई बड़े फायदे मिल सकते हैं:
1. डेटा लोकलाइजेशन
भारत में डेटा स्टोर करने से regulatory compliance आसान होगी।
2. तेज AI डेवलपमेंट
लोकल सर्वर और कम latency AI और रियल-टाइम मोबिलिटी सिस्टम को बेहतर बनाएंगे।
3. लागत में कमी
विदेशी डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता घटेगी।
4. भारत बनेगा Global Tech Hub
उबर भारत से वैश्विक operations के लिए technology solutions तैयार कर सकेगी।
क्यों अहम है अडानी ग्रुप की भूमिका?
Adani Group पिछले कुछ वर्षों में ports, airports, green energy और logistics के अलावा अब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर सेक्टर में भी तेजी से विस्तार कर रहा है। समूह की डेटा सेंटर कंपनी AdaniConneX पहले ही भारत में बड़े पैमाने पर AI-ready infrastructure तैयार कर रही है।
पिछले महीने कंपनी ने विशाखापत्तनम में 1 गीगावॉट क्षमता वाले AI-ready डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म की घोषणा की थी। इस परियोजना में करीब 10 अरब डॉलर निवेश किए जाने की योजना है। इस परियोजना में Google इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर के रूप में शामिल है।
भारत में डेटा सेंटर सेक्टर क्यों तेजी से बढ़ रहा?
भारत में डिजिटल सेवाओं, AI, cloud computing और OTT usage में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके चलते:
- data storage demand
- cloud infrastructure
- AI computing power
- low latency services
की जरूरत लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में भारत एशिया के सबसे बड़े डेटा सेंटर मार्केट्स में शामिल हो सकता है।
अंबानी भी रेस में
डेटा सेंटर सेक्टर में सिर्फ अडानी ही नहीं, बल्कि Mukesh Ambani भी बड़ी तैयारी कर रहे हैं। Reliance Industries आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- निवेश: लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये
- क्षमता: 1.5 गीगावॉट
- फोकस: AI और cloud infrastructure
यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी डेटा सेंटर परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।
भारत क्यों बन रहा ग्लोबल टेक कंपनियों का पसंदीदा केंद्र?
भारत में इंटरनेट यूजर्स तेजी से बढ़ रहे हैं, डिजिटल पेमेंट adoption मजबूत है, AI talent pool बड़ा है, डेटा consumption दुनिया में सबसे तेज बढ़ रहा इसी वजह से global tech कंपनियां भारत में:
- engineering hubs
- cloud regions
- AI labs
- data centers
स्थापित कर रही हैं। Microsoft, Google, Amazon और Meta जैसी कंपनियां भी भारत में infrastructure expansion पर लगातार निवेश बढ़ा रही हैं।
क्या बदल सकता है आने वाले वर्षों में?
विशेषज्ञ मानते हैं कि AI और cloud infrastructure आने वाले दशक में उतना ही महत्वपूर्ण होगा जितना आज तेल और ऊर्जा सेक्टर है। जो कंपनियां डेटा, AI computing, cloud infrastructure, low latency networks पर नियंत्रण रखेंगी, वही डिजिटल अर्थव्यवस्था में आगे रहेंगी। उबर और अडानी की यह साझेदारी इसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
निष्कर्ष
उबर और अडानी ग्रुप की साझेदारी केवल एक डेटा सेंटर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह भारत के तेजी से उभरते डिजिटल और AI इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम की बड़ी तस्वीर को दिखाती है। एक तरफ उबर भारत को ग्लोबल इनोवेशन हब के रूप में देख रही है, वहीं दूसरी तरफ अडानी ग्रुप देश के डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। आने वाले वर्षों में यह सेक्टर भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और टेक्नोलॉजी ग्रोथ का बड़ा इंजन बन सकता है।
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