नई दिल्ली: आईपीओ (IPO) में निवेश करने वाले निवेशकों को अक्सर लिस्टिंग गेन की उम्मीद रहती है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। इंश्योरेंस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (Turtlemint Fintech Solutions) के आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशकों को पहले ही दिन बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। कंपनी के शेयर सोमवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 11.25% डिस्काउंट के साथ सूचीबद्ध हुए। वहीं बीएसई (BSE) पर भी शेयर इश्यू प्राइस से करीब 10.39% नीचे लिस्ट हुए।
कमजोर लिस्टिंग ने यह साफ कर दिया कि बाजार में इस आईपीओ को लेकर निवेशकों का उत्साह सीमित था और ग्रे मार्केट में पहले से मिल रहे संकेत सही साबित हुए।
NSE और BSE पर कैसी रही लिस्टिंग?
टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस का शेयर NSE पर 134.90 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ। कंपनी ने आईपीओ का इश्यू प्राइस 152 रुपये प्रति शेयर तय किया था। इस हिसाब से निवेशकों को लिस्टिंग के साथ ही प्रति शेयर 17.10 रुपये यानी 11.25 फीसदी का नुकसान हुआ।
वहीं BSE पर शेयर 136.20 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस से 10.39 फीसदी कम है। ऐसे में जिन निवेशकों ने लिस्टिंग गेन की उम्मीद में आवेदन किया था, उन्हें पहले ही दिन निराशा हाथ लगी।
19 जून को खुला था IPO
कंपनी का 883 करोड़ रुपये का आईपीओ 19 जून को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इसका प्राइस बैंड 144 से 152 रुपये प्रति शेयर रखा गया था। निवेशकों की बोली पूरी होने के बाद अंतिम इश्यू प्राइस 152 रुपये तय किया गया।
इस पब्लिक इश्यू में—
- 661 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू
- 222 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS)
शामिल था। फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने बिजनेस विस्तार, टेक्नोलॉजी निवेश और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए करेगी।
ग्रे मार्केट ने पहले ही दे दिए थे संकेत
लिस्टिंग से पहले ही ग्रे मार्केट में टर्टलमिंट के शेयर का नेगेटिव GMP (Grey Market Premium) चल रहा था। आमतौर पर नकारात्मक GMP यह संकेत देता है कि निवेशकों को कमजोर लिस्टिंग की आशंका है।
यही वजह रही कि बाजार विशेषज्ञ भी इस आईपीओ से बड़ी लिस्टिंग गेन की उम्मीद नहीं कर रहे थे। आखिरकार वही हुआ और शेयर डिस्काउंट पर सूचीबद्ध हुआ।
कितना मिला था सब्सक्रिप्शन?
टर्टलमिंट फिनटेक के आईपीओ को कुल मिलाकर 1.24 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। हालांकि, अलग-अलग निवेशक श्रेणियों में तस्वीर काफी अलग रही।
सब्सक्रिप्शन का विवरण
- कुल सब्सक्रिप्शन: 1.24 गुना
- QIB (Qualified Institutional Buyers): 1.63 गुना
- रिटेल निवेशक: 1.11 गुना
- NII (Non-Institutional Investors): 0.55 गुना
सबसे कमजोर प्रतिक्रिया NII कैटेगरी से मिली, जहां इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब भी नहीं हो पाया। इससे यह साफ था कि हाई नेटवर्थ निवेशकों का भरोसा इस इश्यू में अपेक्षाकृत कम था।
क्या करती है Turtlemint?
टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस की स्थापना 2015 में हुई थी। कंपनी एक टेक्नोलॉजी आधारित इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म संचालित करती है।
यह प्लेटफॉर्म—
- ग्राहकों को इंश्योरेंस उत्पाद उपलब्ध कराता है।
- इंश्योरेंस कंपनियों और डिजिटल पार्टनर्स को जोड़ता है।
- डिजिटल एजेंट्स और PoSP (Point of Sales Person) नेटवर्क के जरिए पॉलिसी बेचने में मदद करता है।
कंपनी का मॉडल पूरी तरह डिजिटल इंश्योरेंस इकोसिस्टम तैयार करने पर आधारित है।
कंपनी का नेटवर्क कितना बड़ा है?
30 सितंबर 2025 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार—
- 6 लाख से अधिक डिजिटल पार्टनर्स
- इनमें 4.85 लाख PoSPs
- अप्रैल 2022 से सितंबर 2025 के बीच
- 1.97 करोड़ से अधिक इंश्योरेंस पॉलिसियों के वितरण में सहयोग
ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का वितरण नेटवर्क काफी बड़ा है और भारत के डिजिटल इंश्योरेंस सेक्टर में इसकी मजबूत मौजूदगी है।
किसने संभाला था IPO?
इस आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर थे—
- ICICI Securities
- Jefferies India
- JM Financial
- Motilal Oswal Investment Advisors
वहीं KFin Technologies Limited को इस इश्यू का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया था।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
टर्टलमिंट फिनटेक की कमजोर लिस्टिंग एक बार फिर यह याद दिलाती है कि केवल आईपीओ आने भर से उसमें निवेश करना सही रणनीति नहीं होती। निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, सब्सक्रिप्शन, ग्रे मार्केट ट्रेंड और बिजनेस मॉडल का विश्लेषण करना जरूरी है।
हालांकि, किसी भी कंपनी का भविष्य केवल पहले दिन की लिस्टिंग से तय नहीं होता। यदि कंपनी आने वाले वर्षों में मजबूत ग्रोथ और बेहतर मुनाफा दिखाती है, तो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकते हैं। वहीं अल्पकालिक लिस्टिंग गेन की उम्मीद रखने वाले निवेशकों के लिए यह आईपीओ निराशाजनक साबित हुआ।


