ESDS Software Share Price: ESDS Software Solution के शेयरों में लिस्टिंग के बाद लगातार दूसरे कारोबारी दिन जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। 7 सितंबर को शेयर में 20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और BSE पर यह ₹1,074.65 के अपर सर्किट पर पहुंच गया। वहीं NSE पर शेयर ने ₹1,090.05 का हाई बनाया। खास बात यह है कि IPO में ₹429 के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर अब 150 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है।
शेयर में यह तेजी ऐसे समय में आई है जब ब्रोकरेज फर्म Choice Broking ने ESDS Software Solution पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹1,550 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का यह लक्ष्य मौजूदा स्तर से करीब 44 प्रतिशत की संभावित तेजी का संकेत देता है।
लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों को मिला शानदार रिटर्न
ESDS Software Solution की शेयर बाजार में लिस्टिंग 4 सितंबर को हुई थी और पहले ही दिन निवेशकों को शानदार रिटर्न मिला। कंपनी का शेयर BSE पर करीब 74 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹746.30 पर लिस्ट हुआ था।
वहीं NSE पर इसकी लिस्टिंग करीब 76.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹757 पर हुई। इसके बाद शेयर में खरीदारी और तेज हो गई तथा यह 20 प्रतिशत बढ़कर BSE पर ₹895.55 और NSE पर ₹908.40 के अपर सर्किट तक पहुंच गया।
इसके बाद 7 सितंबर को भी शेयर में 20 प्रतिशत की तेजी आई। इस तरह लगातार दो कारोबारी सत्रों में अपर सर्किट लगने के बाद शेयर की कीमत IPO के ₹429 के इश्यू प्राइस से 150 प्रतिशत से ज्यादा ऊपर पहुंच गई है।
₹720 करोड़ का IPO 142.88 गुना हुआ था सब्सक्राइब
ESDS Software Solution का IPO निवेशकों के बीच काफी मजबूत डिमांड देखने में सफल रहा था। कंपनी ने करीब ₹720 करोड़ का IPO पेश किया था, जिसे कुल मिलाकर 142.88 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
IPO के बाद शेयर की शानदार लिस्टिंग और लगातार अपर सर्किट ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर कंपनी की ओर खींचा है।
ESDS Software Solution AI-enabled cloud, managed services, data center infrastructure और software solutions के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी Infrastructure-as-a-Service (IaaS), Managed Services और Software-as-a-Service (SaaS) जैसी सेवाएं उपलब्ध कराती है।
ब्रोकरेज ने ₹1,550 का टारगेट दिया
ESDS Software के शेयर में आगे भी तेजी की संभावना को देखते हुए Choice Broking ने ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹1,550 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है।
ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, यह लक्ष्य मौजूदा मार्केट प्राइस से करीब 44 प्रतिशत तक ज्यादा है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि टारगेट प्राइस ब्रोकरेज का अनुमान होता है और शेयर बाजार में वास्तविक प्रदर्शन इससे अलग हो सकता है।
Choice Broking को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में मजबूत ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
वित्त वर्ष के हिसाब से ब्रोकरेज का अनुमान
| वित्त वर्ष | अनुमानित रेवेन्यू | अनुमानित शुद्ध मुनाफा |
|---|---|---|
| FY27 | ₹2,263 करोड़ | ₹251.6 करोड़ |
| FY28 | ₹4,581 करोड़ | ₹577 करोड़ |
| FY29 | ₹5,092 करोड़ | ₹719 करोड़ |
ब्रोकरेज के अनुमानों के अनुसार, कंपनी का रेवेन्यू FY27 में ₹2,263 करोड़ तक पहुंच सकता है। इसके बाद FY28 में यह बढ़कर ₹4,581 करोड़ और FY29 में ₹5,092 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
इसी तरह शुद्ध मुनाफा FY27 में ₹251.6 करोड़, FY28 में ₹577 करोड़ और FY29 में ₹719 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
FY26 में कंपनी के मुनाफे में 117% की बढ़ोतरी
कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो वित्त वर्ष 2025-26 में ESDS Software Solution का रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर ₹480.65 करोड़ हो गया। एक साल पहले कंपनी का रेवेन्यू ₹376.64 करोड़ था।
इस दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी तेजी से बढ़ा। FY26 में नेट प्रॉफिट 117 प्रतिशत बढ़कर ₹120.82 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹55.61 करोड़ था।
कंपनी पर वित्त वर्ष के दौरान करीब ₹42.92 करोड़ की उधारी भी थी।
Anchorage Capital ने बेचे ₹76 करोड़ के शेयर
ESDS Software Solution में निवेश करने वाले Anchorage Capital से जुड़ी एक अहम खबर भी सामने आई है। Anchorage Capital Scheme I ने कंपनी के 10.03 लाख शेयर बेच दिए हैं।
यह हिस्सेदारी कंपनी की करीब 0.85 प्रतिशत इक्विटी के बराबर है। इस ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू करीब ₹76.01 करोड़ रही।
शेयरों की इस बिक्री के बाद Anchorage Capital Scheme I की ESDS Software Solution में हिस्सेदारी घट गई। लिस्टिंग से पहले फंड के पास कंपनी की करीब 1.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
ESDS Software Solution के शेयर ने IPO के बाद बेहद कम समय में शानदार रिटर्न दिया है। ₹429 के इश्यू प्राइस से शेयर की कीमत 150 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी है। वहीं Choice Broking का ₹1,550 का टारगेट इस बात की ओर इशारा करता है कि ब्रोकरेज को कंपनी के कारोबार में आगे भी मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।
हालांकि, IPO के बाद लगातार अपर सर्किट लगने से शेयर में तेजी काफी तेज रही है। ऐसे में निवेशकों को केवल ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस को देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी की वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन, शेयर की मौजूदा कीमत, कारोबार की ग्रोथ और बाजार के जोखिमों का भी आकलन जरूरी है।
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