Thomas Peterffy Business Quote: थॉमस पीटरफी दुनिया के चर्चित अरबपतियों में शामिल हैं और Interactive Brokers के संस्थापक एवं चेयरमैन हैं। 1965 में 21 साल की उम्र में वह बिना पैसे अमेरिका पहुंचे थे। इसके बाद तकनीकी समझ, मेहनत और अनुशासन के दम पर उन्होंने ट्रेडिंग और ब्रोकरेज की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका एक चर्चित विचार है- “Self-discipline is what separates the winners and the losers.” यानी “आत्म-अनुशासन ही विजेताओं को असफल लोगों से अलग करता है।”
नई दिल्ली: सफलता की कहानी अक्सर पैसे, प्रतिभा और सही मौके से जोड़कर देखी जाती है, लेकिन थॉमस पीटरफी का नजरिया इससे थोड़ा अलग है। उनका मानना है कि व्यक्ति की सफलता में आत्म-अनुशासन की बड़ी भूमिका होती है। प्रतिभा और ज्ञान तभी लंबे समय तक काम आते हैं, जब उन्हें अनुशासित तरीके से इस्तेमाल किया जाए।
थॉमस पीटरफी ने ट्रेडिंग की दुनिया में कंप्यूटर तकनीक और ऑटोमेशन के इस्तेमाल को शुरुआती दौर में अपनाया। 1977 में उन्होंने अमेरिकन स्टॉक एक्सचेंज की सीट खरीदी और इक्विटी ऑप्शंस में मार्केट मेकर के तौर पर काम शुरू किया। बाद में उन्होंने ऑटोमेटेड ट्रेडिंग सिस्टम विकसित किए। 1993 में ऑनलाइन ब्रोकरेज कारोबार को विस्तार देते हुए Interactive Brokers का गठन हुआ।
थॉमस पीटरफी के इस कोट का क्या मतलब है?
“Self-discipline is what separates the winners and the losers.” इस छोटे से वाक्य में सफलता का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत छिपा है। इसका मतलब है कि केवल बुद्धिमत्ता, प्रतिभा या संसाधन किसी व्यक्ति को सफल नहीं बनाते। असली अंतर इस बात से पैदा होता है कि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति कितना अनुशासित रहता है।
आत्म-अनुशासन का मतलब है- मन न होने पर भी जरूरी काम करना, अपने फैसलों पर कायम रहना, गलत आदतों से दूरी बनाना और तत्काल फायदे के बजाय लंबे समय के लक्ष्य पर ध्यान देना।
उदाहरण के लिए, निवेश की दुनिया में किसी व्यक्ति के पास बाजार की अच्छी जानकारी हो सकती है, लेकिन अगर वह भावनाओं में आकर बार-बार फैसले बदलता है तो उसका ज्ञान भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाएगा। इसके विपरीत, नियमों और अपनी रणनीति पर अनुशासन के साथ टिके रहना लंबे समय में बड़ा अंतर पैदा कर सकता है।
सफलता में अनुशासन क्यों जरूरी है?
दुनिया में बहुत से लोग प्रतिभाशाली होते हैं। कई लोगों के पास अच्छे आइडिया भी होते हैं। लेकिन हर प्रतिभाशाली व्यक्ति सफल उद्यमी या निवेशक नहीं बन पाता। इसकी एक वजह निरंतरता की कमी हो सकती है।
आत्म-अनुशासन व्यक्ति को तीन महत्वपूर्ण चीजों में मदद करता है:
1. लक्ष्य पर फोकस: अनुशासित व्यक्ति बार-बार अपना रास्ता बदलने के बजाय तय लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ता है।
2. भावनाओं पर नियंत्रण: सफलता और असफलता दोनों के दौरान संतुलित रहना आसान नहीं होता। अनुशासन व्यक्ति को जल्दबाजी में फैसले लेने से रोक सकता है।
3. निरंतरता: किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने में समय लगता है। रोज छोटे-छोटे कदम उठाने की आदत ही लंबे समय में बड़ा परिणाम दे सकती है।
थॉमस पीटरफी के कुछ और चर्चित विचार
पीटरफी के विचारों में आत्मनिर्भर सोच, जोखिम और सफलता को लेकर व्यावहारिक दृष्टिकोण दिखाई देता है। उनके कुछ चर्चित कथनों में यह विचार भी शामिल है कि किसी बिजनेस का कुछ वर्षों में घाटे में जाना असामान्य बात नहीं है। उनका यह नजरिया बताता है कि किसी कंपनी या कारोबार का मूल्यांकन केवल एक साल के प्रदर्शन से नहीं किया जाना चाहिए।
उनके विचारों से एक और महत्वपूर्ण सीख मिलती है कि अपनी समझ और रिसर्च पर भरोसा करना जरूरी है। खासकर निवेश जैसे क्षेत्र में दूसरों की राय को आंख बंद करके अपनाने के बजाय खुद जानकारी जुटाना और जोखिम को समझना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।
पीटरफी की सोच का एक व्यापक संदेश यह भी है कि जीवन में जीत और हार दोनों आती हैं। इसलिए सफलता मिलने पर अति-आत्मविश्वास और असफलता के बाद निराशा, दोनों से बचना जरूरी है।
कौन हैं थॉमस पीटरफी?
थॉमस पीटरफी का जन्म 1944 में हंगरी में हुआ था। वह 1965 में 21 साल की उम्र में अमेरिका पहुंचे। फोर्ब्स के अनुसार, वह हंगरी के उस परिवार से आते हैं जिसने सोवियत शासन के दौरान अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा खो दिया था। अमेरिका पहुंचने के समय उनके पास पैसा नहीं था।
अमेरिका में उन्होंने शुरुआत आर्किटेक्चरल ड्राफ्ट्समैन के रूप में की और बाद में इंजीनियरिंग तथा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग से जुड़े काम किए। इसके बाद उनका करियर वॉल स्ट्रीट की ओर बढ़ा। 1977 में उन्होंने इक्विटी ऑप्शंस में मार्केट मेकिंग शुरू की और कंप्यूटर आधारित तकनीक को ट्रेडिंग में इस्तेमाल करने वाले शुरुआती लोगों में शामिल हुए।
उन्होंने 1993 में Interactive Brokers का गठन किया। कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग और ऑनलाइन ब्रोकरेज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज Interactive Brokers दुनियाभर के अनुभवी निवेशकों, एक्टिव ट्रेडर्स और संस्थागत ग्राहकों को सेवाएं देती है।
थॉमस पीटरफी की कहानी से क्या सीखें?
थॉमस पीटरफी की यात्रा यह बताती है कि शुरुआती परिस्थितियां हमेशा व्यक्ति का अंतिम परिणाम तय नहीं करतीं। उनके जीवन में तकनीकी ज्ञान, जोखिम लेने की क्षमता और नई तकनीक को जल्दी अपनाने के साथ-साथ अनुशासन भी महत्वपूर्ण रहा।
उनका यह कोट खास तौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो करियर, कारोबार या निवेश में लंबे समय की सफलता चाहते हैं। टैलेंट आपको शुरुआत में बढ़त दिला सकता है, लेकिन लगातार आगे बढ़ने के लिए आत्म-अनुशासन और निरंतरता जरूरी है।
यही थॉमस पीटरफी के इस कोट का मूल संदेश है- विजेता और असफल व्यक्ति के बीच अंतर हमेशा प्रतिभा का नहीं होता, कई बार अंतर सिर्फ इतना होता है कि कौन व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति ज्यादा अनुशासित रहता है।


