Chemical VS Organic Mehndi: त्योहारों का मौसम शुरू होते ही बाजार में मेहंदी की मांग तेजी से बढ़ जाती है। तीज, रक्षाबंधन, करवाचौथ, नवरात्र, दिवाली और फिर शादी सीजन तक महिलाएं हाथों पर खूबसूरत डिजाइन वाली मेहंदी लगाना पसंद करती हैं। लेकिन गहरे रंग के लालच में कई बार लोग ऐसी केमिकल वाली मेहंदी का इस्तेमाल कर लेते हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है।
अक्सर बाजार में मिलने वाली कुछ मेहंदी में रंग जल्दी और ज्यादा गहरा दिखाने के लिए केमिकल मिलाए जाते हैं। इससे हाथों में जलन, खुजली, एलर्जी और स्किन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए मेहंदी खरीदने और लगाने से पहले असली ऑर्गेनिक हिना और केमिकल मेहंदी में फर्क पहचानना जरूरी है।
असली मेहंदी का रंग तुरंत डार्क नहीं होता
ऑर्गेनिक मेहंदी का रंग धीरे-धीरे गहरा होता है। इसे लगाने के तुरंत बाद अगर हाथों पर बहुत गहरा काला या डार्क रंग आ जाए, तो यह केमिकल वाली मेहंदी होने का संकेत हो सकता है।
प्राकृतिक मेहंदी पहले हल्का नारंगी रंग देती है और फिर धीरे-धीरे ऑक्सीडाइज होकर गहरी होती जाती है। आमतौर पर असली हिना का रंग 8 से 10 घंटे बाद ज्यादा उभरकर आता है।
खुशबू से करें पहचान
असली मेहंदी की खुशबू प्राकृतिक और मिट्टी जैसी होती है क्योंकि इसे मेहंदी की पत्तियों को पीसकर तैयार किया जाता है। इसमें अक्सर लैवेंडर ऑयल, नीलगिरी तेल जैसे प्राकृतिक एसेंशियल ऑयल मिलाए जाते हैं, जिससे इसकी खुशबू अलग महसूस होती है।
वहीं केमिकल मेहंदी में तेज कृत्रिम खुशबू आ सकती है। अगर मेहंदी लगाते समय तेज केमिकल जैसी गंध महसूस हो, तो सावधान हो जाएं।
रंग देखकर पहचानें असली हिना
कई लोगों को लगता है कि अच्छी मेहंदी का पेस्ट काला या बहुत गहरा हरा होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। असली मेहंदी का पाउडर सामान्य रूप से हरे रंग का होता है।
पानी मिलाने के बाद भी अगर इसका रंग प्राकृतिक हरा बना रहता है और हाथों पर लगाने के बाद ऑलिव ग्रीन से नारंगी रंग की ओर बदलता है, तो यह अच्छी गुणवत्ता वाली मेहंदी हो सकती है।
असली मेहंदी ज्यादा समय तक बाहर नहीं रहती
ऑर्गेनिक मेहंदी पूरी तरह प्राकृतिक होती है, इसलिए इसे ज्यादा समय तक सामान्य तापमान पर रखने से इसकी ताजगी कम हो सकती है। खासकर मेहंदी के कोन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए ठंडी जगह या फ्रिज में रखना बेहतर होता है।
अगर कोई मेहंदी कोन कई दिनों तक बिना खराब हुए सामान्य तापमान पर रखा रहता है, तो उसमें प्रिजर्वेटिव या केमिकल होने की संभावना हो सकती है।
केमिकल मेहंदी से हो सकती हैं ये परेशानियां
केमिकल वाली मेहंदी में कुछ सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है, जो संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसके कारण:
- हाथों में जलन और खुजली हो सकती है
- लाल चकत्ते या एलर्जी हो सकती है
- त्वचा पर जलन लंबे समय तक रह सकती है
- कुछ मामलों में फफोले भी पड़ सकते हैं
मेहंदी खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
- हमेशा भरोसेमंद विक्रेता से मेहंदी खरीदें।
- पैकेट पर मौजूद सामग्री (Ingredients) जरूर पढ़ें।
- बहुत जल्दी काला रंग देने वाली मेहंदी से बचें।
- प्राकृतिक हिना की एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
- संवेदनशील त्वचा होने पर पहले थोड़ा सा टेस्ट कर लें।
निष्कर्ष
त्योहारों और शादी के मौके पर मेहंदी खूबसूरती और खुशियों का प्रतीक होती है। लेकिन सिर्फ गहरे रंग के लिए अपनी त्वचा की सेहत से समझौता नहीं करना चाहिए। प्राकृतिक ऑर्गेनिक मेहंदी भले ही धीरे रंग छोड़ती है, लेकिन यह त्वचा के लिए ज्यादा सुरक्षित होती है। इसलिए हाथों में प्यार का रंग चढ़ाएं, केमिकल का नहीं।


