TMPV Share Price: टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों में Q1FY27 के नतीजों के बाद शुक्रवार को तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर 5 फीसदी से ज्यादा फिसल गया। तिमाही नतीजों में खासतौर पर Jaguar Land Rover (JLR) सेगमेंट का प्रदर्शन निवेशकों की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। इसके बाद ब्रोकरेज फर्मों ने भी स्टॉक को लेकर सतर्क रुख अपनाया है।
नई दिल्ली। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड यानी TMPV के शेयरों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिला। कंपनी ने गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी Q1FY27 के नतीजे जारी किए थे। नतीजों के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही और शेयर में 5 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
कंपनी के प्रदर्शन पर सबसे बड़ा दबाव JLR कारोबार से आया। ग्लोबल ऑटो सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, डिस्काउंटिंग, वारंटी लागत और पुराने होते मॉडल पोर्टफोलियो जैसी चुनौतियों का असर JLR के प्रदर्शन पर दिखाई दे रहा है। हालांकि भारत में पैसेंजर व्हीकल कारोबार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि इससे JLR सेगमेंट की चुनौतियों की पूरी भरपाई करना मुश्किल हो सकता है।
Q1 नतीजों के बाद TMPV शेयर में गिरावट
शुक्रवार को टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर करीब ₹329 के स्तर पर खुले। शुरुआती कारोबार में शेयर 5 फीसदी से अधिक गिरकर इसी क्षेत्र के आसपास कारोबार करता नजर आया।
बाजार की प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि निवेशकों का ध्यान कंपनी के भारतीय पैसेंजर व्हीकल कारोबार से ज्यादा JLR की लाभप्रदता और आने वाले समय की चुनौतियों पर है।
Q1FY27 में कंपनी का एडजस्टेड PAT करीब ₹11.4 अरब रहा, जबकि बाजार में करीब ₹1.2 अरब के नुकसान का अनुमान लगाया गया था। यानी मुनाफे के मोर्चे पर आंकड़ा अनुमान से बेहतर रहा। इसके बावजूद JLR के मार्जिन और लागत से जुड़ी चिंताओं ने शेयर पर दबाव बढ़ाया।
JLR सेगमेंट बना सबसे बड़ी चिंता
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के प्रदर्शन में JLR की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में इस सेगमेंट की कमजोर स्थिति का सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ता है।
ब्रोकरेज के मुताबिक JLR के सामने इस समय कई चुनौतियां हैं। इनमें बढ़ती प्रतिस्पर्धा, ज्यादा डिस्काउंट, वारंटी खर्च और पूंजीगत खर्च से जुड़ी लागत प्रमुख हैं। इसके अलावा JLR के कुछ प्रमुख मॉडल अब पुराने हो रहे हैं, जिससे कंपनी को प्रतिस्पर्धी बाजार में दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
कंपनी के लिए चुनौती यह भी है कि ग्लोबल ऑटो बाजार में ग्राहकों की पसंद तेजी से बदल रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों और नए मॉडल्स को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। ऐसे में नए प्रोडक्ट लॉन्च और ब्रांड की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को बनाए रखना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
मोतीलाल ओसवाल की TMPV पर ‘Sell’ रेटिंग
घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक के लिए ₹310 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है।
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक JLR का प्रदर्शन कुछ मामलों में अनुमान से बेहतर रहा। इसी वजह से कंपनी का Q1FY27 एडजस्टेड PAT ₹11.4 अरब रहा, जबकि पहले करीब ₹1.2 अरब के नुकसान का अनुमान था।
हालांकि बेहतर मुनाफे के बावजूद JLR के मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। खास तौर पर VME लागत में तेज वृद्धि को लेकर चिंता बनी हुई है। इसलिए ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की कमाई की तस्वीर को केवल एक तिमाही के बेहतर मुनाफे के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए।
जेफरीज ने भी दी ‘Underperform’ रेटिंग
ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस जेफरीज ने भी TMPV के शेयरों को लेकर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखते हुए करीब ₹300 का टारगेट प्राइस तय किया है।
यह टारगेट मौजूदा स्तरों से शेयर में करीब 12.5 फीसदी तक गिरावट की संभावना की ओर संकेत करता है।
जेफरीज के अनुसार JLR के सामने कई परिचालन संबंधी चुनौतियां हैं। कंपनी को प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अधिक डिस्काउंटिंग और वारंटी खर्च का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा CWIP यानी निर्माणाधीन पूंजीगत परिसंपत्तियों में बढ़ोतरी भी चिंता का विषय है।
ब्रोकरेज का मानना है कि JLR के प्रमुख मॉडल पोर्टफोलियो के पुराने होने का असर आने वाले समय में कारोबार की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर पड़ सकता है।
भारत का पैसेंजर व्हीकल कारोबार दे रहा सहारा
टाटा मोटर्स के लिए राहत की बात यह है कि भारत में उसका पैसेंजर व्हीकल कारोबार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। घरेलू बाजार में कंपनी की SUV और अन्य पैसेंजर व्हीकल्स की मांग कारोबार को सहारा दे रही है।
हालांकि जेफरीज का मानना है कि भारतीय PV कारोबार का बेहतर प्रदर्शन JLR सेगमेंट में होने वाले दबाव की पूरी तरह भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता।
यही वजह है कि निवेशकों की नजर अब आने वाली तिमाहियों में JLR के मार्जिन, बिक्री, नए मॉडल और लागत नियंत्रण पर रहेगी। अगर JLR के प्रदर्शन में सुधार आता है, तो कंपनी के शेयरों में भी सेंटीमेंट बेहतर हो सकता है। वहीं, अगर चुनौतियां बनी रहती हैं तो स्टॉक पर दबाव जारी रहने की आशंका बनी रहेगी।
TMPV Share Price: 325 रुपये पर सपोर्ट, 345 रुपये रेजिस्टेंस
आनंद राठी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के जिगर एस. पटेल के मुताबिक टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर के लिए ₹325 का स्तर अहम सपोर्ट है।
वहीं, ऊपर की ओर ₹345 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना जा रहा है। इसका मतलब है कि बाजार में मौजूदा स्तरों से शेयर की दिशा तय करने में इन दोनों स्तरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
अगर शेयर ₹325 के आसपास का सपोर्ट बनाए रखने में सफल रहता है तो इसमें रिकवरी की कोशिश देखने को मिल सकती है। दूसरी तरफ इस स्तर के नीचे कमजोरी बढ़ने पर बिकवाली का दबाव और तेज हो सकता है।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?
TMPV के शेयर में आगे की दिशा तय करने के लिए निवेशकों को मुख्य रूप से चार चीजों पर नजर रखनी चाहिए:
- JLR की बिक्री और मार्जिन: कंपनी की कुल कमाई पर इसका बड़ा प्रभाव है।
- VME और अन्य लागत: लागत में बढ़ोतरी मार्जिन को प्रभावित कर सकती है।
- भारत का PV कारोबार: घरेलू कारोबार की मजबूत ग्रोथ कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है।
- नए मॉडल और प्रतिस्पर्धा: नए मॉडल की लॉन्चिंग और JLR की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगी।
कुल मिलाकर Q1FY27 के नतीजों के बाद TMPV के शेयरों पर दबाव देखने को मिला है। हालांकि कंपनी का एडजस्टेड मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, लेकिन JLR से जुड़ी चुनौतियां निवेशकों और ब्रोकरेज के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। फिलहाल मोतीलाल ओसवाल और जेफरीज दोनों ने स्टॉक पर सतर्क रुख अपनाया है और क्रमशः ₹310 और ₹300 के टारगेट प्राइस दिए हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में शेयर को लेकर दी गई जानकारी ब्रोकरेज रिपोर्ट और बाजार विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे किसी भी तरह की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


