Tempsens IPO Listing: टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों ने शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की है। ₹300 के इश्यू प्राइस के मुकाबले BSE पर शेयर ₹634 और NSE पर ₹631.20 पर लिस्ट हुआ। यानी आईपीओ निवेशकों को शुरुआत में करीब 111 फीसदी का शानदार लिस्टिंग गेन मिला। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में मुनाफावसूली देखने को मिली और भाव शुरुआती स्तर से नीचे आ गया।
टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और यह कुल 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब कंपनी के शेयरों की बाजार में लिस्टिंग के बाद निवेशकों की नजर आगे के प्रदर्शन पर है।
111% के गेन के साथ हुई Tempsens IPO Listing
टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज घरेलू शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत हुई। कंपनी ने आईपीओ के तहत शेयरों का इश्यू प्राइस ₹300 प्रति शेयर तय किया था।
लिस्टिंग के समय BSE पर शेयर ₹634 और NSE पर ₹631.20 के भाव पर खुला। इस तरह BSE पर आईपीओ निवेशकों को करीब 111.33 फीसदी का लिस्टिंग गेन मिला। यानी जिन निवेशकों को आईपीओ में ₹300 के भाव पर शेयर मिले थे, उनकी निवेश राशि लिस्टिंग के साथ ही दोगुने से ज्यादा हो गई।
हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में मुनाफावसूली शुरू हो गई। इसके चलते BSE पर यह गिरकर ₹600.10 तक आ गया। इस भाव पर भी आईपीओ निवेशक करीब 100 फीसदी के मुनाफे में बने हुए थे।
184 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO
Tempsens IPO को सभी कैटेगरी के निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। ₹650 करोड़ के इस इश्यू को कुल 184.22 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो:
- QIB हिस्सा: 302.88 गुना सब्सक्राइब
- NII हिस्सा: 314.44 गुना सब्सक्राइब
- रिटेल निवेशक हिस्सा: 61.00 गुना सब्सक्राइब
- एंप्लॉयीज हिस्सा: 124.95 गुना सब्सक्राइब
इतनी मजबूत मांग का असर शेयर की लिस्टिंग पर भी देखने को मिला और कंपनी के शेयर ने इश्यू प्राइस से काफी ऊंचे स्तर पर बाजार में शुरुआत की।
IPO से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?
टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के ₹650 करोड़ के आईपीओ में ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा ₹4 फेस वैल्यू वाले करीब 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बिक्री की गई।
OFS से मिलने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाती, बल्कि यह पैसा शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरहोल्डर्स को मिलता है। वहीं, नए शेयरों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अलग-अलग कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी।
कंपनी की ओर से बताए गए इस्तेमाल के मुताबिक रकम का उपयोग कैपिटल एक्सपेंडिचर, कर्ज कम करने, सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों और आईपीओ से जुड़े खर्चों में किया जाएगा।
कंपनी के अनुसार नए इश्यू से संबंधित रकम में करीब ₹18.13 करोड़ कैपिटल एक्सपेंडिचर और ₹55 करोड़ कर्ज घटाने के लिए इस्तेमाल किए जाने हैं। इसके अलावा करीब ₹14.18 करोड़ सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों और लगभग ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों के लिए निर्धारित हैं।
क्या काम करती है Tempsens Instruments?
Tempsens Instruments मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्र के लिए तापमान मापने और नियंत्रित करने वाले प्रोडक्ट्स तैयार करती है। कंपनी के ग्राहक देश-विदेश की फैक्ट्रियों और अलग-अलग इंडस्ट्रीज में हैं।
इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में तापमान मापने वाले सेंसर, इंडस्ट्रियल हीटर और विशेष प्रकार के इंडस्ट्रियल केबल शामिल हैं। कंपनी MRO यानी Maintenance, Repair and Operations से जुड़ी सेवाओं में भी कारोबार करती है।
कंपनी का कारोबार भारत तक सीमित नहीं है। यह 80 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट्स और सेवाएं उपलब्ध कराती है।
मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, तापमान सेंसर सेगमेंट में कंपनी की करीब 10.5 फीसदी हिस्सेदारी थी। रेवेन्यू के आधार पर कंपनी देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है। वहीं इलेक्ट्रिकल हीटर्स के कारोबार में भी इसकी मजबूत स्थिति बताई गई है।
Tempsens Instruments की वित्तीय स्थिति कैसी है?
किसी भी आईपीओ के बाद कंपनी के शेयर में निवेश से पहले उसके कारोबार और वित्तीय स्थिति को समझना जरूरी होता है। टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के हालिया वित्तीय आंकड़ों में कारोबार में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है।
वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 32 फीसदी CAGR की दर से बढ़कर ₹71.07 करोड़ हो गया। इसी अवधि में कंपनी की टोटल इनकम करीब 28 फीसदी CAGR की दर से बढ़ी और यह ₹455.86 करोड़ तक पहुंच गई।
मार्च 2026 के अंत में कंपनी पर करीब ₹77.95 करोड़ का कुल कर्ज था। वहीं कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की रकम करीब ₹465.16 करोड़ थी।
इन आंकड़ों से कंपनी के कारोबार में ग्रोथ और बैलेंस शीट की स्थिति को समझने में मदद मिलती है। हालांकि, शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद शेयर का प्रदर्शन केवल वित्तीय आंकड़ों पर निर्भर नहीं करता। वैल्यूएशन, भविष्य की कमाई, इंडस्ट्री की स्थिति और बाजार का रुख भी अहम भूमिका निभाते हैं।
Listing Gain के बाद क्या निवेशकों को खरीदना चाहिए शेयर?
Tempsens IPO की लिस्टिंग निश्चित तौर पर आईपीओ निवेशकों के लिए शानदार रही है। ₹300 के इश्यू प्राइस से शेयर का ₹600 के आसपास कारोबार करना बताता है कि लिस्टिंग के बाद भी निवेशक इश्यू प्राइस की तुलना में करीब दोगुने मूल्य पर शेयर देख रहे हैं।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मौजूदा स्तर पर शेयर खरीदना भी उतना ही फायदेमंद होगा। आईपीओ में आवंटित शेयर और लिस्टिंग के बाद बाजार से शेयर खरीदने की स्थिति अलग होती है। लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत कंपनी के कारोबार, वैल्यूएशन और बाजार की मांग-आपूर्ति के आधार पर तेजी से बदल सकती है।
इसलिए केवल 111 फीसदी के लिस्टिंग गेन को देखकर निवेश का फैसला करने के बजाय कंपनी की कमाई, कर्ज, वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं का भी आकलन करना जरूरी है।
निष्कर्ष
Tempsens Instruments ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत करते हुए आईपीओ निवेशकों को पहले ही दिन करीब 111 फीसदी का लिस्टिंग गेन दिया। कंपनी का आईपीओ 184 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था, जिससे निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी का पता चलता है।
कंपनी इंडस्ट्रियल टेंपरेचर सेंसर, हीटर्स और अन्य संबंधित प्रोडक्ट्स के कारोबार में है और 80 से ज्यादा देशों में मौजूदगी रखती है। पिछले कुछ वित्त वर्षों में कंपनी की आय और मुनाफे में भी अच्छी वृद्धि हुई है। हालांकि, लिस्टिंग के बाद मौजूदा भाव पर निवेश करने से पहले कंपनी की वैल्यूएशन और कारोबारी संभावनाओं का स्वतंत्र विश्लेषण करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, वैल्यूएशन और जोखिमों का अध्ययन करें तथा जरूरत पड़ने पर सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी शेयर में निवेश की सलाह या सिफारिश नहीं करता।


