नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर देशभर के सरकारी कर्मचारियों में चर्चा तेज है। इसी बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने लाखों फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। राज्य सरकार ने आशा (ASHA), आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मासिक मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की घोषणा की है। नया मानदेय 1 अगस्त 2026 से लागू होगा, जिससे लाखों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
Highlights
- पश्चिम बंगाल सरकार ने आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी की।
- आशा कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय ₹6,250 से बढ़कर ₹11,250 हुआ।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अब ₹14,000 और सहायिकाओं को ₹11,800 प्रति माह मिलेगा।
- नई दरें 1 अगस्त 2026 से लागू होंगी।
- लाखों फ्रंटलाइन हेल्थ और पोषण कार्यकर्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा।
सरकार ने क्या फैसला लिया?
पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मासिक मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
सरकार का कहना है कि यह फैसला जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं में अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती देने के उद्देश्य से लिया गया है। बढ़ा हुआ मानदेय 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा।
किसका कितना बढ़ा मानदेय?
नई घोषणा के बाद विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों का मानदेय इस प्रकार होगा—
| कर्मचारी | पहले मानदेय | नया मानदेय |
|---|---|---|
| आशा (ASHA) कार्यकर्ता | ₹6,250 | ₹11,250 |
| आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | – | ₹14,000 |
| आंगनवाड़ी सहायिका | – | ₹11,800 |
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाला प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (Performance Incentive) पहले की तरह अलग से मिलता रहेगा, यानी उनकी कुल मासिक आय इससे भी अधिक हो सकती है।
क्यों अहम है यह फैसला?
आशा और आंगनवाड़ी कर्मचारी देश की स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं। ये कर्मचारी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में—
- गर्भवती महिलाओं की देखभाल,
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं,
- टीकाकरण अभियान,
- पोषण कार्यक्रम,
- जनस्वास्थ्य जागरूकता
जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को निभाते हैं।
लंबे समय से ये कर्मचारी मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। ऐसे में राज्य सरकार का यह फैसला उनकी आर्थिक स्थिति और कार्य उत्साह दोनों को मजबूत करेगा।
बढ़ा हुआ पैसा कब मिलेगा?
सरकार के आदेश के अनुसार नया मानदेय 1 अगस्त 2026 से लागू होगा। यानी अगस्त 2026 के कार्यकाल का भुगतान नई दरों के अनुसार किया जाएगा। संबंधित विभागों को आवश्यक वित्तीय स्वीकृति भी दे दी गई है ताकि कर्मचारियों को बढ़ा हुआ भुगतान समय पर मिल सके।
बजट की व्यवस्था भी पूरी
राज्य सरकार ने बताया है कि इस अतिरिक्त वित्तीय भार की व्यवस्था बजट में संबंधित मदों के तहत की गई है। वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद सभी संबंधित विभागों को आवश्यक फंड उपलब्ध कराया जाएगा ताकि भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।
क्या इसका संबंध 8वें वेतन आयोग से है?
यह फैसला सीधे तौर पर 8वें वेतन आयोग का हिस्सा नहीं है। क्योंकि आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित सरकारी वेतनमान के बजाय मानदेय दिया जाता है। हालांकि कर्मचारियों के लिए वेतन और मानदेय बढ़ाने की दिशा में राज्यों द्वारा उठाए जा रहे ऐसे कदम यह संकेत जरूर देते हैं कि सरकारें फ्रंटलाइन वर्कर्स की आर्थिक स्थिति सुधारने पर अधिक ध्यान दे रही हैं।
निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के बीच पश्चिम बंगाल सरकार की यह घोषणा बड़ी राहत लेकर आई है। आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में हुई बढ़ोतरी से लाखों परिवारों की आय बढ़ेगी और स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं से जुड़े इन कर्मचारियों का मनोबल भी मजबूत होगा।


