Highlights
- Suzlon Energy का चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 5.6% घटा
- डिफर्ड टैक्स क्रेडिट कम होने से मुनाफे पर पड़ा असर
- कंपनी की ऑपरेशनल इनकम में जोरदार बढ़ोतरी
- ब्रोकरेज फर्म एम्बिट ने शेयर पर ₹60 का टारगेट दिया
- दो महीनों में शेयर करीब 35% चढ़ चुका है
नई दिल्ली। देश की दिग्गज रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Suzlon Energy ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 5.6% घटकर 1,114 करोड़ रुपये रहा। हालांकि पहली नजर में यह गिरावट कमजोर लग सकती है, लेकिन कंपनी के मूल कारोबार यानी ऑपरेशनल प्रदर्शन में मजबूत सुधार देखने को मिला है। यही वजह है कि बाजार विशेषज्ञ अब भी इस शेयर पर बुलिश नजर आ रहे हैं।
सोमवार को आए नतीजों के बाद निवेशकों की नजर इस बात पर टिक गई कि क्या हालिया तेजी के बाद भी इस शेयर में कमाई का मौका बचा है। खास बात यह है कि ब्रोकरेज फर्म एम्बिट इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने शेयर पर “Buy” रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹60 प्रति शेयर का टारगेट दिया है।
क्यों घटा सुजलॉन का मुनाफा?
कंपनी के अनुसार, चौथी तिमाही में लाभ घटने की सबसे बड़ी वजह “डिफर्ड टैक्स क्रेडिट” में कमी रही। वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में कंपनी को 284.32 करोड़ रुपये का डिफर्ड टैक्स लाभ मिला, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह आंकड़ा 600.75 करोड़ रुपये था।
यानी कंपनी के मुख्य बिजनेस में कोई बड़ी कमजोरी नहीं आई, बल्कि टैक्स से जुड़े लाभ कम होने की वजह से नेट प्रॉफिट प्रभावित हुआ। यही कारण है कि कई विश्लेषक इस गिरावट को “तकनीकी” मान रहे हैं, न कि बिजनेस स्लोडाउन का संकेत।
ऑपरेशनल प्रदर्शन ने बढ़ाया भरोसा
जहां शुद्ध लाभ थोड़ा कमजोर दिखा, वहीं कंपनी की परिचालन आय (Operational Revenue) में शानदार तेजी दर्ज की गई। मार्च तिमाही में कंपनी की ऑपरेशनल इनकम बढ़कर 5,468 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 3,774 करोड़ रुपये थी।
यानी कंपनी की आय में लगभग 45% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। इससे यह संकेत मिलता है कि विंड एनर्जी सेक्टर में मांग मजबूत बनी हुई है और कंपनी को नए ऑर्डर लगातार मिल रहे हैं।
पूरे साल का प्रदर्शन कैसा रहा?
अगर पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है।
| वित्त वर्ष | शुद्ध लाभ | परिचालन आय |
|---|---|---|
| FY25 | ₹2,072 करोड़ | ₹10,851 करोड़ |
| FY26 | ₹3,163 करोड़ | ₹16,679 करोड़ |
इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी ने पूरे साल में आय और मुनाफे दोनों मोर्चों पर मजबूत ग्रोथ दिखाई है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में सरकार के बढ़ते फोकस और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विस्तार का फायदा कंपनी को मिल रहा है।
शेयर में पहले ही आ चुकी है बड़ी तेजी
SUZLON के शेयर में पिछले दो महीनों के दौरान करीब 35% की तेजी देखने को मिली है। शुक्रवार को नतीजों से पहले शेयर बीएसई पर 1.68% बढ़कर 53.78 रुपये पर बंद हुआ।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि शेयर में आई तेजी सिर्फ सट्टेबाजी की वजह से नहीं, बल्कि कंपनी के मजबूत ऑर्डर बुक, बेहतर बैलेंस शीट और लगातार सुधरते फाइनेंशियल प्रदर्शन के कारण है।
एम्बिट ने क्यों दिया ₹60 का टारगेट?
ब्रोकरेज फर्म एम्बिट इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि आने वाले समय में भारत में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की ग्रोथ तेज बनी रह सकती है। सरकार 2030 तक ग्रीन एनर्जी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिसका फायदा विंड एनर्जी कंपनियों को मिलेगा।
एम्बिट ने कहा कि कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत है, कर्ज की स्थिति पहले से बेहतर हुई है ऑपरेशनल मार्जिन में सुधार दिख रहा है विंड एनर्जी सेक्टर में मांग बढ़ रही है. इन्हीं कारणों से ब्रोकरेज ने शेयर पर ₹60 का टारगेट रखा है। मौजूदा भाव 53.78 रुपये के मुकाबले यह करीब 11.5% की संभावित बढ़त दर्शाता है।
क्या अब भी निवेश का मौका है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह शेयर अब सिर्फ “पेनी स्टॉक” वाली कैटेगरी में नहीं देखा जा रहा, बल्कि रिन्यूएबल एनर्जी थीम का मजबूत खिलाड़ी बनता जा रहा है। हालांकि, हालिया तेजी के बाद इसमें उतार-चढ़ाव भी तेज रह सकता है।
अगर सरकार की ग्रीन एनर्जी नीति मजबूत रहती है कंपनी को नए ऑर्डर मिलते रहते हैं मार्जिन सुधार जारी रहता है तो आने वाले समय में शेयर में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि विंड एनर्जी सेक्टर काफी कैपिटल-इंटेंसिव होता है और इसमें प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, कच्चे माल की लागत और नीतिगत बदलावों का असर तेजी से पड़ता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सुजलॉन के ताजा नतीजे यह बताते हैं कि कंपनी का मूल कारोबार मजबूत बना हुआ है। शुद्ध लाभ में हल्की गिरावट जरूर आई है, लेकिन ऑपरेशनल ग्रोथ और पूरे साल के प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है।
अगर बाजार की मौजूदा धारणा सकारात्मक रहती है और कंपनी आने वाली तिमाहियों में भी मजबूत आय वृद्धि दिखाती है, तो यह शेयर मध्यम अवधि में निवेशकों के लिए आकर्षक बना रह सकता है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी केवल समाचार और विश्लेषण के उद्देश्य से है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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