नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google और उसकी पैरेंट कंपनी Alphabet के CEO सुंदर पिचाई आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। 10 जून 1972 को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में जन्मे सुंदर पिचाई आज उन भारतीयों में शामिल हैं जिन्होंने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर दुनिया की सबसे प्रभावशाली टेक कंपनियों में शीर्ष पद तक पहुंचने का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
आज सुंदर पिचाई सिर्फ Google के CEO नहीं हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल टेक्नोलॉजी की दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं कि उनकी कुल संपत्ति कितनी है, उन्हें कितनी सैलरी मिलती है और आखिर कैसे उन्होंने Google को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
IIT खड़गपुर से सिलिकॉन वैली तक का सफर
सुंदर पिचाई का पूरा नाम पिचाई सुंदरराजन है। उनका बचपन चेन्नई में बीता। उनके पिता एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे जबकि उनकी मां स्टेनोग्राफर के रूप में काम कर चुकी थीं। परिवार आर्थिक रूप से बेहद संपन्न नहीं था, लेकिन शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी गई।
पिचाई ने IIT खड़गपुर से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्हें अमेरिका की प्रतिष्ठित Stanford University में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति मिली। वहां उन्होंने Material Sciences and Engineering में मास्टर्स किया। बाद में उन्होंने University of Pennsylvania के Wharton School से MBA की डिग्री भी प्राप्त की।
उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों ने उन्हें कॉर्पोरेट दुनिया में तेजी से आगे बढ़ने का अवसर दिया। Google में शामिल होने से पहले उन्होंने McKinsey & Company में भी काम किया था।
Google में कैसे हुई एंट्री?
साल 2004 सुंदर पिचाई के करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इसी वर्ष उन्होंने Google जॉइन किया। शुरुआत में उन्हें Product Management की जिम्मेदारी दी गई थी। उस समय उन्होंने Google Toolbar और Search Products पर काम किया।
Google Chrome ब्राउज़र को लॉन्च करने के पीछे भी सुंदर पिचाई की अहम भूमिका मानी जाती है। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, Chrome प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का विचार भी उन्होंने ही कंपनी के नेतृत्व के सामने रखा था। आज Chrome दुनिया का सबसे लोकप्रिय इंटरनेट ब्राउज़र है।
Chrome की सफलता के बाद उन्हें Android, Google Drive, Gmail और अन्य प्रमुख उत्पादों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। धीरे-धीरे कंपनी के भीतर उनका प्रभाव बढ़ता गया और वे तत्कालीन CEO लैरी पेज के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल हो गए।
2015 में बने Google के CEO
Google में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद अगस्त 2015 में सुंदर पिचाई को कंपनी का CEO नियुक्त किया गया। यह वह समय था जब Google ने अपने बिजनेस स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करते हुए Alphabet नाम की नई होल्डिंग कंपनी बनाई थी।
CEO बनने के बाद पिचाई ने कंपनी का फोकस केवल सर्च इंजन तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने Artificial Intelligence, Cloud Computing, Quantum Computing और Enterprise Services जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश किए। आज Google AI रेस में दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण कंपनियों में शामिल है।
पिचाई के नेतृत्व में सात गुना बढ़ी कंपनी की वैल्यू
Alphabet के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग सात गुना बढ़ा है। 2015 में जहां कंपनी की वैल्यू करीब 535 अरब डॉलर थी, वहीं अब यह 3.6 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुंच चुकी है।
इस साल जनवरी में Alphabet ने कुछ समय के लिए 4 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा भी पार कर लिया था। कंपनी की इस सफलता का बड़ा श्रेय सुंदर पिचाई के नेतृत्व, AI रणनीति और क्लाउड बिजनेस के विस्तार को दिया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि OpenAI और अन्य प्रतिस्पर्धियों से बढ़ती चुनौती के बावजूद Google को AI की दौड़ में मजबूत बनाए रखने में पिचाई की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।
कितनी है सुंदर पिचाई की नेटवर्थ?
Forbes Real-Time Billionaires के अनुसार 9 जून 2026 तक सुंदर पिचाई की अनुमानित नेटवर्थ करीब 1.6 अरब डॉलर थी। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 15,000 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है।
उनकी अधिकांश संपत्ति वेतन से नहीं बल्कि Google और Alphabet के शेयरों से बनी है। कंपनी के शेयरों में वर्षों से आई तेजी ने उनकी व्यक्तिगत संपत्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी की है।
दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के कई बड़े कॉर्पोरेट नेताओं की तरह सुंदर पिचाई की कमाई का बड़ा हिस्सा भी स्टॉक आधारित मुआवजे से आता है। इसलिए कंपनी का प्रदर्शन जितना बेहतर होता है, उनकी संपत्ति भी उतनी तेजी से बढ़ती है।
सालाना सैलरी कितनी है?
Alphabet की रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक सुंदर पिचाई का बेसिक सालाना वेतन लगभग 20 लाख डॉलर है। भारतीय मुद्रा में यह करीब 17 करोड़ रुपये बैठता है।
हालांकि उनकी वास्तविक कमाई इससे कहीं ज्यादा होती है क्योंकि उन्हें नियमित रूप से बड़े स्टॉक अवॉर्ड और परफॉर्मेंस इंसेंटिव भी दिए जाते हैं।
दिसंबर 2022 में उन्हें लगभग 21.80 करोड़ डॉलर का स्टॉक अवॉर्ड दिया गया था। यह पैकेज कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन से जुड़ा हुआ था।
5,700 करोड़ रुपये से ज्यादा का नया पैकेज
हाल ही में Alphabet के बोर्ड ने सुंदर पिचाई के लिए नया तीन वर्षीय Performance-Based Compensation Package मंजूर किया है। इसके तहत वह अगले तीन वर्षों में 69.2 करोड़ डॉलर यानी लगभग 5,700 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त कर सकते हैं।
हालांकि यह पूरी राशि नकद नहीं होगी। इसका अधिकांश हिस्सा Performance Stock Units (PSUs) के रूप में दिया जाएगा।
इन स्टॉक यूनिट्स का वास्तविक मूल्य इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले वर्षों में Alphabet का शेयर प्रदर्शन कैसा रहता है। यदि कंपनी अच्छा प्रदर्शन करती है तो इन स्टॉक यूनिट्स का मूल्य और बढ़ सकता है।
सुरक्षा पर भी करोड़ों का खर्च
Google अपने CEO की सुरक्षा को लेकर भी काफी गंभीर है। Financial Times की एक रिपोर्ट के अनुसार 2024 में सुंदर पिचाई की व्यक्तिगत सुरक्षा पर कंपनी ने लगभग 83 लाख डॉलर खर्च किए।
इसमें निजी सुरक्षा टीम, यात्रा सुरक्षा, आवासीय सुरक्षा और अन्य सुरक्षा प्रबंध शामिल हैं। वैश्विक स्तर पर बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुखों के लिए ऐसे सुरक्षा खर्च अब सामान्य माने जाते हैं।
पत्नी अंजलि के साथ कितने शेयर हैं?
Alphabet की फाइलिंग के अनुसार सुंदर पिचाई और उनकी पत्नी अंजलि पिचाई के पास मिलाकर लगभग 16.7 लाख Google शेयर हैं।
यही कारण है कि कंपनी के शेयर मूल्य में होने वाला बदलाव उनकी व्यक्तिगत संपत्ति को भी सीधे प्रभावित करता है। Alphabet के शेयरों में तेजी आने पर उनकी नेटवर्थ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जाती है।
भारतीय युवाओं के लिए क्यों हैं प्रेरणा?
सुंदर पिचाई की कहानी केवल करोड़ों-अरबों की संपत्ति की कहानी नहीं है। यह उस भारतीय छात्र की कहानी है जिसने साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर वैश्विक टेक उद्योग में शीर्ष स्थान हासिल किया।
उन्होंने दिखाया कि शिक्षा, तकनीकी ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और लंबे समय तक लगातार मेहनत किसी भी व्यक्ति को दुनिया की सबसे ऊंची कॉर्पोरेट कुर्सियों तक पहुंचा सकती है।
आज जब भारत AI, स्टार्टअप और डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब सुंदर पिचाई जैसे नेताओं की सफलता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का काम कर रही है।
निष्कर्ष
54वें जन्मदिन पर सुंदर पिचाई न केवल Google के सबसे सफल CEOs में गिने जाते हैं, बल्कि वे वैश्विक टेक उद्योग के सबसे प्रभावशाली चेहरों में भी शामिल हैं। लगभग 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की नेटवर्थ, हजारों करोड़ रुपये के स्टॉक पैकेज और दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में नेतृत्व की जिम्मेदारी उन्हें कॉर्पोरेट जगत के सबसे ताकतवर व्यक्तियों में शामिल करती है। चेन्नई से सिलिकॉन वैली तक का उनका सफर यह साबित करता है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर वैश्विक स्तर पर कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।


