केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। NEET परीक्षा विवाद, पेपर लीक और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कई सप्ताह से चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच यह घटनाक्रम सामने आया। इस बीच कॉमेडियन और स्ट्रीमर समय रैना ने छात्रों का समर्थन करते हुए एक पोस्ट शेयर की, जो देखते ही देखते वायरल हो गई।
छात्रों के आंदोलन के बीच सामने आया इस्तीफा
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर देशभर में छात्रों ने लंबे समय तक प्रदर्शन किए। NEET परीक्षा से जुड़े विवाद, पेपर लीक के आरोप और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना हुआ था।
इसी बीच 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि, खबरों के मुताबिक इस्तीफा अभी प्रधानमंत्री के पास है और इसे औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है। जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Instagram पर यह टॉप ट्रेंड बन गई।
समय रैना ने छात्रों को दी बधाई
कॉमेडियन और लोकप्रिय स्ट्रीमर समय रैना इस खबर पर प्रतिक्रिया देने वाले शुरुआती चर्चित चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा,
“छात्रों को और ताकत मिले।”
समय रैना की इस छोटी लेकिन प्रभावशाली पोस्ट को हजारों लोगों ने शेयर किया। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे छात्रों के लंबे संघर्ष के समर्थन के रूप में देखा और उनकी प्रतिक्रिया की सराहना की।
वीर दास ने भी जताई प्रतिक्रिया
स्टैंड-अप कॉमेडियन वीर दास ने भी इस घटनाक्रम पर इंस्टाग्राम के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा,
“आप लोगों ने उस किताब के एक छोटे से वाक्य का एक शब्द वापस ला दिया, जिसे हम सबने स्कूल में पढ़ा था और भूल गए थे। प्यारे बच्चों, अब आगे चाहे जो भी हो, जीत आपकी हुई है। अब जल्दी से जश्न मनाओ।”
उनकी पोस्ट भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और बड़ी संख्या में लोगों ने इसे शेयर किया।
सोशल मीडिया पर छात्रों के समर्थन में दिखा माहौल
इस्तीफे की खबर के बाद कई यूजर्स ने इसे छात्र आंदोलन की बड़ी सफलता बताया। एक यूजर ने लिखा,
“शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। उम्मीद है कि राष्ट्रपति जल्द इसे मंजूरी देंगे। छात्रों और उनके समर्थन में खड़े सभी लोगों को बधाई। भारत एक साफ-सुथरी शिक्षा व्यवस्था का हकदार है।”
कई अन्य यूजर्स ने भी शिक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग दोहराई।
धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में भी आए लोग
हालांकि सोशल मीडिया पर सभी प्रतिक्रियाएं एक जैसी नहीं थीं। कई लोगों ने धर्मेंद्र प्रधान के फैसले की सराहना करते हुए उन्हें जिम्मेदार नेता बताया।
एक यूजर ने लिखा,
“असली नेता वही होता है जो गलती अपनी न होने पर भी जिम्मेदारी लेता है। धर्मेंद्र प्रधान जी के लिए सम्मान और बढ़ गया।”
एक अन्य व्यक्ति ने कहा,
“छात्रों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी। अगर अब नई मांगें सामने आती हैं तो उनका अलग तरीके से मूल्यांकन होना चाहिए।”
क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ समय से NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था। कई छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया।
फिलहाल इस्तीफे पर अंतिम फैसला औपचारिक स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगा। वहीं सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस अभी भी जारी है और छात्र संगठन आगे की सरकारी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।


