मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर की दान पेटी से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की चोरी होती रही। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि मंदिरों में आने वाला दान भी अब भ्रष्टाचार से सुरक्षित नहीं है। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
राज ठाकरे ने क्या कहा?
STORY | Rs 18 crore donations 'stolen' annually from Mumbai's Siddhivinayak Temple, alleges Raj Thackeray
Maharashtra Navnirman Sena (MNS) president Raj Thackeray has claimed that donations of Rs 18 crore were being siphoned off every year at the famous Siddhivinayak Temple in… pic.twitter.com/OWfbodTAlb
— Press Trust of India (@PTI_News) August 2, 2026 शनिवार (1 अगस्त) को अपनी पार्टी की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि आज के समय में लोग अपनी परेशानियों और निराशा के बीच मंदिरों में आस्था लेकर जाते हैं, लेकिन अब मंदिर भी भ्रष्टाचार से अछूते नहीं रहे।
उन्होंने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर की दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को ट्रस्टियों की सतर्कता के कारण पकड़ा गया। ठाकरे ने दावा किया कि यह जानकारी उन्हें आठ ट्रस्टियों द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे गए पत्र से मिली।
‘हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होती रही’
राज ठाकरे के मुताबिक, चोरी का खुलासा होने से पहले मंदिर की साप्ताहिक दान राशि 50 लाख रुपये से भी कम रहती थी। लेकिन कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद यही राशि बढ़कर करीब 1.5 करोड़ रुपये प्रति सप्ताह पहुंच गई।
उन्होंने दावा किया कि इसी आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है कि मंदिर में हर साल लगभग 18 करोड़ रुपये की चोरी होती रही।
राम मंदिर का भी किया जिक्र
अपने भाषण में राज ठाकरे ने अयोध्या के राम मंदिर का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि वहां भी 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई थी और इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आकर जवाब देना चाहिए।
हालांकि, इस दावे को लेकर उन्होंने कोई आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया। अयोध्या में दान चोरी से जुड़े मामलों की जांच पहले से चल रही है और पुलिस ने इस संबंध में कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है।
सिद्धिविनायक ट्रस्ट ने क्या कहा?
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के नेता सदा सरवणकर ने बताया कि मामले में 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि जहां भी आवश्यकता थी, वहां पुलिस में मामले दर्ज कराए गए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर में दान की राशि बढ़ने का कारण केवल चोरी रुकना नहीं, बल्कि ट्रस्ट द्वारा किए गए बेहतर प्रबंधन और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार भी है।
मंदिरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
राज ठाकरे ने अपने भाषण में कहा कि मंदिरों में आने वाला दान पूरी तरह श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक होता है। यदि उसी में गड़बड़ी होती है तो यह बेहद गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि मंदिरों की दान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
मामले पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
राज ठाकरे के आरोपों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष पारदर्शिता की मांग कर रहा है, जबकि ट्रस्ट की ओर से कार्रवाई का हवाला दिया जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां और राज्य सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती हैं।
मुख्य बातें (Key Highlights)
- राज ठाकरे ने सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की कथित चोरी का दावा किया।
- उनका आरोप है कि चोरी पकड़ने के बाद साप्ताहिक दान 50 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गया।
- अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की कथित चोरी का भी जिक्र किया।
- सिद्धिविनायक ट्रस्ट अध्यक्ष सदा सरवणकर ने बताया कि 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।
- ट्रस्ट का कहना है कि दान में बढ़ोतरी बेहतर प्रबंधन और कार्रवाई का भी परिणाम है।


