टीम इंडिया से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने भारतीय टीम में वापसी की संभावनाओं पर खुलकर बात की। आरसीबी पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बात का अफसोस नहीं है और अब वह सिर्फ क्रिकेट के प्यार के लिए खेल रहे हैं।
भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने लंबे समय बाद टीम इंडिया में वापसी को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। पिछले कुछ वर्षों से भारतीय टीम से बाहर चल रहे भुवनेश्वर ने साफ कहा कि उन्हें अब वापसी की संभावना काफी कम नजर आती है, लेकिन उन्हें इस बात का कोई अफसोस नहीं है। उनका कहना है कि अब वह सिर्फ क्रिकेट के प्रति अपने जुनून की वजह से खेल रहे हैं।
हाल ही में पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सुझाव दिया था कि अगले वनडे विश्व कप के लिए चयनकर्ताओं को भुवनेश्वर कुमार के अनुभव पर विचार करना चाहिए। हालांकि, खुद भुवनेश्वर ने इस मुद्दे पर बेहद संतुलित और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
आरसीबी पॉडकास्ट में भुवनेश्वर ने कही दिल की बात
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के आधिकारिक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि अब उनके क्रिकेट खेलने का नजरिया पहले से काफी बदल चुका है।
उन्होंने कहा,
“मैं IPL और घरेलू क्रिकेट इसलिए खेल रहा हूं क्योंकि मुझे यह खेल पसंद है। पहले जब भारत के लिए खेलता था तो भी यही कहता था, लेकिन अब वास्तव में इस बात को महसूस करता हूं कि जो चीजें हमारे नियंत्रण में हैं, हमें सिर्फ उन्हीं पर ध्यान देना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि अब वह परिणामों की बजाय खेल का आनंद लेने पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
‘देश के लिए खेल चुका हूं, अब कुछ साबित नहीं करना’
36 वर्षीय तेज गेंदबाज ने कहा कि भारत के लिए खेलना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा है।
भुवनेश्वर ने कहा,
“मैं पहले भारत के लिए खेल चुका हूं। अब ऐसा नहीं है कि मुझे कुछ हासिल करना बाकी है। अगर दोबारा देश के लिए खेलने का मौका मिलता है तो निश्चित रूप से खुशी होगी, लेकिन मैं उस सफर का हिस्सा पहले ही रह चुका हूं।”
उन्होंने कहा कि अब उनका उद्देश्य सिर्फ फिट रहना और क्रिकेट का आनंद लेना है।
प्रदर्शन में गिरावट के बाद टीम से हुए बाहर
भुवनेश्वर कुमार ने स्वीकार किया कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी दौर में प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा, जिसके बाद वह सीमित ओवरों की भारतीय टीम से बाहर हो गए।
उन्होंने बताया कि टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने अपना आखिरी मुकाबला साल 2018 में खेला था। इसके बाद वह घरेलू क्रिकेट और उत्तर प्रदेश टी20 लीग में लगातार सक्रिय रहे हैं।
भुवनेश्वर ने कहा,
“मैं कोशिश करता हूं कि खेल से मेरा तालमेल बना रहे। साथ ही अपने शरीर को फिट और तरोताजा रखने के लिए जरूरत के मुताबिक आराम भी करता हूं।”
परिवार ने दिया सबसे बड़ा सहारा
भुवनेश्वर कुमार ने अपने परिवार को अपनी मानसिक मजबूती का सबसे बड़ा कारण बताया।
उन्होंने कहा,
“घर पर कभी क्रिकेट की बातें नहीं होतीं। न यह चर्चा होती है कि टीम इंडिया में वापसी होगी या नहीं, न यह कि मुझे क्यों नहीं चुना गया। मुझे किसी बात का कोई अफसोस नहीं है। बदलाव खेल का हिस्सा है और नई पीढ़ी का आना स्वाभाविक है।”
उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी को कभी न कभी इस दौर से गुजरना पड़ता है और उन्होंने इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया है।
अश्विन ने की थी विश्व कप टीम में शामिल करने की वकालत
कुछ दिन पहले पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा था कि अगले वनडे विश्व कप के लिए चयनकर्ताओं को भुवनेश्वर कुमार के अनुभव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अश्विन का मानना था कि बड़े टूर्नामेंट में अनुभवी गेंदबाज टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। हालांकि, खुद भुवनेश्वर ने वापसी को लेकर किसी तरह की उम्मीद या दबाव नहीं दिखाया।
2022 के बाद नहीं खेला कोई अंतरराष्ट्रीय मैच
भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच नवंबर 2022 में खेला था। अपनी शानदार स्विंग गेंदबाजी के लिए पहचाने जाने वाले भुवनेश्वर ने समय के साथ अपनी गेंदबाजी में लगातार बदलाव किए। उन्होंने यॉर्कर, कटर और डेथ ओवरों की गेंदबाजी में भी खुद को बेहतर बनाया।
आईपीएल में उनका अनुभव आज भी साफ नजर आता है और वह लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं।
भुवनेश्वर कुमार का अंतरराष्ट्रीय करियर
- आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच: नवंबर 2022
- आखिरी टेस्ट मैच: 2018
- विशेषता: स्विंग गेंदबाजी, यॉर्कर और कटर
- मौजूदा टीम: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आईपीएल)
- घरेलू क्रिकेट: उत्तर प्रदेश
निष्कर्ष
भुवनेश्वर कुमार के बयान से साफ है कि अब वह भारतीय टीम में वापसी को लेकर किसी दबाव में नहीं हैं। उन्होंने अपने करियर को संतोष के साथ स्वीकार किया है और अब केवल क्रिकेट के प्रति अपने प्रेम के कारण मैदान पर उतर रहे हैं। हालांकि, उनका अनुभव और मौजूदा फॉर्म यह जरूर दिखाते हैं कि यदि कभी मौका मिला तो वह अब भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।


