जुलाई 2026 में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में दोहरे अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि LPG की मांग 17.4% घट गई। जानिए कमजोर मॉनसून, कृषि गतिविधियों और पश्चिम एशिया संकट का ईंधन बाजार पर क्या असर पड़ा।
जुलाई में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी
नई दिल्ली: जुलाई 2026 के दौरान देश में पेट्रोल और डीजल की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की संयुक्त बिक्री में पिछले साल की तुलना में मजबूत उछाल देखने को मिला। दूसरी ओर, घरेलू रसोई गैस (LPG) की बिक्री में लगातार गिरावट जारी रही।
विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर मॉनसून, कृषि क्षेत्र में सिंचाई की बढ़ी जरूरत और परिवहन गतिविधियों में तेजी ने पेट्रोल और डीजल की मांग को बढ़ावा दिया। वहीं, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण एलपीजी उपभोक्ताओं का एक हिस्सा पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर शिफ्ट होता दिखाई दिया।
पेट्रोल की बिक्री में 9.7% की बढ़ोतरी
जुलाई 2026 में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की पेट्रोल बिक्री 9.7% बढ़कर 34.5 लाख टन रही। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 31.4 लाख टन थी।
आंकड़ों के मुताबिक—
- जुलाई 2024 के मुकाबले बिक्री 15.1% अधिक रही।
- जुलाई 2023 की तुलना में इसमें 36.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- हालांकि, जून 2026 के मुकाबले बिक्री में 1.1% की मामूली गिरावट रही, जब यह 34.8 लाख टन थी।
इससे संकेत मिलता है कि सालाना आधार पर मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि मासिक स्तर पर हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
डीजल की मांग में दोहरे अंक की बढ़ोतरी
देश में आर्थिक गतिविधियों का अहम संकेतक माने जाने वाले डीजल की बिक्री जुलाई में 10.7% बढ़कर 71.2 लाख टन पहुंच गई। एक साल पहले इसी महीने यह 64.3 लाख टन थी।
डीजल की मांग बढ़ने के पीछे कई प्रमुख कारण रहे—
- कृषि कार्यों के दौरान सिंचाई के लिए डीजल पंपों का अधिक उपयोग
- माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में तेजी
- ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि मशीनों की बढ़ती मांग
- सामान्य से कमजोर मॉनसून के कारण सिंचाई पर निर्भरता बढ़ना
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में कृषि गतिविधियां मजबूत रहती हैं तो डीजल की मांग भी ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है।
विमान ईंधन (ATF) की बिक्री भी बढ़ी
जुलाई के दौरान एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बिक्री भी सकारात्मक रही।
- जुलाई 2026 में ATF की बिक्री 2.9% बढ़कर 6,59,900 टन रही।
- जुलाई 2025 में यह 6,41,300 टन थी।
- जुलाई 2024 की तुलना में इसमें लगभग 16.5% की वृद्धि दर्ज की गई।
यह बढ़ोतरी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या तथा एयर ट्रैफिक में सुधार का संकेत देती है।
LPG की बिक्री में 17.4% की बड़ी गिरावट
जहां पेट्रोल, डीजल और ATF की मांग बढ़ी, वहीं LPG की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई।
जुलाई में LPG की बिक्री 17.4% घटकर 23.7 लाख टन रह गई।
उद्योग अधिकारियों के अनुसार, इसके पीछे मुख्य कारण हैं—
- पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संकट
- कई उपभोक्ताओं का PNG की ओर रुख
- शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड गैस नेटवर्क का विस्तार
- व्यावसायिक गैस उपभोग के पैटर्न में बदलाव
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन शहरों में PNG नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, वहां LPG की मांग पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।
क्यों बढ़ी पेट्रोल-डीजल की मांग?
जुलाई में ईंधन की मांग बढ़ने के पीछे कई आर्थिक और मौसमी कारण रहे।
- सामान्य से कमजोर मॉनसून
- सिंचाई के लिए डीजल की बढ़ती जरूरत
- परिवहन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में तेजी
- कृषि कार्यों में मशीनों का अधिक इस्तेमाल
- निजी वाहनों की आवाजाही में वृद्धि
इन सभी कारणों ने मिलकर पेट्रोल और डीजल की खपत को मजबूत बनाए रखा।
आगे क्या रह सकता है असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगस्त और सितंबर में भी कृषि गतिविधियां मजबूत रहती हैं और औद्योगिक उत्पादन में तेजी बनी रहती है, तो पेट्रोल और डीजल की मांग ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है। हालांकि, LPG की मांग इस बात पर निर्भर करेगी कि PNG नेटवर्क का विस्तार किस गति से होता है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में हालात कैसे बदलते हैं।
निष्कर्ष
जुलाई 2026 देश के ईंधन बाजार के लिए मिश्रित तस्वीर लेकर आया। एक ओर पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन की मांग में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो आर्थिक गतिविधियों और कृषि क्षेत्र की मजबूती का संकेत है। वहीं दूसरी ओर, LPG की बिक्री में तेज गिरावट ने उपभोक्ताओं की बदलती ऊर्जा प्राथमिकताओं और PNG की बढ़ती स्वीकार्यता को उजागर किया। आने वाले महीनों में मॉनसून, कृषि गतिविधियां और वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति ईंधन की मांग की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।


