NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    crude-price-russia-discount-cheap-oil-benefit-indian-refineries
    Crude Price: रूस ने फिर शुरू किया डिस्काउंट, सस्ता कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरीज के लिए बना बड़ा मौका
    26 जून 2026
    digital-fraud-bank-compensation-rbi-new-rules-2027
    डिजिटल फ्रॉड पर बैंक देगा ₹25 हजार मुआवजा, 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे RBI के नए नियम
    26 जून 2026
    textile-manufacturing-expansion-india-new-textile-hubs-chhattisgarh-kerala-jharkhand
    सूरत, पानीपत और लुधियाना से आगे की सोच रही सरकार, कपड़ा उद्योग को लेकर बड़ा प्लान; इन 3 राज्यों से चल रही बात
    26 जून 2026
    india-green-economy-revenue-110-billion-dollar-lseg-report-2026
    भारत की ग्रीन इकोनॉमी ने रचा इतिहास, ₹9.5 लाख करोड़ पहुंचा रेवेन्यू; LSEG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
    26 जून 2026
    bank-holiday-july-2026-bank-closed-12-days-holiday-list
    Bank Holiday July 2026: जुलाई में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें पूरी छुट्टियों की लिस्ट
    26 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-diesel-price-today-26-june-2026-indian-basket-crude-falls-noida-petrol-price
    Petrol Price Today: इंडियन बास्केट क्रूड सस्ता, नोएडा में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹97.56 पर स्थिर
    26 जून 2026
    petrol-price-today-25-june-2026-wti-crude-oil-70-dollar-petrol-diesel-rate
    Petrol Price Today: WTI क्रूड $70 प्रति बैरल के करीब, रूस के फैसले से बढ़ी उम्मीद; जानिए आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का भाव
    25 जून 2026
    gold-price-fall-deutsche-bank-report-gold-may-drop-30000-rupees
    सोने में ₹30,000 तक की गिरावट? डॉयचे बैंक की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, बताए 3 बड़े कारण
    24 जून 2026
    petrol-diesel-price-today-23-june-2026-crude-oil-falls-brent-price
    Petrol Price Today: US की राहत से 3% टूटा कच्चा तेल, क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? जानिए आज के नए रेट
    23 जून 2026
    petrol-price-today-22-june-2026-crude-oil-rises-hormuz-tension-petrol-diesel-rate
    Petrol Price Today: होर्मुज पर फिर बढ़ा तनाव, उबलने लगा कच्चा तेल; जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट
    22 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    south-korea-stock-market-crash-kospi-trading-halt-chip-stocks-fall
    South Korea Market Fall: भारत में शेयर मार्केट बंद लेकिन साउथ कोरिया में धराशायी हो गया बाजार, रोकनी पड़ी ट्रेडिंग
    26 जून 2026
    tata-chemicals-share-jumps-after-rbi-nbfc-rules-tata-sons-ipo-hopes
    Tata Chemicals Share: RBI के फैसले से टाटा केमिकल्स में लौटी रौनक, 6% तक उछला शेयर; जानिए क्यों बढ़ीं Tata Sons IPO की उम्मीदें
    25 जून 2026
    upcoming-ipo-list-july-2026-sbi-funds-management-zepto-manipal-health-ipo
    Upcoming IPO List: जुलाई में आने वाली है ₹45,000 करोड़ के IPO की बाढ़! SBI और Zepto समेत ये बड़ी कंपनियां मचाएंगी धमाल
    25 जून 2026
    vedanta-aluminium-share-price-target-clsa-kotak-citi-buy-rating
    अनिल अग्रवाल की वेदांता एल्युमीनियम पर 3 ब्रोकरेज फर्म को भरोसा, 33% तक रिटर्न की उम्मीद; वैल्यूएशन में दिख रहा बड़ा डिस्काउंट
    24 जून 2026
    yes-bank-board-meeting-29-june-fund-raising-plan-share-news
    Yes Bank Share News: 29 जून को होगी अहम बोर्ड मीटिंग, फंड जुटाने की तैयारी; शेयर पर क्या होगा असर?
    24 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Share Market Crash: ₹17 लाख करोड़ स्वाहा! 4 दिन में 3,500 अंक टूटा सेंसेक्स, आखिर क्यों मचा बाजार में हाहाकार?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Share Market Crash: ₹17 लाख करोड़ स्वाहा! 4 दिन में 3,500 अंक टूटा सेंसेक्स, आखिर क्यों मचा बाजार में हाहाकार?

Namam Sharma
Last updated: 2026/05/12 at 5:31 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
11 Min Read
share-market-crash-sensex-falls-3500-points-investors-lose-17-lakh-crore-hindi
SHARE

घरेलू शेयर बाजार में भारी तबाही का दौर जारी है। लगातार दूसरे दिन बाजार में बिकवाली इतनी तेज रही कि कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,500 अंक से ज्यादा टूट गया जबकि निफ्टी में 450 अंकों से अधिक की गिरावट देखने को मिली। पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 3,500 अंक यानी चार फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। इस गिरावट ने निवेशकों की दौलत पर भी बड़ा असर डाला है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 6 मई के 473 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 459 लाख करोड़ रुपये रह गया है। यानी सिर्फ चार दिनों में निवेशकों के करीब 17 लाख करोड़ रुपये डूब गए।

Contents
क्यों डर गया है बाजार?1. पश्चिम एशिया संकट और ईरान युद्ध ने बढ़ाई टेंशन2. कच्चे तेल की कीमत 107 डॉलर के पार3. रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा4. विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली5. प्रधानमंत्री मोदी की अपील से भी प्रभावित हुई बाजार धारणाकिन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव?क्या यह 2020 जैसा बड़ा क्रैश बन सकता है?निवेशकों को क्या करना चाहिए?निवेशकों के लिए अहम सलाहक्यों महत्वपूर्ण है यह गिरावट?

बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से लेकर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली तक कई ऐसे फैक्टर हैं जिन्होंने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार गिरावट सिर्फ मिडकैप और स्मॉलकैप तक सीमित नहीं रही बल्कि बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल जैसे बड़े सेक्टर भी दबाव में दिखाई दिए।

क्यों डर गया है बाजार?

इस बार बाजार में गिरावट केवल तकनीकी करेक्शन नहीं मानी जा रही। निवेशकों को डर है कि अगर पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचता है तो भारत जैसी तेल आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत पर पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट में “ग्लोबल रिस्क” का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।


1. पश्चिम एशिया संकट और ईरान युद्ध ने बढ़ाई टेंशन

शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध संकट माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की बजाय लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि ईरान के साथ संभावित सीजफायर “लाइफ सपोर्ट” पर है। अमेरिका द्वारा दिए गए शांति प्रस्ताव पर ईरान की शर्तों ने हालात और खराब कर दिए हैं।

अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है। निवेशकों को डर है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ा तो दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा सकता है।

शेयर बाजार हमेशा अनिश्चितता से डरता है। युद्ध जैसी स्थितियों में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ जाते हैं। यही कारण है कि वैश्विक इक्विटी बाजारों में भी दबाव देखने को मिल रहा है।


2. कच्चे तेल की कीमत 107 डॉलर के पार

कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही है। ब्रेंट क्रूड करीब 3 फीसदी उछलकर 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तेल स्टॉक खतरनाक रूप से कम स्तर की ओर बढ़ रहा है।

इसके अलावा अप्रैल में ओपेक देशों का उत्पादन 26 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। यानी सप्लाई पहले से ही कमजोर है और युद्ध ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि महंगा तेल सीधे कई सेक्टरों की लागत बढ़ाता है:

  • एयरलाइंस कंपनियों का खर्च बढ़ता है
  • पेंट और केमिकल उद्योग प्रभावित होते हैं
  • ट्रांसपोर्टेशन महंगा होता है
  • महंगाई बढ़ती है
  • सरकार पर सब्सिडी का दबाव बढ़ता है

यही वजह है कि ऑटो, एविएशन और पेंट कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।


3. रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

भारतीय रुपया भी बाजार की चिंता बढ़ाने वाला बड़ा फैक्टर बन गया है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 35 पैसे टूटकर 95.63 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को भी रुपया 79 पैसे कमजोर होकर 95.28 पर बंद हुआ था।

रुपये में गिरावट का मतलब है कि भारत के लिए तेल आयात और महंगा हो जाएगा। इससे देश का आयात बिल बढ़ेगा और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ सकता है।

कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों को भी डरा रहा है क्योंकि उन्हें अपने निवेश पर करेंसी लॉस का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि एफआईआई लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।

हालांकि आईटी और एक्सपोर्ट आधारित कंपनियों को कमजोर रुपये से कुछ फायदा मिल सकता है, लेकिन फिलहाल बाजार का फोकस व्यापक आर्थिक जोखिमों पर ज्यादा है।


4. विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की लगातार बिकवाली ने बाजार की हालत और खराब कर दी है। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को एफआईआई ने 8,437 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए।

ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से 20 अरब डॉलर से ज्यादा निकाल चुके हैं। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं बल्कि बाजार के भरोसे में गिरावट का संकेत है।

जब विदेशी निवेशक बिकवाली करते हैं तो बाजार में लिक्विडिटी घटती है और बड़े शेयरों में दबाव बढ़ जाता है। यही वजह है कि रिलायंस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और टीसीएस जैसे हैवीवेट शेयरों में भी कमजोरी दिखी।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक स्थिति स्थिर नहीं होती, तब तक एफआईआई की बिकवाली जारी रह सकती है।


5. प्रधानमंत्री मोदी की अपील से भी प्रभावित हुई बाजार धारणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील ने भी बाजार की धारणा पर असर डाला है। हैदराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से ईंधन का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने, सोने की खरीद टालने और विदेश यात्राएं कम करने की सलाह दी।

उन्होंने कारपूलिंग, मेट्रो के इस्तेमाल, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और वर्क फ्रॉम होम जैसे उपाय अपनाने की बात कही ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।

हालांकि यह अपील अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन बाजार ने इसे संभावित आर्थिक दबाव के संकेत के रूप में लिया। निवेशकों को लगा कि सरकार आने वाले समय में ऊर्जा संकट और विदेशी मुद्रा दबाव को लेकर गंभीर चिंताओं का सामना कर सकती है।


किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव?

मौजूदा गिरावट में लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में दिखाई दिए लेकिन कुछ सेक्टरों पर दबाव ज्यादा रहा:

सेक्टरगिरावट की वजह
बैंकिंगविदेशी बिकवाली और आर्थिक चिंता
ऑटोमहंगा तेल और लागत बढ़ने का डर
एविएशनएटीएफ कीमतों में उछाल
मेटलवैश्विक मांग घटने की आशंका
रियल एस्टेटब्याज दर और निवेशक भावना कमजोर

हालांकि आईटी सेक्टर में गिरावट अपेक्षाकृत सीमित रही क्योंकि कमजोर रुपये से एक्सपोर्ट आधारित कंपनियों को फायदा हो सकता है।


क्या यह 2020 जैसा बड़ा क्रैश बन सकता है?

विशेषज्ञ फिलहाल इसे कोविड जैसी स्थिति नहीं मान रहे, लेकिन यह जरूर कहा जा रहा है कि अगर तेल 110-120 डॉलर के ऊपर टिकता है और युद्ध लंबा खिंचता है तो भारतीय बाजार में और गिरावट आ सकती है।

भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत ग्रोथ दिखा रही है लेकिन:

  • महंगा तेल
  • कमजोर रुपया
  • एफआईआई बिकवाली
  • महंगाई का खतरा

इन सभी फैक्टर्स का संयुक्त असर बाजार को लंबे समय तक दबाव में रख सकता है।


निवेशकों को क्या करना चाहिए?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि घबराकर बिकवाली करना सही रणनीति नहीं हो सकती। लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत कंपनियों पर फोकस बनाए रखना चाहिए।

निवेशकों के लिए अहम सलाह

  • ज्यादा कर्ज वाली कंपनियों से बचें
  • डिफेंसिव सेक्टरों पर नजर रखें
  • SIP बंद न करें
  • एकमुश्त निवेश से बचें
  • कैश रिजर्व बनाए रखें
  • तेल और रुपये की चाल पर नजर रखें

क्यों महत्वपूर्ण है यह गिरावट?

यह गिरावट सिर्फ शेयर बाजार की कमजोरी नहीं दिखाती बल्कि यह संकेत देती है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव अब सीधे भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने लगे हैं। अगर पश्चिम एशिया संकट जल्दी खत्म नहीं हुआ तो इसका असर:

  • महंगाई
  • पेट्रोल-डीजल कीमतों
  • रुपये
  • सरकारी खर्च
  • आम आदमी की जेब

सभी पर दिखाई दे सकता है।

इसी वजह से निवेशकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है और बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

Also Read:

  • OYO से Paytm तक: 16 बड़ी कंपनियों के फुल फॉर्म, जिनके बारे में शायद ही जानते होंगे आप
  • Uday Kotak on India Economy: ‘सिर्फ विष्णु नहीं, ब्रह्मा और महेश वाले सिद्धांत की जरूरत’, उदय कोटक ने क्यों दी भारत को बड़ी सलाह?

You Might Also Like

Crude Price: रूस ने फिर शुरू किया डिस्काउंट, सस्ता कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरीज के लिए बना बड़ा मौका

डिजिटल फ्रॉड पर बैंक देगा ₹25 हजार मुआवजा, 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे RBI के नए नियम

सूरत, पानीपत और लुधियाना से आगे की सोच रही सरकार, कपड़ा उद्योग को लेकर बड़ा प्लान; इन 3 राज्यों से चल रही बात

भारत की ग्रीन इकोनॉमी ने रचा इतिहास, ₹9.5 लाख करोड़ पहुंचा रेवेन्यू; LSEG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Bank Holiday July 2026: जुलाई में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें पूरी छुट्टियों की लिस्ट

TAGGED: Business News Hindi, Crude Oil Price, Economy News, FII Selling, Iran War, Market Crash, nifty news, rupee fall, Sensex fall, Share Market Crash, Stock Market Today, निवेशकों का नुकसान, शेयर बाजार गिरावट, सेंसेक्स
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article pan-card-mobile-number-change-online-process-hindi Pan Card में मोबाइल नंबर कैसे बदलें? घर बैठे जानें पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
Next Article neet-exam-cancelled-2026-paper-leak-students-loss-500-crore-hindi NEET Exam Cancelled 2026: पेपर लीक से मचा बवाल, छात्रों और सरकार पर ₹500 करोड़ की मार

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

usd-inr-live-chart-dollar-vs-rupee-exchange-rate-hindi
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
aadhaar-card-new-rule-not-valid-age-proof-uidai-update-2026-hindi
UIDAI New Rule: अब जन्मतिथि का प्रमाण नहीं होगा Aadhaar Card, इन दस्तावेजों के बिना अटक सकता है काम
फाइनेंस
credit-card-use-na-karna-credit-score-effect-hindi
Credit Card का इस्तेमाल न करना भी पड़ सकता है भारी: जानें कैसे बिगड़ सकता है आपका Credit Score
फाइनेंस
gold-silver-price-today-24-april-2026-hindi-aaj-ka-sona-chandi-bhav-analysis
Gold Silver Price Today (24 अप्रैल 2026): चांदी में बड़ी गिरावट, सोना भी टूटा — जानिए आज के ताज़ा भाव, कारण और आगे की दिशा
बाज़ार रिपोर्ट
lpg-petrol-diesel-price-update-election-impact-india-2026-hindi-analysis
LPG, पेट्रोल-डीजल पर बड़ा अपडेट: चुनाव के बाद क्या बढ़ेंगे दाम? सरकार का साफ जवाब
बाज़ार रिपोर्ट
petrol-diesel-price-today-24-april-2026-city-wise-rate-hindi-analysis
Petrol Diesel Price Today (24 April 2026): कहीं राहत, कहीं मामूली बढ़त—आपके शहर में क्या है हाल?
बाज़ार रिपोर्ट
bansuri-swaraj-aap-mahila-virodhi-aur-court-order-delhi-politics-2026
बांसुरी स्वराज का AAP पर हमला: महिला विरोधी चेहरा फिर उजागर, साकेत कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ा विवाद
राजनीति
infosys-q4-result-2026-profit-revenue-dividend-analysis-hindi
Infosys Q4 Results: मुनाफे में 21% की छलांग, रेवेन्यू 13% बढ़ा, निवेशकों को मिला ₹25 प्रति शेयर डिविडेंड
बाज़ार रिपोर्ट
india-real-estate-investment-record-2026
भारत के रियल एस्टेट में रिकॉर्ड निवेश: Q1 2026 में 5.1 अरब डॉलर की एंट्री, क्या यह सेक्टर नई ऊंचाइयों पर?
बाज़ार रिपोर्ट
jaypee-insolvency-case-nclat-order-vedanta-adani
जयपी इंफ्राटेक केस में बड़ा फैसला जल्द: National Company Law Appellate Tribunal ने आदेश सुरक्षित रखा, Vedanta vs Adani में बढ़ी टक्कर
बाज़ार रिपोर्ट

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?