Share Market Crash: घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन दबाव देखने को मिला। बुधवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी फिसलकर 24,000 के बेहद करीब पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी (IT) और फार्मा (Pharma) सेक्टर के शेयरों पर रहा। वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव, अमेरिकी टैरिफ को लेकर बढ़ी चिंता और आईटी शेयरों में बिकवाली ने निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर कर दिया।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
सप्ताह की एक्सपायरी से एक दिन पहले घरेलू बाजार कमजोरी के साथ खुले। सुबह करीब 09:34 बजे तक:
- सेंसेक्स 564.77 अंक (0.73%) गिरकर 76,905.34 पर कारोबार कर रहा था।
- निफ्टी 50 158 अंक (0.65%) टूटकर 24,029.70 पर पहुंच गया।
- कारोबार के दौरान सेंसेक्स 76,888.50 और निफ्टी 24,019.40 के इंट्राडे निचले स्तर तक फिसल गया।
इससे पहले 21 जुलाई को भी बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 238.41 अंक गिरकर 77,470.11 और निफ्टी 50.80 अंक टूटकर 24,187.70 पर बंद हुआ था।
एशियाई बाजारों में तेजी के बावजूद भारत में क्यों आई गिरावट?
हालांकि अधिकांश एशियाई शेयर बाजारों में मजबूती देखने को मिली, लेकिन भारतीय बाजार पर वैश्विक और घरेलू दोनों तरह के नकारात्मक संकेतों का असर पड़ा। निवेशकों ने जोखिम वाले सेक्टरों में मुनाफावसूली की, जिसका सबसे ज्यादा असर आईटी, फार्मा और बैंकिंग शेयरों पर देखने को मिला।
इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली बढ़ गई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब आधा फीसदी तक कमजोर रहे।
बाजार में गिरावट की 3 बड़ी वजह
1. अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। लगातार हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई की आशंका से निवेशकों का जोखिम उठाने का भरोसा कमजोर हुआ है। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ जाता है।
2. IT और Pharma सेक्टर में तेज बिकवाली
आज बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी और फार्मा सेक्टर से आया।
फार्मा सेक्टर क्यों टूटा?
अमेरिका द्वारा जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ संबंधी सख्त रुख अपनाने की संभावना से भारतीय दवा कंपनियों के निर्यात पर असर पड़ने की आशंका बढ़ी है। इसका असर फार्मा शेयरों पर साफ दिखाई दिया और निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1% से अधिक टूट गया।
आईटी सेक्टर पर क्यों आया दबाव?
वैश्विक बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टेक कंपनियों की ओर निवेशकों का झुकाव बढ़ने से पारंपरिक आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। इसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स भी 1% से ज्यादा गिर गया।
3. बैंकिंग और व्यापक बाजार में भी कमजोरी
आईटी और फार्मा के अलावा बैंकिंग सेक्टर भी दबाव में रहा।
- निजी बैंकों के शेयरों में बिकवाली
- सरकारी बैंकों में कमजोरी
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली
इन सभी कारणों से बाजार की गिरावट और गहरी हो गई।
India VIX क्या संकेत दे रहा है?
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला India VIX निवेशकों की घबराहट का प्रमुख संकेतक माना जाता है।
- फिलहाल India VIX लगभग 13.01 के आसपास कारोबार कर रहा है।
- VIX का ऊंचा स्तर यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
- वहीं VIX के कम रहने का मतलब बाजार में अपेक्षाकृत स्थिरता माना जाता है।
ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय बाजार की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाओं और सेक्टोरल दबाव के कारण बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे माहौल में:
- घबराकर शेयर बेचने से बचें।
- मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर नजर रखें।
- लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट में चरणबद्ध निवेश की रणनीति बेहतर हो सकती है।
- एक्सपायरी और वैश्विक घटनाओं के दौरान जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


