Sarvam AI Success Story: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी बीच बेंगलुरु की स्टार्टअप Sarvam AI देश की सबसे बड़ी AI कंपनियों में शामिल हो गई है। कंपनी की वैल्यूएशन महज तीन साल में करीब 1.5 अरब डॉलर (लगभग ₹14,200 करोड़) तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि इसके सह-संस्थापक विवेक राघवन वही टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने आधार (Aadhaar) के दुनिया के सबसे बड़े बायोमेट्रिक सिस्टम को डिजाइन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
Highlights
- Sarvam AI भारत की सबसे बड़ी AI स्टार्टअप्स में शामिल
- HCLTech ने ₹1,427 करोड़ निवेश कर खरीदी 10.5% हिस्सेदारी
- कंपनी की वैल्यूएशन करीब ₹14,200 करोड़ पहुंची
- फाउंडर विवेक राघवन ने Aadhaar बायोमेट्रिक सिस्टम के निर्माण में निभाई थी अहम भूमिका
भारत में तेजी से बढ़ रहा AI इकोसिस्टम
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अब केवल आईटी कंपनियों तक सीमित नहीं है। बैंकिंग, हेल्थकेयर, फिनटेक, कृषि, ई-कॉमर्स, मैन्युफैक्चरिंग और सरकारी सेवाओं तक AI की पहुंच तेजी से बढ़ रही है।
जहां अमेरिकी कंपनियां जैसे OpenAI, Anthropic और Google Gemini वैश्विक स्तर पर AI की अगुवाई कर रही हैं, वहीं भारत भी अब अपने घरेलू AI मॉडल विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी दौड़ में Sarvam AI सबसे आगे निकलती दिखाई दे रही है।
कौन है Sarvam AI?
Sarvam AI की स्थापना 2023 में बेंगलुरु में हुई थी। इसके दो सह-संस्थापक हैं—
- विवेक राघवन
- प्रत्यूष कुमार
कंपनी का मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं के लिए अत्याधुनिक AI मॉडल तैयार करना है, ताकि देश के करोड़ों लोग अपनी मातृभाषा में AI सेवाओं का उपयोग कर सकें।
Sarvam AI केवल टेक्स्ट आधारित AI ही नहीं, बल्कि Large Language Models (LLMs), Speech Recognition, Vision-Language Models और Multimodal AI Systems पर भी काम कर रही है।
इसका प्रमुख मॉडल Indus भारतीय भाषाओं और स्थानीय उपयोग के मामलों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
HCLTech ने किया बड़ा निवेश
हाल ही में देश की दिग्गज आईटी कंपनी HCLTech ने Sarvam AI में ₹1,427 करोड़ का निवेश किया है।
इस निवेश के जरिए HCLTech ने कंपनी में 10.5% हिस्सेदारी खरीदी है। यह निवेश Sarvam AI के Series B Funding Round का हिस्सा है।
इस फंडिंग के बाद कंपनी की कुल वैल्यूएशन लगभग 1.5 अरब डॉलर (करीब ₹14,200 करोड़) आंकी गई, जिससे यह भारत की सबसे मूल्यवान AI कंपनियों में शामिल हो गई।
हुरुन इंडिया 500 में भी मिली जगह
Sarvam AI ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी Hurun India 500 सूची में जगह बनाने वाली भारत की पहली घरेलू LLM (Large Language Model) डेवलपर कंपनी बन गई है।
यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय AI स्टार्टअप अब वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।
आधार बायोमेट्रिक सिस्टम से जुड़ा है फाउंडर का नाम
Sarvam AI के सह-संस्थापक विवेक राघवन का नाम भारत के सबसे बड़े डिजिटल प्रोजेक्ट Aadhaar से भी जुड़ा रहा है।
उन्होंने अक्टूबर 2010 से जून 2013 तक UIDAI में Chief Biometric Architect (Volunteer) के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े बायोमेट्रिक पहचान सिस्टम के टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को डिजाइन और स्केल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इसके बाद वे—
- जुलाई 2013 से फरवरी 2022 तक Chief Project Manager एवं Biometric Architect रहे।
- मार्च 2022 से फरवरी 2025 तक Technology Advisor (Volunteer) के रूप में UIDAI से जुड़े रहे।
यही अनुभव आज Sarvam AI को भारत-केंद्रित AI समाधान विकसित करने में मदद कर रहा है।
दूसरे फाउंडर प्रत्यूष कुमार का शानदार अनुभव
Sarvam AI के दूसरे सह-संस्थापक प्रत्यूष कुमार भी AI रिसर्च की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं।
उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया है।
- IBM में Research Scientist
- Microsoft में AI Researcher
- AI4Bharat के Co-founder
- OneFourth Labs के Co-founder
- IIT Madras में फैकल्टी और वर्तमान में सहायक फैकल्टी
भारतीय भाषाओं पर AI रिसर्च में उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
किन कंपनियों के साथ काम करती है Sarvam AI?
Sarvam AI के ग्राहक और पार्टनर तेजी से बढ़ रहे हैं। कंपनी कई बड़े कॉर्पोरेट और सरकारी संस्थानों को AI समाधान उपलब्ध करा रही है।
इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं—
- Tata Capital
- CRED
- CRED Resolve
- IDFC FIRST Bank
- Infosys
- LIC
- SBI Life
- Mahindra Finance
- Urban Company
- Razorpay
- कृषि मंत्रालय
इन संस्थानों के लिए कंपनी भाषा आधारित AI, चैटबॉट, डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग और एंटरप्राइज AI समाधान विकसित कर रही है।
भारत के AI सेक्टर के लिए क्यों अहम है Sarvam AI?
भारत में AI अपनाने की सबसे बड़ी चुनौती भाषाई विविधता रही है। देश में सैकड़ों भाषाएं और बोलियां बोली जाती हैं। ऐसे में विदेशी AI मॉडल भारतीय भाषाओं में उतनी सटीकता नहीं दे पाते।
Sarvam AI इसी समस्या का समाधान तैयार कर रही है। कंपनी भारतीय भाषाओं, स्थानीय संदर्भों और सरकारी तथा निजी संस्थानों की जरूरतों के अनुरूप AI मॉडल विकसित कर रही है। यदि यह रणनीति सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में Sarvam AI भारत की सबसे प्रभावशाली AI कंपनियों में से एक बन सकती है।
(नोट: कंपनी की वैल्यूएशन, निवेश और प्रोफाइल संबंधी जानकारी सार्वजनिक घोषणाओं एवं उपलब्ध कॉर्पोरेट सूचनाओं पर आधारित है।)


