NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    razer-hammerhead-v3-chroma-price-features-anc-rgb-gaming-earphones
    Razer Hammerhead V3 Chroma लॉन्च, ANC और RGB लाइटिंग के साथ आए नए गेमिंग ईयरफोन्स, जानें कीमत और फीचर्स
    7 नवम्बर 2026
    8th-pay-commission-karnataka-arunachal-pradesh-da-hike-2026
    8th Pay Commission से पहले कर्नाटक और अरुणाचल प्रदेश के कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट, DA में 3% तक बढ़ोतरी
    7 नवम्बर 2026
    byd-yangwang-u9-xtreme-electric-supercar-503-kmph-world-record
    BYD की इस इलेक्ट्रिक सुपरकार ने बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 503.17 kmph की रफ्तार से उड़ाए सबके होश!
    7 नवम्बर 2026
    vi-35-rupees-entertainment-pack-ott-subscription
    Vi का ₹35 वाला नया एंटरटेनमेंट पैक लॉन्च, 2 OTT प्लेटफॉर्म का मिलेगा एक्सेस, 1GB डेटा भी फ्री
    7 नवम्बर 2026
    dalda-brand-story-dada-se-dalda-kaise-bana-history
    Brand Story: ‘दादा’ से ऐसे बना ‘डालडा’, जो कभी भारतीय रसोई की हुआ करता था शान, अंग्रेजों के जमाने से शुरू हुआ सफर
    7 नवम्बर 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-dhanteras-gold-silver-rate-today
    Gold Silver Price: धनतेरस पर सस्ता हुआ सोना-चांदी, खरीदारों की मौज! कीमतों में आई इतनी गिरावट
    6 नवम्बर 2026
    gold-silver-price-today-dhanteras-gold-silver-rates
    Gold Silver Price Today: धनतेरस से एक दिन पहले सोना-चांदी महंगे, ₹5,500 तक चढ़े दाम; जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड के लेटेस्ट रेट
    5 नवम्बर 2026
    gold-silver-price-today-dhanteras-diwali-gold-silver-rate
    Gold Silver Price: धनतेरस से पहले सोने-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! खूब सस्ता हुआ गोल्ड, खरीदारी का है सही मौका?
    4 नवम्बर 2026
    iran-us-attack-crude-oil-price-petrol-diesel-india
    ईरान पर अमेरिकी हमले से कच्चे तेल में फिर उबाल, 7% की गिरावट के बाद चढ़े दाम; क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
    3 नवम्बर 2026
    gold-silver-price-today-dhanteras-gold-silver-rates
    Gold Silver Price Today: दिवाली से पहले सोने-चांदी में लौटी चमक, ₹3,000 तक चढ़ी कीमतें; चेक करें आज का लेटेस्ट रेट
    2 नवम्बर 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    mtnl-9000-crore-property-monetisation-government-debt-share-price
    MTNL की ₹9,000 करोड़ की संपत्ति बेचेगी सरकार, कर्ज घटाने की तैयारी; सोमवार को शेयर में दिख सकता है बड़ा उतार-चढ़ाव
    7 नवम्बर 2026
    indian-stock-market-rally-fii-buying-investors-wealth
    दुनिया के बाजारों में हाहाकार, फिर भी भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी, निवेशकों ने एक दिन में कमाए ₹1.5 लाख करोड़
    7 नवम्बर 2026
    bosch-share-stock-split-bonus-share-1-share-20-shares
    Bosch Share: ₹50,000 का एक शेयर बनेगा 20 शेयर, स्टॉक स्प्लिट और बोनस को बोर्ड की मंजूरी, निवेशकों को मिलेगा डबल फायदा
    6 नवम्बर 2026
    share-market-closed-dhanteras-sensex-1718-points-nifty-crosses-25000
    Share Market Closed: धनतेरस पर शेयर बाजार में दिवाली से पहले धमाका, सेंसेक्स 1,718 अंक उछला; निफ्टी 25,000 के पार बंद
    6 नवम्बर 2026
    gujarat-energy-adnoc-10-year-lng-deal-40-lakh-tonnes-gas
    गुजरात एनर्जी का ADNOC के साथ 10 साल का LNG समझौता, 40 लाख टन गैस की होगी सप्लाई; शेयर 4% टूटा
    6 नवम्बर 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: 8% से अधिक बढ़े चावल के दाम, सरकार ने ‘भारत चावल’ की बिक्री का लक्ष्य किया दोगुना! इन 5 राज्यों में लग सकती है स्टॉक लिमिट
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

8% से अधिक बढ़े चावल के दाम, सरकार ने ‘भारत चावल’ की बिक्री का लक्ष्य किया दोगुना! इन 5 राज्यों में लग सकती है स्टॉक लिमिट

Namam Sharma
Last updated: 2026/11/07 at 11:16 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
14 Min Read
rice-price-hike-bharat-rice-sale-target-stock-limit-five-states-2026
SHARE

Rice Price Hike: देश में चावल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत चावल बिक्री का लक्ष्य 25 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन कर दिया गया है। इसके साथ ही व्यापारियों और चावल मिलों को स्टॉक की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पांच दक्षिणी राज्यों को जरूरत पड़ने पर चावल और धान पर स्टॉक लिमिट लगाने की अनुमति दी गई है।

Contents
चावल बिक्री का लक्ष्य 25 से बढ़ाकर 50 लाख टन‘भारत चावल’ की बिक्री बढ़ाने के लिए NAFED और NCCF को निर्देशसितंबर में 8.25 फीसदी पर पहुंची चावल की खुदरा महंगाईव्यापारियों और चावल मिलों को स्टॉक घोषित करने का निर्देशइन 5 राज्यों में लग सकती है चावल और धान पर स्टॉक लिमिटहर शुक्रवार ऑनलाइन देनी होगी चावल के स्टॉक की जानकारीखरीफ 2026-27 में धान का रकबा 4 फीसदी घटाआम उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। देश में चावल की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों के दौरान चावल की खुदरा कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। सितंबर 2026 में चावल की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 8.25 फीसदी पर पहुंच गई। वहीं, चावल की औसत खुदरा कीमत भी एक साल पहले के मुकाबले करीब 12 फीसदी अधिक दर्ज की गई।

बढ़ती कीमतों और घरेलू बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने चावल की बिक्री बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने ओपन मार्केट सेल स्कीम (डोमेस्टिक) 2026-27 के तहत ई-नीलामी के माध्यम से बेचे जाने वाले चावल का लक्ष्य दोगुना करके 50 लाख टन कर दिया है। इससे पहले यह लक्ष्य 25 लाख टन निर्धारित किया गया था।

सरकार का मानना है कि बाजार में चावल की उपलब्धता बढ़ने से कीमतों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आम लोगों तक सस्ता ‘भारत चावल’ पहुंचाने की योजना को भी तेज किया जाएगा।

चावल बिक्री का लक्ष्य 25 से बढ़ाकर 50 लाख टन

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में चावल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत बिक्री का लक्ष्य बढ़ाया है। खाद्य मंत्रालय के मुताबिक, अक्टूबर 2026 तक चालू वित्त वर्ष के शुरुआती सात महीनों में ई-नीलामी के जरिए करीब 25 लाख टन चावल बेचा जा चुका है।

इसकी तुलना में पिछले साल इसी अवधि के दौरान सरकार ने करीब 11 लाख टन चावल की बिक्री की थी। यानी इस साल सरकारी एजेंसियों के माध्यम से चावल की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

इसके बावजूद बाजार में चावल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में सरकार ने बिक्री का लक्ष्य बढ़ाकर 50 लाख टन कर दिया है, ताकि घरेलू बाजार में अतिरिक्त चावल उपलब्ध कराया जा सके।

ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत भारतीय खाद्य निगम (FCI) के भंडार से चावल को ई-नीलामी के माध्यम से बाजार में उतारा जाता है। इसका उद्देश्य निजी कारोबारियों, प्रोसेसिंग यूनिट्स और अन्य खरीदारों को चावल उपलब्ध कराना है, जिससे बाजार में आपूर्ति बढ़े और कीमतों में अनावश्यक तेजी को रोका जा सके।

‘भारत चावल’ की बिक्री बढ़ाने के लिए NAFED और NCCF को निर्देश

सरकार ने केवल ई-नीलामी के माध्यम से चावल की आपूर्ति बढ़ाने पर ही ध्यान नहीं दिया है, बल्कि आम उपभोक्ताओं तक सस्ता चावल पहुंचाने की व्यवस्था को भी मजबूत करने का फैसला किया है।

खाद्य मंत्रालय ने सहकारी संस्थाओं नेफेड (NAFED), एनसीसीएफ (NCCF) और केंद्रीय भंडार को देशभर में अपनी पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इन संस्थाओं से कहा गया है कि वे ‘भारत चावल’ की उपलब्धता बढ़ाने के लिए वितरण के सभी संभावित माध्यमों का इस्तेमाल करें।

खास तौर पर दक्षिणी राज्यों में इन संस्थाओं का नेटवर्क विस्तार करने पर जोर दिया गया है। इसके लिए अतिरिक्त आवंटन भी किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को सरकारी योजना के तहत चावल उपलब्ध कराया जा सके।

भारत चावल कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को बाजार की तुलना में किफायती कीमत पर चावल उपलब्ध कराना है। जब बाजार में खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ती हैं, तब सरकार इस तरह की योजनाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को राहत देने और बाजार में आपूर्ति का संतुलन बनाए रखने की कोशिश करती है।

हालांकि, पिछले साल सरकार की ओर से चावल आवंटित किए जाने के बावजूद सहकारी संस्थाओं ने इस योजना में अपेक्षाकृत कम रुचि दिखाई थी। इस बार मंत्रालय ने इन संस्थाओं को वितरण व्यवस्था सक्रिय करने और आम ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने के लिए कहा है।

सितंबर में 8.25 फीसदी पर पहुंची चावल की खुदरा महंगाई

चावल की कीमतों में बढ़ोतरी सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 में चावल की खुदरा महंगाई दर सालाना आधार पर बढ़कर 8.25 फीसदी हो गई। अगस्त 2026 में यह आंकड़ा 5.89 फीसदी था।

इस तरह एक महीने के भीतर चावल की खुदरा महंगाई दर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं, सितंबर में चावल की औसत खुदरा कीमत करीब 48.23 रुपये प्रति किलोग्राम रही। यह कीमत एक साल पहले के मुकाबले लगभग 12 फीसदी अधिक है।

चावल भारत में बड़ी आबादी के दैनिक भोजन का अहम हिस्सा है। देश के कई राज्यों में इसकी खपत काफी अधिक है। ऐसे में चावल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ता है।

खासकर निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा कर सकती है। यही वजह है कि सरकार चावल की आपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ स्टॉक की निगरानी और जमाखोरी रोकने पर भी जोर दे रही है।

व्यापारियों और चावल मिलों को स्टॉक घोषित करने का निर्देश

चावल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने कारोबारियों के स्टॉक पर भी निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है।

खाद्य मंत्रालय ने देशभर के व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, थोक कारोबारियों, प्रोसेसिंग यूनिट्स और चावल मिल संचालकों को अपने पास उपलब्ध चावल और धान के स्टॉक की जानकारी घोषित करने का निर्देश दिया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बाजार में चावल और धान का कितना भंडार उपलब्ध है और अलग-अलग राज्यों में इसकी स्थिति कैसी है।

स्टॉक की जानकारी मिलने से सरकार को आपूर्ति की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर जरूरत पड़ने पर संबंधित राज्यों में अतिरिक्त आपूर्ति या नियंत्रण से जुड़े कदम उठाए जा सकेंगे।

सरकार की नजर खासतौर पर उन कारोबारियों और संस्थानों पर रहेगी, जिनके पास बड़ी मात्रा में चावल या धान का भंडार मौजूद है।

इन 5 राज्यों में लग सकती है चावल और धान पर स्टॉक लिमिट

केंद्र सरकार ने पांच दक्षिणी राज्यों को जरूरत पड़ने पर चावल और धान पर स्टॉक लिमिट लगाने की अनुमति दी है। इनमें आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं।

सरकार के मुताबिक, इन राज्यों में यदि बाजार की स्थिति को देखते हुए आवश्यक महसूस होता है तो राज्य सरकारें उचित नियंत्रण आदेश जारी कर चावल और धान के भंडारण की सीमा निर्धारित कर सकती हैं।

इसका मतलब है कि इन राज्यों में कारोबारियों, थोक विक्रेताओं, खुदरा दुकानदारों और अन्य संबंधित इकाइयों के पास निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

हालांकि, स्टॉक लिमिट लगाने का फैसला राज्य सरकारों को स्थानीय बाजार की स्थिति और जरूरत के अनुसार करना होगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए सहमति दे दी है।

यदि संबंधित राज्य सरकारें स्टॉक लिमिट लागू करती हैं, तो ये प्रतिबंध 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे।

इस कदम के पीछे सरकार का उद्देश्य जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि बाजार में चावल की कृत्रिम कमी पैदा न हो और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर खाद्यान्न मिलता रहे।

हर शुक्रवार ऑनलाइन देनी होगी चावल के स्टॉक की जानकारी

खाद्य मंत्रालय ने स्टॉक की जानकारी देने के नियमों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सभी राज्यों के व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी रिटेल चेन, प्रोसेसिंग यूनिट्स और चावल मिलर्स को निर्धारित सरकारी पोर्टल पर हर शुक्रवार ऑनलाइन स्टॉक की जानकारी देनी होगी।

इस रिपोर्ट में चावल की अलग-अलग किस्मों और धान का विवरण देना अनिवार्य होगा।

स्टॉक रिपोर्ट में निम्नलिखित श्रेणियां शामिल होंगी:

  1. बासमती चावल।
  2. गैर-बासमती प्रीमियम चावल।
  3. गैर-बासमती सामान्य चावल।
  4. उसना चावल।
  5. टूटे हुए चावल।
  6. धान का स्टॉक।

इस व्यवस्था से सरकार को अलग-अलग श्रेणियों में उपलब्ध चावल की मात्रा का नियमित अपडेट मिलता रहेगा। साथ ही, यह भी पता लगाया जा सकेगा कि किस क्षेत्र में किस प्रकार के चावल की उपलब्धता कम या अधिक है।

हर शुक्रवार स्टॉक की जानकारी मिलने से सरकार को बाजार में होने वाले बदलावों पर नजर रखने में आसानी होगी। यदि किसी क्षेत्र में चावल की उपलब्धता कम होती है या कीमतों में असामान्य तेजी देखने को मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों को समय रहते कदम उठाने में मदद मिल सकती है।

खरीफ 2026-27 में धान का रकबा 4 फीसदी घटा

चावल की कीमतों में तेजी के पीछे खरीफ सीजन में धान की खेती के रकबे में कमी को भी एक प्रमुख वजह माना जा रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक, खरीफ 2026-27 में बासमती और गैर-बासमती धान का कुल रकबा करीब 4 फीसदी घटकर 4.268 करोड़ हेक्टेयर रह गया है।

कई राज्यों में बारिश की कमी और असमान मानसूनी गतिविधियों को धान की बुवाई का क्षेत्र घटने की प्रमुख वजह बताया गया है। धान की खेती के लिए पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। ऐसे में बारिश का असमान वितरण फसल की बुवाई और उत्पादन दोनों को प्रभावित कर सकता है।

इसका असर विशेष रूप से प्रीमियम गैर-बासमती चावल की कुछ किस्मों पर पड़ने की आशंका जताई गई है।

हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक खरीफ 2026-27 के लिए चावल उत्पादन का पहला आधिकारिक अनुमान जारी नहीं किया है। दूसरी ओर, व्यापार और उद्योग जगत के अनुमानों के मुताबिक, इस खरीफ सीजन में भारत का चावल उत्पादन करीब 112 से 115 मिलियन टन के बीच रह सकता है।

आम उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?

सरकार के इन फैसलों का सीधा उद्देश्य घरेलू बाजार में चावल की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है।

ई-नीलामी के जरिए अतिरिक्त चावल बाजार में पहुंचने से कारोबारियों को आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिल सकती है। वहीं, भारत चावल कार्यक्रम के विस्तार से आम उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर चावल खरीदने का विकल्प मिल सकता है।

इसके अलावा, व्यापारियों के स्टॉक की नियमित जानकारी और जरूरत पड़ने पर स्टॉक लिमिट लगाने से जमाखोरी पर नियंत्रण रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, चावल की वास्तविक कीमतों पर इन कदमों का कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले महीनों में बाजार में उपलब्ध आपूर्ति, खरीफ फसल के उत्पादन और सरकारी वितरण व्यवस्था के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

फिलहाल केंद्र सरकार ने चावल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आपूर्ति बढ़ाने, सरकारी वितरण नेटवर्क मजबूत करने और स्टॉक की निगरानी जैसे तीन स्तरों पर कदम उठाए हैं। अब देखना होगा कि इन फैसलों से आम उपभोक्ताओं को चावल की कीमतों में कितनी राहत मिलती है।


Source: खाद्य मंत्रालय के आधिकारिक बयान और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित।

लेखक: Namam Sharma
पद: Founder & Chief Editor, NewsJagran.in

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी घोषणाओं और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। चावल की खुदरा कीमतें राज्य, शहर, किस्म और स्थानीय बाजार की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

You Might Also Like

Razer Hammerhead V3 Chroma लॉन्च, ANC और RGB लाइटिंग के साथ आए नए गेमिंग ईयरफोन्स, जानें कीमत और फीचर्स

8th Pay Commission से पहले कर्नाटक और अरुणाचल प्रदेश के कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट, DA में 3% तक बढ़ोतरी

BYD की इस इलेक्ट्रिक सुपरकार ने बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 503.17 kmph की रफ्तार से उड़ाए सबके होश!

Vi का ₹35 वाला नया एंटरटेनमेंट पैक लॉन्च, 2 OTT प्लेटफॉर्म का मिलेगा एक्सेस, 1GB डेटा भी फ्री

Brand Story: ‘दादा’ से ऐसे बना ‘डालडा’, जो कभी भारतीय रसोई की हुआ करता था शान, अंग्रेजों के जमाने से शुरू हुआ सफर

TAGGED: Bharat Rice, Bharat Rice Price, India Rice Price, Rice Inflation, Rice Price Hike, Rice Price in India, Rice Retail Price, Rice Stock Limit, Rice Wholesale Price
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article razer-hammerhead-v3-chroma-price-features-anc-rgb-gaming-earphones Razer Hammerhead V3 Chroma लॉन्च, ANC और RGB लाइटिंग के साथ आए नए गेमिंग ईयरफोन्स, जानें कीमत और फीचर्स

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-hike-ahmedabad-adani-gas-price-9847
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: एंटाला इंडस्ट्रीज का GMP शून्य, वेदांत पॉली फैब्स में सिर्फ ₹1 का प्रीमियम; जानें सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग की पूरी डिटेल
शेयर बाज़ार फाइनेंस
maurya-dth-service-kasganj-sd-hd-plans
Maurya DTH Service: कासगंज में SD और HD चैनलों के लिए खास ऑफर, ₹199 से शुरू रिचार्ज प्लान
बिजनेस न्यूज़ फाइनेंस
57th-gst-council-meeting-2026-refund-compliance-itc-arrest-decisions
GST Council Meeting LIVE: रजिस्ट्रेशन और कंप्लायंस पर बड़े फैसले, गिरफ्तारी पावर से लेकर ITC तक वित्त मंत्री ने किया साफ
बिजनेस न्यूज़ फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • मनोरंजन
  • टेक्नोलॉजी
  • उत्सव
  • स्मार्ट फ़ोन
  • बॉलीवुड
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?