Share Market Closed: धनतेरस के दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। शुक्रवार, 6 नवंबर को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार सातवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में 1,718 अंकों से ज्यादा की तेजी आई, जबकि निफ्टी 493 अंक उछलकर 25,000 के महत्वपूर्ण स्तर के पार पहुंच गया। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के चुनिंदा शेयरों में जोरदार खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। हालांकि, व्यापक बाजार में गिरावट वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से अधिक रही।
Highlights
- धनतेरस पर सेंसेक्स 1,718.01 अंक उछलकर 81,028.02 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 493.75 अंक की तेजी के साथ 25,030.35 के स्तर पर पहुंचा।
- ICICI बैंक, HDFC बैंक और M&M के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
- भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 56 पैसे मजबूत होकर 93.91 पर बंद हुआ।
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट से व्यापक बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा।
धनतेरस पर शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 81 हजार के पार
धनतेरस के मौके पर भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए शुक्रवार का कारोबारी सत्र काफी शानदार रहा। घरेलू शेयर बाजार में प्रमुख सूचकांकों ने मजबूत बढ़त दर्ज की। बाजार में बैंकिंग और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का असर सेंसेक्स और निफ्टी पर साफ दिखाई दिया।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार को 1,718.01 अंक या 2.17 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 81,028.02 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 493.75 अंक या 2.01 प्रतिशत चढ़कर 25,030.35 के स्तर पर पहुंच गया।
खास बात यह रही कि दोनों प्रमुख सूचकांकों ने लगातार सातवें कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। निफ्टी का 25,000 के स्तर के ऊपर बंद होना बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम रहा। धनतेरस जैसे शुभ अवसर पर बाजार की इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया।
हालांकि, बाजार में तेजी के बावजूद सभी शेयरों में खरीदारी देखने को नहीं मिली। कारोबार के दौरान कुल 1,681 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 2,400 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, 148 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। इससे पता चलता है कि प्रमुख इंडेक्स की तेजी कुछ बड़े शेयरों के मजबूत प्रदर्शन के कारण रही, जबकि व्यापक बाजार में दबाव बना रहा।
ICICI बैंक और HDFC बैंक के शेयरों ने बाजार को दिया सहारा
शुक्रवार के कारोबार में बैंकिंग शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी 50 में शामिल प्रमुख कंपनियों में ICICI बैंक और HDFC बैंक के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), टाइटन कंपनी और एक्सिस बैंक भी बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
बैंकिंग शेयरों में तेजी का असर निफ्टी बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स पर भी दिखाई दिया। निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से इन सेक्टरों को मजबूती मिली।
बाजार में बैंकिंग शेयरों की अहमियत काफी अधिक है, क्योंकि सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों में बड़ी बैंकिंग कंपनियों का अच्छा खासा भार रहता है। ऐसे में ICICI बैंक और HDFC बैंक जैसे बड़े शेयरों में तेजी आने पर प्रमुख सूचकांकों को ऊपर जाने में मदद मिलती है।
ऑटो सेक्टर की प्रमुख कंपनी M&M के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। इसके अलावा टाइटन कंपनी और एक्सिस बैंक के शेयरों में तेजी ने बाजार की बढ़त को और मजबूती दी।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट
जहां एक तरफ बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के कई शेयरों में तेजी देखने को मिली, वहीं कुछ बड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव भी रहा।
निफ्टी 50 में गिरावट दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में आयशर मोटर्स, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अडानी एंटरप्राइजेज और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे।
इन कंपनियों के शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सभी प्रमुख कंपनियों तक नहीं पहुंच पाई। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट ने व्यापक बाजार की स्थिति को कमजोर बनाए रखा।
इससे निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी का मतलब यह नहीं है कि बाजार में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।
किन सेक्टरों में आई तेजी और कहां रही बिकवाली?
शुक्रवार को सेक्टर आधारित प्रदर्शन मिला-जुला रहा। बैंकिंग और निजी बैंक सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में भी मजबूती दर्ज की गई।
निफ्टी बैंक, फार्मा, प्राइवेट बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में लगभग 1 से 3 प्रतिशत तक की तेजी रही। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती प्रदान की।
दूसरी तरफ, एनर्जी, मीडिया और रियल्टी सेक्टर में लगभग 1-1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि शुक्रवार को बाजार में खरीदारी कुछ चुनिंदा सेक्टरों तक सीमित रही।
सेक्टरों के इस प्रदर्शन से निवेशकों को यह संकेत मिला कि बाजार में तेजी के बावजूद सभी क्षेत्रों में एक जैसी मजबूती नहीं है। इसलिए केवल सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त देखकर पूरे बाजार की स्थिति का आकलन करना सही नहीं होगा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में क्यों रही कमजोरी?
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में लगभग 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.8 प्रतिशत टूट गया। इस गिरावट के साथ इन दोनों इंडेक्स की लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी तेजी का सिलसिला भी समाप्त हो गया।
मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में गिरावट यह दर्शाती है कि निवेशकों ने शुक्रवार को चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों पर अधिक भरोसा दिखाया। इसके विपरीत छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली या बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
शेयर बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स को व्यापक बाजार की सेहत का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। जब सेंसेक्स और निफ्टी बढ़ते हैं, लेकिन इन दोनों इंडेक्स में गिरावट आती है, तो बाजार की तेजी को सीमित भागीदारी वाली तेजी के रूप में देखा जा सकता है।
डॉलर के मुकाबले 56 पैसे मजबूत हुआ भारतीय रुपया
शुक्रवार को भारतीय मुद्रा के मोर्चे पर भी राहत देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 56 पैसे मजबूत होकर 93.91 के स्तर पर बंद हुआ।
इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 94.47 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था। इस तरह एक ही कारोबारी सत्र में रुपये ने अच्छी रिकवरी दर्ज की।
रुपये की मजबूती का असर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के अलग-अलग क्षेत्रों पर पड़ सकता है। खासकर उन कंपनियों के लिए मजबूत रुपया राहत दे सकता है, जो विदेशों से कच्चा माल, मशीनरी या अन्य जरूरी सामान आयात करती हैं। हालांकि, निर्यात आधारित कंपनियों की कमाई पर मुद्रा में बदलाव का अलग प्रभाव पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है इस तेजी का मतलब?
धनतेरस पर सेंसेक्स और निफ्टी की शानदार तेजी ने घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है। निफ्टी का 25,000 के ऊपर बंद होना और सेंसेक्स का 81,000 के पार पहुंचना प्रमुख सूचकांकों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।
हालांकि, बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस तेजी में व्यापक भागीदारी नहीं दिखाई दी। जहां प्रमुख सूचकांक 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए, वहीं कुल गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से अधिक रही।
ऐसे में निवेशकों को बाजार की तेजी के साथ-साथ अलग-अलग सेक्टरों और कंपनियों के प्रदर्शन पर भी ध्यान देना चाहिए। केवल इंडेक्स में आई तेजी के आधार पर किसी शेयर में निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर निफ्टी के 25,000 के स्तर के आसपास प्रदर्शन, बैंकिंग शेयरों की चाल और मिडकैप-स्मॉलकैप इंडेक्स की स्थिति पर बनी रह सकती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य से दी गई है। NewsJagran किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता का आकलन करें तथा प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।


