नई दिल्ली: रिलायंस एडीए (ADA) समूह से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (Reliance Capital) के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अमित बापना को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर RBI के नियमों का उल्लंघन करते हुए शेल (कंड्यूट) कंपनियों को ऋण स्वीकृत कराने में अहम भूमिका निभाई, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 तक रहे थे CFO
CBI के मुताबिक अमित बापना ने अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 के बीच रिलायंस कैपिटल के CFO के रूप में कार्य किया। इस दौरान वे कंपनी के वित्तीय निर्णयों से जुड़े प्रमुख अधिकारियों में शामिल थे।
जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने बिचौलियों और शेल कंपनियों के माध्यम से ऐसे ऋण मंजूर कराने में सहयोग किया, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से लिए गए ऋणों की शर्तों के विपरीत थे।
फंड को ग्रुप कंपनियों तक पहुंचाने का आरोप
CBI की जांच के अनुसार, Reliance Commercial Finance Limited (RCFL) ने बैंकों से जो धन उधार लिया था, उसे कथित तौर पर बीच की कंपनियों के जरिए Reliance Capital, Reliance Infrastructure और Reliance Power जैसी रिलायंस एडीए समूह की अन्य कंपनियों तक पहुंचाया गया।
एजेंसी का कहना है कि इस प्रक्रिया से ऋण देने वाले बैंकों को अनुचित नुकसान हुआ, जबकि संबंधित कंपनियों और आरोपियों को गलत तरीके से लाभ पहुंचा।
पहले से तिहाड़ जेल में बंद थे अमित बापना
CBI ने बताया कि अमित बापना पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में थे और दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे।
इस मामले में CBI ने मुंबई की विशेष CBI अदालत से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया। इसके बाद 4 जुलाई को उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। अदालत ने पूछताछ के लिए उन्हें चार दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है।
रिलायंस ADA समूह के खिलाफ दर्ज हैं सात FIR
CBI के अनुसार, रिलायंस एडीए समूह से जुड़े मामलों में अब तक कुल सात एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। ये मामले विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शिकायतों के आधार पर दर्ज किए गए हैं।
इनमें प्रमुख रूप से निम्न कंपनियां शामिल हैं:
- Reliance Communications Limited
- Reliance Home Finance Limited
- Reliance Commercial Finance Limited
- Reliance Telecom Limited
जांच एजेंसी के अनुसार इन मामलों की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही है।
16 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
CBI ने 29 मई को रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मामले में 16 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें कंपनी, उसके पांच वरिष्ठ अधिकारी और 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं।
अमित बापना की गिरफ्तारी के बाद अब तक रिलायंस एडीए समूह से जुड़े मामलों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों का आरोप है कि रिलायंस समूह की कुछ वित्तीय इकाइयों ने बैंकों से लिए गए ऋणों का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के बजाय समूह की अन्य कंपनियों तक धन पहुंचाने के लिए किया। आरोप है कि यह प्रक्रिया RBI के नियामकीय मानकों और ऋण समझौतों के उल्लंघन में की गई।
हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और मामले में अंतिम निर्णय संबंधित अदालतों द्वारा सुनवाई पूरी होने के बाद ही होगा।


