अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इस प्रतिष्ठित पद के लिए देशभर से 5,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच रही है और 15 अगस्त के आसपास नए CEO के नाम की घोषणा की जा सकती है।
राम मंदिर के भव्य निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रस्ट अब मंदिर के प्रशासन को और अधिक पेशेवर एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। ऐसे में पहली बार CEO की नियुक्ति को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीन सदस्यीय समिति कर रही है आवेदनों की जांच
ट्रस्ट ने CEO पद के लिए प्राप्त सभी आवेदनों की जांच के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति का गठन किया है। यह समिति उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर छंटनी करेगी। इसके बाद योग्य उम्मीदवारों की सूची ट्रस्ट के गवर्निंग बोर्ड को भेजी जाएगी, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जा रही है ताकि मंदिर के संचालन के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार का चयन किया जा सके।
क्या होंगी राम मंदिर के CEO की जिम्मेदारियां?
राम मंदिर के CEO का पद केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि अत्यंत जिम्मेदारी वाला होगा। चयनित अधिकारी मंदिर के संपूर्ण दैनिक संचालन की निगरानी करेंगे।
उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होंगे—
- मंदिर के दैनिक प्रशासन और संचालन का प्रबंधन।
- विभिन्न विभागों और कर्मचारियों के बीच समन्वय स्थापित करना।
- श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं की निगरानी।
- मंदिर परिसर की सुरक्षा, स्वच्छता और प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना।
- ट्रस्ट की नीतियों और निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन।
- ट्रस्ट के महासचिव (General Secretary) को नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भविष्य में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में CEO की भूमिका मंदिर के सुचारू संचालन के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
क्यों बनाई जा रही है CEO की नई व्यवस्था?
राम मंदिर देश के सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्रों में शामिल हो चुका है। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ी है। इसके साथ ही मंदिर परिसर के विस्तार, सुविधाओं के विकास और प्रशासनिक कार्यों का दायरा भी काफी बढ़ गया है।
इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार CEO नियुक्त करने का फैसला लिया है ताकि मंदिर का संचालन आधुनिक प्रशासनिक मानकों के अनुरूप किया जा सके।
CEO पद के लिए क्या हैं योग्यता?
ट्रस्ट द्वारा जारी भर्ती दिशानिर्देशों के अनुसार उम्मीदवारों के लिए निम्नलिखित योग्यताएं निर्धारित की गई हैं—
- उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखने एवं बोलने की अच्छी क्षमता हो।
- प्रशासनिक एवं प्रबंधकीय कार्यों का पर्याप्त अनुभव होना चाहिए।
- भर्ती अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार हिंदू धर्म का पालन करने वाला तथा भगवान श्रीराम का भक्त होना चाहिए।
- यह पद महिला और पुरुष दोनों उम्मीदवारों के लिए खुला रखा गया है, जिससे स्पष्ट है कि चयन केवल योग्यता और मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया में मिला जबरदस्त प्रतिसाद
ट्रस्ट ने इस महीने की शुरुआत में CEO पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई निर्धारित की गई थी।
शुरुआती 48 घंटों में ही करीब 1,000 आवेदन प्राप्त हो गए थे। अंतिम तिथि तक यह संख्या बढ़कर 5,500 से अधिक पहुंच गई। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलना इस बात का संकेत है कि यह पद देश के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक प्रशासनिक पदों में शामिल हो चुका है।
15 अगस्त के आसपास हो सकता है अंतिम ऐलान
चयन समिति जल्द ही योग्य उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट ट्रस्ट बोर्ड को सौंपेगी। इसके बाद गवर्निंग बोर्ड अंतिम निर्णय लेकर राम मंदिर के पहले CEO के नाम की घोषणा करेगा। संभावना जताई जा रही है कि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के आसपास इस महत्वपूर्ण नियुक्ति का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है।
निष्कर्ष
राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि मंदिर प्रबंधन के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। 5,500 से अधिक आवेदनों के साथ यह भर्ती देश के सबसे चर्चित धार्मिक प्रशासनिक चयन में शामिल हो गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी के लिए किस उम्मीदवार को चुनता है।


