Railway Station Redevelopment: भारतीय रेलवे देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए बड़े स्तर पर स्टेशन रिडेवलपमेंट प्रोग्राम चला रहा है। इसी क्रम में सरकार ने बताया है कि 15 रेलवे स्टेशनों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित करने के लिए चिन्हित किया गया है। इस सूची में दिल्ली के तीन बेहद महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं।
राजधानी दिल्ली के पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन (दिल्ली जंक्शन), हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और आनंद विहार टर्मिनल का भी इस योजना के तहत पुनर्विकास किया जाना प्रस्तावित है। इन स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार, स्टेशन रिडेवलपमेंट का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना, स्टेशन परिसर को आधुनिक बनाना और रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इसके लिए कुछ स्टेशनों के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी ली जा रही है।
संसद में रेलवे मंत्री ने दी जानकारी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास से जुड़ी जानकारी दी। सवाल सांसद दिलीप कुमार रे की ओर से पूछा गया था।
रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे मंत्रालय ने स्टेशनों के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण के लिए अलग-अलग मॉडल पर विचार किया है। इनमें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल भी शामिल है।
PPP मॉडल में सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर किसी परियोजना को विकसित करते हैं। रेलवे स्टेशन के मामले में इसका उद्देश्य स्टेशन की मौजूदा सुविधाओं को बेहतर बनाना और आधुनिक यात्री सुविधाओं का निर्माण करना है।
सरकार ने उदाहरण के तौर पर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का भी उल्लेख किया, जिसे PPP मॉडल के जरिए पहले ही आधुनिक रूप दिया जा चुका है।
PPP मॉडल पर 15 स्टेशन चिन्हित
रेल मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल 15 रेलवे स्टेशनों को PPP मॉडल के तहत रिडेवलपमेंट के लिए चिन्हित किया गया है।
इन स्टेशनों के पुनर्विकास में आधुनिक यात्री सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी और स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने पर ध्यान दिया जाएगा। हालांकि, सभी स्टेशनों के लिए प्रक्रिया एक जैसी स्थिति में नहीं है। कुछ स्टेशनों के लिए प्रस्ताव और टेंडर प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में है।
विजयवाड़ा स्टेशन के लिए फिर से निकलेगा टेंडर
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन को PPP मॉडल के तहत विकसित करने का प्रस्ताव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेजल कमेटी (PPPAC) से मंजूर हो चुका है।
हालांकि, इसके लिए पहले बोली आमंत्रित की गई थी, लेकिन रेलवे को कोई ऑफर प्राप्त नहीं हुआ। ऐसे में अब इस परियोजना के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
इससे साफ है कि रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की प्रक्रिया में सिर्फ परियोजना को मंजूरी देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निजी कंपनियों की भागीदारी और बोली प्रक्रिया भी अहम भूमिका निभाती है।
कौन-कौन से 15 रेलवे स्टेशन सूची में शामिल हैं?
रेल मंत्रालय द्वारा PPP मॉडल के तहत पुनर्विकास के लिए चिन्हित स्टेशनों में देश के कई बड़े और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
| क्रम | रेलवे स्टेशन | राज्य/क्षेत्र |
|---|---|---|
| 1 | पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन | दिल्ली |
| 2 | हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन | दिल्ली |
| 3 | आनंद विहार टर्मिनल | दिल्ली |
| 4 | विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन | आंध्र प्रदेश |
| 5 | कोयम्बटूर जंक्शन | तमिलनाडु |
| 6 | KSR बेंगलुरु | कर्नाटक |
| 7 | चेन्नई सेंट्रल | तमिलनाडु |
| 8 | अंधेरी रेलवे स्टेशन | महाराष्ट्र |
| 9 | अवाडी रेलवे स्टेशन | तमिलनाडु |
| 10 | ताम्बरम रेलवे स्टेशन | तमिलनाडु |
| 11 | भोपाल रेलवे स्टेशन | मध्य प्रदेश |
| 12 | बड़ौदा रेलवे स्टेशन | गुजरात |
| 13 | कल्याण रेलवे स्टेशन | महाराष्ट्र |
| 14 | दादर रेलवे स्टेशन | महाराष्ट्र |
| 15 | पुणे रेलवे स्टेशन | महाराष्ट्र |
दिल्ली के तीन बड़े स्टेशनों का भी होगा कायाकल्प
इस सूची में दिल्ली के तीन महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल होने से राजधानी के रेलवे यात्रियों के लिए यह योजना काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन दिल्ली के सबसे पुराने और व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है। वहीं हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए बड़ी संख्या में ट्रेनें चलती हैं। आनंद विहार टर्मिनल भी दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के लिए एक प्रमुख रेलवे टर्मिनल है।
इन स्टेशनों के पुनर्विकास से स्टेशन परिसर, यात्री सुविधाओं और आने-जाने की व्यवस्था को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।
निजी हाथों में जाने का क्या मतलब है?
PPP मॉडल का नाम सामने आने के बाद यात्रियों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इन रेलवे स्टेशनों को पूरी तरह निजी कंपनियों को सौंप दिया जाएगा?
दरअसल, PPP यानी Public Private Partnership का मतलब सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी है। इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र की पूंजी, तकनीकी क्षमता और प्रबंधन विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को विकसित करना है।
इसलिए इसे सीधे तौर पर रेलवे स्टेशन की पूरी तरह बिक्री या रेलवे संचालन को निजी कंपनी को सौंपने के रूप में नहीं समझना चाहिए। स्टेशन के पुनर्विकास और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए PPP मॉडल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
यात्रियों को क्या फायदा हो सकता है?
स्टेशन रिडेवलपमेंट का सबसे बड़ा उद्देश्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना है। आधुनिक रेलवे स्टेशन में यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, साफ-सफाई, बेहतर प्रवेश और निकास व्यवस्था, आधुनिक यात्री सुविधाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
इसके अलावा स्टेशन को आसपास के परिवहन नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ने पर भी जोर दिया जा सकता है। इससे रेलवे स्टेशन केवल ट्रेन पकड़ने की जगह न रहकर एक आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित हो सकता है।
हालांकि, किसी भी स्टेशन पर वास्तविक सुविधाएं किस स्तर तक विकसित होंगी, यह संबंधित परियोजना की योजना, टेंडर और अंतिम विकास मॉडल पर निर्भर करेगा।
रानी कमलापति स्टेशन बना उदाहरण
रेल मंत्रालय ने PPP मॉडल से विकसित किए गए रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उदाहरण भी दिया है। यह स्टेशन आधुनिक डिजाइन और यात्री सुविधाओं के कारण देश के प्रमुख पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है।
रेलवे का व्यापक लक्ष्य देश के प्रमुख स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करना है। इसके लिए अलग-अलग वित्तीय और विकास मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अभी क्या है स्थिति?
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, PPP मॉडल के तहत 15 स्टेशन चिन्हित किए गए हैं। इनमें दिल्ली के तीन प्रमुख स्टेशन भी शामिल हैं। हालांकि, सभी परियोजनाएं एक ही चरण में नहीं हैं।
विजयवाड़ा स्टेशन के मामले में PPPAC की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन पहले आमंत्रित बोली में कोई ऑफर नहीं मिला। इसलिए अब दोबारा टेंडर जारी किया जाना है।
इससे पता चलता है कि इन परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में टेंडर, निजी भागीदारी और परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता जैसे कई चरण महत्वपूर्ण होंगे।
निष्कर्ष
भारतीय रेलवे के प्रमुख स्टेशनों के पुनर्विकास की दिशा में PPP मॉडल का इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण कदम है। पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार जैसे दिल्ली के बड़े स्टेशन भी इस सूची में शामिल हैं। इनके अलावा विजयवाड़ा, कोयम्बटूर, KSR बेंगलुरु, चेन्नई सेंट्रल, पुणे, दादर और अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों को भी इस मॉडल के तहत विकसित करने की योजना है।
हालांकि, PPP मॉडल का अर्थ यह नहीं है कि ये स्टेशन पूरी तरह निजी कंपनियों को बेच दिए जाएंगे। यह सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की साझेदारी के जरिए स्टेशन के पुनर्विकास और आधुनिक सुविधाओं को विकसित करने की व्यवस्था है। आने वाले समय में टेंडर और परियोजना की प्रगति से इन स्टेशनों के विकास की तस्वीर और स्पष्ट होगी।


