Milk Price Hike: महाराष्ट्र में दूध खरीदने वाले लोगों की जेब पर एक बार फिर बोझ बढ़ने वाला है। राज्य में गाय और भैंस के दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है। नई कीमतें 11 अगस्त 2026 से लागू होंगी। इसके साथ ही डेयरी से जुड़े कई अन्य उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं। एसोसिएशन ने डेयरी उत्पादों की कीमतों में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का फैसला किया है।
दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब आम परिवार पहले से ही रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च का सामना कर रहे हैं। दूध और उससे बने उत्पादों का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। ऐसे में कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ सकता है।
11 अगस्त से ₹2 महंगा होगा दूध
महाराष्ट्र में गाय और भैंस दोनों के दूध की बिक्री कीमत 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई जाएगी। नई दरें मंगलवार, 11 अगस्त से लागू होंगी। यह फैसला Milk Producers and Processors Welfare Association की बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपालराव म्हास्के ने की। बैठक में बड़ी सहकारी और निजी डेयरियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और बढ़ी हुई लागत को देखते हुए दूध की बिक्री कीमत बढ़ाने पर सहमति बनी।
इसका मतलब है कि 11 अगस्त से महाराष्ट्र में दूध खरीदने वाले उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में हर लीटर पर 2 रुपये अधिक भुगतान करना होगा। हालांकि, अलग-अलग ब्रांड और पैक के अनुसार अंतिम खुदरा कीमत अलग हो सकती है।
दूध महंगा करने की क्या है वजह?
एसोसिएशन के मुताबिक दूध की कीमत बढ़ाने के पीछे कई कारण हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, डेयरी कारोबार की लागत में लगातार वृद्धि हुई है।
एसोसिएशन ने बताया कि डीजल की कीमतों में करीब 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। दूध के कलेक्शन, परिवहन और वितरण में वाहनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में डीजल की लागत बढ़ने का सीधा असर डेयरी कंपनियों के खर्च पर पड़ता है।
इसके अलावा पैकेजिंग लागत में करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि होने की बात भी कही गई है। दूध को पैक करने के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री की कीमत बढ़ने से कंपनियों की कुल लागत बढ़ी है।
दूध की खरीद कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। डेयरियों को दूध उत्पादकों से दूध खरीदने के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि आने वाले समय में खरीद कीमत में और वृद्धि होने की संभावना है।
डेयरी उत्पाद भी 10% तक हो सकते हैं महंगे
महाराष्ट्र में सिर्फ दूध की कीमत ही नहीं बढ़ेगी। एसोसिएशन ने डेयरी उत्पादों की कीमतों में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का भी फैसला किया है।
इसका असर दूध से बने विभिन्न उत्पादों पर देखने को मिल सकता है। इनमें दही, छाछ, पनीर, घी और अन्य डेयरी उत्पाद शामिल हो सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक उत्पाद की कीमत में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह संबंधित कंपनी और उत्पाद की लागत पर निर्भर करेगा।
इस फैसले का असर उन परिवारों पर ज्यादा पड़ सकता है, जिनके रोजमर्रा के खाने में दूध और डेयरी उत्पादों की खपत अधिक है।
दूध की कीमत बढ़ने से उपभोक्ताओं पर कितना असर?
अगर कोई परिवार रोजाना 2 लीटर दूध खरीदता है, तो 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद उसे प्रतिदिन 4 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। 30 दिनों के हिसाब से यह अतिरिक्त खर्च करीब 120 रुपये प्रति माह हो सकता है।
इसी तरह रोजाना 1 लीटर दूध खरीदने वाले परिवार का मासिक खर्च करीब 60 रुपये बढ़ सकता है। हालांकि, वास्तविक अतिरिक्त खर्च इस बात पर निर्भर करेगा कि परिवार कितना दूध खरीदता है और किस ब्रांड का दूध इस्तेमाल करता है।
डेयरी उत्पादों की कीमतों में 10 प्रतिशत तक की संभावित बढ़ोतरी अलग से घरेलू बजट को प्रभावित कर सकती है।
आंध्र प्रदेश में भी बढ़े दूध के दाम
महाराष्ट्र के अलावा आंध्र प्रदेश में भी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। कृष्णा डिस्ट्रिक्ट मिल्क प्रोड्यूसर्स म्यूचुअली एडेड कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड द्वारा संचालित विजया डेयरी ने दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है।
यह बढ़ोतरी दूध की 7 अलग-अलग वैरायटी पर लागू होगी। नई कीमतें 10 अगस्त से प्रभावी होने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, नई कीमतों के लिए 9 अगस्त की इनवॉइस तारीख को आधार बनाया गया है और इसमें मासिक कार्डधारक भी शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश में पिछले चार महीनों के दौरान कई डेयरी कंपनियों की ओर से दूध की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी की जा चुकी है। इससे वहां भी दूध और डेयरी उत्पादों की बढ़ती लागत को लेकर दबाव दिखाई दे रहा है।
दूध की कीमतों में बढ़ोतरी क्यों महत्वपूर्ण है?
दूध भारत में रोजाना इस्तेमाल होने वाली प्रमुख खाद्य वस्तुओं में शामिल है। इसका इस्तेमाल सीधे पीने के अलावा चाय, कॉफी, दही, पनीर, मिठाई और कई अन्य खाद्य पदार्थों को बनाने में किया जाता है।
इसलिए दूध की कीमत बढ़ने का असर केवल एक उत्पाद तक सीमित नहीं रहता। यदि डेयरी उत्पादों की कीमतें भी बढ़ती हैं, तो खाने-पीने के कई दूसरे सामानों की लागत पर भी असर पड़ सकता है।
महाराष्ट्र में 11 अगस्त से लागू होने वाली यह बढ़ोतरी डेयरी कंपनियों की बढ़ती लागत के बीच की गई है। एसोसिएशन ने डीजल, पैकेजिंग और कच्चे माल यानी दूध की खरीद लागत में वृद्धि को इसका प्रमुख कारण बताया है।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र में 11 अगस्त 2026 से गाय और भैंस के दूध की कीमत 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाएगी। इसके अलावा डेयरी उत्पादों की कीमतों में 10 प्रतिशत तक वृद्धि की जा सकती है। एसोसिएशन के अनुसार डीजल, पैकेजिंग और दूध की खरीद लागत बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है।
दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश में भी विजया डेयरी ने 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। ऐसे में आने वाले दिनों में दूध और डेयरी उत्पादों की कीमतों पर उपभोक्ताओं की नजर बनी रहेगी।


