Meta में करीब पांच साल तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करने के बाद भी एक कर्मचारी को नई नौकरी नहीं मिल पा रही है। नौकरी जाने के चार महीने बाद तक वह लगातार आवेदन और इंटरव्यू दे रहे हैं। पांच कंपनियों की इंटरव्यू प्रक्रिया के अंतिम चरण तक पहुंचने के बावजूद उन्हें हर बार रिजेक्शन मिला। अब उन्होंने Reddit पर लोगों से अपनी नौकरी तलाशने की रणनीति को लेकर सलाह मांगी है।
Meta जैसी बड़ी टेक कंपनी में करीब पांच साल तक काम करने का अनुभव आमतौर पर किसी सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रिज्यूमे को मजबूत बनाने वाला माना जाता है। लेकिन टेक इंडस्ट्री में इस समय बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कंपनियों की भर्ती रणनीतियों में बदलाव के बीच सिर्फ बड़ी कंपनी का अनुभव नौकरी की गारंटी नहीं दे रहा है। इसका एक उदाहरण एक पूर्व Meta कर्मचारी की कहानी है, जो नौकरी जाने के चार महीने बाद भी नए अवसर की तलाश में हैं।
पूर्व कर्मचारी ने Reddit पर अपनी स्थिति साझा करते हुए बताया कि वह लगातार नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं और तकनीकी इंटरव्यू की तैयारी में भी काफी समय लगा रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक उन्हें कोई ऑफर नहीं मिला है। उनकी परेशानी इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि वह कई बार इंटरव्यू प्रक्रिया के अंतिम चरण तक पहुंच चुके हैं, लेकिन हर बार नौकरी उनके हाथ से निकल गई।
पांच बार फाइनल इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन ऑफर नहीं मिला

पूर्व Meta कर्मचारी के मुताबिक, पिछले चार महीनों में वह पांच अलग-अलग कंपनियों की पूरी इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरे। खास बात यह रही कि वह हर बार अंतिम चरण तक पहुंचने में सफल रहे। इसके बावजूद पांचों प्रक्रियाओं में उन्हें नौकरी का ऑफर नहीं मिला।
हाल ही में एक और अंतिम इंटरव्यू के बाद रिजेक्शन मिलने पर उन्होंने Reddit का रुख किया। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या उन्हें अपनी नौकरी तलाशने की रणनीति में बदलाव करना चाहिए। उनका सवाल सिर्फ नौकरी पाने को लेकर नहीं था, बल्कि यह समझने को लेकर भी था कि जब उन्हें लगातार इंटरव्यू मिल रहे हैं और वह अंतिम दौर तक पहुंच रहे हैं, तो आखिर चयन के समय समस्या कहां आ रही है।
यह स्थिति बताती है कि आज के टेक जॉब मार्केट में रिज्यूमे का इंटरव्यू तक पहुंच जाना और वास्तविक रूप से नौकरी हासिल करना दो अलग-अलग चुनौतियां बन चुकी हैं।
2020 के मुकाबले अब नौकरी पाना ज्यादा मुश्किल
पूर्व कर्मचारी ने अपने अनुभव की तुलना 2020 के नौकरी बाजार से भी की। उनका कहना है कि मौजूदा समय में नौकरी पाना पहले की तुलना में काफी कठिन हो गया है।
उन्होंने बताया कि Meta उनकी अब तक की एकमात्र फुल-टाइम नौकरी रही है। उन्होंने कंपनी में अपने करियर की शुरुआत एक नए स्नातक इंजीनियर के तौर पर की थी। यानी उनका ज्यादातर पेशेवर अनुभव इसी कंपनी में काम करते हुए हासिल हुआ।
Meta जैसी कंपनी में काम करने का अनुभव निश्चित तौर पर मजबूत माना जाता है, लेकिन Reddit पर हुई चर्चा से यह भी सामने आया कि कुछ नियोक्ता अलग-अलग कंपनियों और प्रोजेक्ट्स का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे सकते हैं।
Meta में दो साल बाद मिली थी प्रमोशन
पूर्व कर्मचारी ने Meta में शुरुआती दो साल नए ग्रेजुएट इंजीनियर के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें प्रमोशन मिला और उन्होंने अगले करीब तीन साल सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया।
इस तरह कुल मिलाकर उनके पास Meta में लगभग पांच साल का अनुभव है। फिलहाल वह खास तौर पर बड़ी टेक कंपनियों या ऐसी कंपनियों में अवसर तलाश रहे हैं, जहां सालाना करीब 1.5 लाख डॉलर या उससे अधिक का वेतन मिल सके।
हालांकि, यही वेतन अपेक्षा Reddit पर चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई। कुछ यूजर्स का मानना था कि नौकरी तलाशने के दौरान सिर्फ एक निश्चित वेतन स्तर वाली कंपनियों पर फोकस करने से विकल्प सीमित हो सकते हैं।
रोज 6 से 8 कोडिंग सवाल हल कर रहे हैं
नौकरी पाने के लिए पूर्व इंजीनियर अपनी तकनीकी तैयारी में भी काफी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह हर दिन करीब छह से आठ कोडिंग सवाल हल करते हैं।
इसके अलावा वह रोजाना कम से कम 20 नौकरियों के लिए आवेदन करने का दावा करते हैं। यानी नौकरी की तलाश उनके लिए एक नियमित दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है।
इसके बावजूद चार महीने तक ऑफर न मिलना उनके लिए चिंता का कारण बन गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने एक प्रतिष्ठित कॉलेज से पढ़ाई की है। ऐसे में लगातार अंतिम इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद चयन न होने से वह यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी रणनीति में आखिर कहां सुधार की जरूरत है।
Reddit पर पूछा- आखिर गलती कहां हो रही है?
एक और रिजेक्शन के बाद पूर्व Meta कर्मचारी ने Reddit पर अपनी स्थिति बताते हुए लोगों से सीधी सलाह मांगी। उनका सवाल था कि क्या उन्हें नौकरी खोजने का तरीका बदलना चाहिए।
उनकी स्थिति में एक दिलचस्प बात यह है कि समस्या इंटरव्यू मिलने की नहीं दिखती। अगर कोई उम्मीदवार बार-बार इंटरव्यू के अंतिम दौर तक पहुंच रहा है, तो इसका मतलब है कि उसका रिज्यूमे और शुरुआती चयन प्रक्रिया कम से कम कंपनियों का ध्यान खींच रही है।
इसलिए Reddit पर कई यूजर्स ने सुझाव दिया कि उन्हें अब आवेदन की संख्या बढ़ाने के बजाय इंटरव्यू के अंतिम चरण को बेहतर करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
Reddit यूजर्स ने इंटरव्यू स्किल सुधारने की सलाह दी
Reddit पर एक यूजर ने तर्क दिया कि अगर उन्हें लगातार इंटरव्यू मिल रहे हैं, तो उनका रिज्यूमे बड़ी समस्या नहीं है। ऐसे में उन्हें इंटरव्यू प्रदर्शन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
एक अन्य यूजर ने सुझाव दिया कि जिन रिक्रूटर्स या इंजीनियर्स के साथ उनका इंटरव्यू हुआ, उनसे विनम्र तरीके से फीडबैक मांगा जाए। हर कंपनी विस्तृत फीडबैक दे, यह जरूरी नहीं है, लेकिन जहां प्रतिक्रिया मिल सकती है, वहां उससे बार-बार होने वाली गलतियों की पहचान की जा सकती है।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि केवल कोडिंग की तैयारी करना पर्याप्त नहीं हो सकता। टेक्निकल इंटरव्यू के अलावा सिस्टम डिजाइन, प्रोजेक्ट से जुड़े सवाल, व्यवहारिक प्रश्न और टीम के साथ काम करने की क्षमता भी चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सिर्फ LeetCode या कोडिंग सवालों पर निर्भर रहना काफी नहीं?
पूर्व कर्मचारी के अनुसार वह रोजाना छह से आठ कोडिंग सवाल हल कर रहे हैं। लेकिन Reddit पर कुछ लोगों ने संकेत दिया कि लगातार कोडिंग प्रैक्टिस करने के बावजूद अगर अंतिम चरण में रिजेक्शन मिल रहा है, तो तैयारी के दूसरे हिस्सों पर भी ध्यान देने की जरूरत हो सकती है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की वरिष्ठ भूमिकाओं में कंपनियां अक्सर उम्मीदवार से सिर्फ यह नहीं जानना चाहतीं कि वह कोड लिख सकता है या नहीं। इंटरव्यू में यह भी देखा जाता है कि वह किसी समस्या को कैसे समझता है, अपने फैसले को किस तरह समझाता है और बड़े सिस्टम या वास्तविक प्रोडक्ट से जुड़ी समस्या को कैसे हल करता है।
इसी वजह से सिस्टम डिजाइन, बिहेवियरल इंटरव्यू और अपने पिछले प्रोजेक्ट्स को स्पष्ट तरीके से समझाने की क्षमता भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
वेतन की उम्मीद पर भी Reddit यूजर्स ने उठाए सवाल
इस चर्चा का दूसरा बड़ा पहलू उनकी 1.5 लाख डॉलर से अधिक सालाना वेतन की उम्मीद है। कुछ Reddit यूजर्स ने कहा कि अगर नौकरी का बाजार मुश्किल है, तो उम्मीदवार को अपनी वेतन अपेक्षाओं में कुछ लचीलापन रखना चाहिए।
एक यूजर का तर्क था कि अगर किसी उम्मीदवार का ज्यादातर अनुभव एक ही कंपनी में रहा है और वह ऐसे उम्मीदवारों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है, जिनके पास कई कंपनियों और अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स का अनुभव है, तो नौकरी पाने की रणनीति में व्यापकता रखना फायदेमंद हो सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें अपनी योग्यता से काफी कम वेतन स्वीकार करना चाहिए। बल्कि सलाह यह थी कि बड़ी टेक कंपनियों के साथ-साथ छोटी और मिड-साइज कंपनियों तथा अलग-अलग इंडस्ट्रीज में उपलब्ध अवसरों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
चार महीने की बेरोजगारी के बाद रणनीति बदलने की सलाह
Reddit पर हुई चर्चा का सबसे अहम संदेश यही रहा कि लगातार एक ही तरीके से कोशिश करने के बजाय रणनीति की समीक्षा करना जरूरी हो सकता है।
पूर्व Meta कर्मचारी के मामले में आवेदन की संख्या कम नहीं है। तकनीकी तैयारी भी लगातार जारी है और वह इंटरव्यू के अंतिम चरण तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में संभव है कि अगला सुधार इंटरव्यू के दौरान अपनी उपलब्धियों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने, व्यवहारिक सवालों की तैयारी, सिस्टम डिजाइन और वास्तविक प्रोजेक्ट अनुभव को प्रभावी तरीके से बताने में हो।
साथ ही, नौकरी के लिए केवल कुछ चुनिंदा कंपनियों या एक निश्चित वेतन सीमा तक सीमित रहने के बजाय अवसरों का दायरा बढ़ाना भी एक विकल्प हो सकता है।
टेक इंडस्ट्री में बदलता जॉब मार्केट
इस पूरी कहानी से टेक सेक्टर में नौकरी तलाश रहे उम्मीदवारों के सामने मौजूद चुनौती का अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ साल पहले बड़ी टेक कंपनियों का अनुभव नौकरी बदलने में बड़ा फायदा माना जाता था। अब उम्मीदवारों को तकनीकी ज्ञान के साथ इंटरव्यू प्रदर्शन, सिस्टम डिजाइन, कम्युनिकेशन और अपने वास्तविक योगदान को स्पष्ट रूप से पेश करने की क्षमता पर भी ध्यान देना पड़ रहा है।
पूर्व Meta कर्मचारी की कहानी अभी Reddit पर लोगों की सलाह और चर्चा तक सीमित है। यह जरूरी नहीं कि उनकी असफलता का एक ही कारण हो। लेकिन पांच बार अंतिम इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद भी ऑफर न मिलना यह जरूर दिखाता है कि आज के प्रतिस्पर्धी टेक जॉब मार्केट में सिर्फ अच्छा रिज्यूमे और मजबूत कोडिंग स्किल पर्याप्त नहीं हो सकते।


