Public Exam Reforms: देश की सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। 13 सितंबर 2026 तक परीक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर सुझाव दिए जा सकते हैं।
सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में क्यों हो रहा बदलाव?
हाल के महीनों में आयोजित कुछ बड़ी और महत्वपूर्ण परीक्षाओं में गड़बड़ियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवाद सामने आए हैं। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर रही है।
सरकार का उद्देश्य ऐसी परीक्षा प्रणाली तैयार करना है, जिसमें परीक्षा की शुचिता, सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया जा सके। इस प्रक्रिया में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की व्यवस्था और सार्वजनिक परीक्षाओं के आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है।
इसके लिए सरकार ने पहले ही नंदन नीलकेणी की अध्यक्षता में हाई लेवल टास्क फोर्स (HPTF) का गठन किया है। यह टास्क फोर्स परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी उपायों की जांच कर रही है और सरकार को अपनी सिफारिशें देगी।
परीक्षा व्यवस्था के किन पहलुओं की होगी समीक्षा?
हाई लेवल टास्क फोर्स सार्वजनिक परीक्षाओं के पूरे सिस्टम को मजबूत बनाने पर विचार कर रही है। इसमें परीक्षा के आयोजन से लेकर रिजल्ट और शिकायतों के समाधान तक कई स्तर शामिल हैं।
मुख्य रूप से इन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है:
- परीक्षा के आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना
- परीक्षा प्रणाली के डिजाइन और मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार
- परीक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना
- संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करना
- परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने और उनका पता लगाने की व्यवस्था
- सुरक्षित कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग को बढ़ावा देना
- परीक्षा में आधुनिक तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के तरीके तलाशना
- परीक्षा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना
- शिकायतों के समाधान की व्यवस्था को बेहतर बनाना
- छात्रों और अन्य हितधारकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना
छात्रों की सुविधा और सुरक्षा पर भी जोर
परीक्षा सुधार की इस प्रक्रिया में केवल सुरक्षा और तकनीक ही नहीं, बल्कि छात्रों की सुविधा, सुरक्षा और भलाई को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
टास्क फोर्स परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुगम और समावेशी बनाने के तरीकों पर भी विचार कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अलग-अलग सामाजिक, आर्थिक, क्षेत्रीय और भाषाई पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा में समान अवसर मिल सके।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों और परीक्षा प्रक्रिया तक उम्मीदवारों की पहुंच बेहतर बनाने के लिए भी सुझाव मांगे जा रहे हैं।
कौन-कौन दे सकता है सुझाव?
सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए केवल छात्रों से ही नहीं, बल्कि अलग-अलग वर्गों और संस्थाओं से सुझाव मांगे हैं।
इनमें शामिल हैं:
- छात्र और परीक्षा उम्मीदवार
- अभिभावक
- शिक्षक
- शैक्षणिक संस्थान
- परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाएं
- टेस्ट इंडेंट करने वाली संस्थाएं
- विषय विशेषज्ञ
- तकनीकी विशेषज्ञ और पेशेवर
- उद्योग जगत के संस्थान
- सिविल सोसाइटी संस्थान
इसके अलावा परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर रुचि रखने वाले अन्य हितधारक भी अपने सुझाव दे सकते हैं।
किन मुद्दों पर भेज सकते हैं सुझाव?
हितधारक परीक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी भी ऐसे मुद्दे पर अपनी राय दे सकते हैं, जिससे सिस्टम को बेहतर बनाया जा सके।
खास तौर पर परीक्षा सुरक्षा, मूल्यांकन प्रणाली, गवर्नेंस, जवाबदेही, तकनीक, पारदर्शिता, शिकायत निवारण और छात्रों की सुविधा से जुड़े सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
टास्क फोर्स एक ऐसे परीक्षा फ्रेमवर्क पर भी विचार कर रही है, जो देश के अलग-अलग सामाजिक, आर्थिक, क्षेत्रीय और भाषाई समूहों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित कर सके।
13 सितंबर तक देना होगा सुझाव
सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सुझाव देने की अंतिम तारीख 13 सितंबर 2026 तय की गई है। इच्छुक लोग अपनी राय अंग्रेजी, हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भेज सकते हैं।
सुझाव देने के लिए आधिकारिक वेबसाइट के अलावा फोन, WhatsApp और ईमेल का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।
सुझाव भेजने के तरीके
आधिकारिक वेबसाइट: examreforms-taskforce.dopt.gov.in
फोन: 1800-180-4747
WhatsApp: +91 78270 42830 पर “hptf” लिखकर भेजें।
ईमेल: ExamReformsTaskForce@dopt.gov.in
क्या बदलेगा परीक्षा व्यवस्था में?
इस पूरी कवायद का उद्देश्य देश में सार्वजनिक परीक्षाओं के लिए ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जो मजबूत, सुरक्षित, पारदर्शी, निष्पक्ष और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो।
NTA समेत सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए मिलने वाले सुझावों को टास्क फोर्स अपनी समीक्षा में शामिल करेगी। इससे परीक्षा के आयोजन, तकनीकी व्यवस्था, सुरक्षा, मूल्यांकन और शिकायत निवारण जैसे क्षेत्रों में भविष्य में महत्वपूर्ण बदलावों का रास्ता साफ हो सकता है।


