UP News: रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश की छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। प्रदेश की 50,000 स्नातक छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि छात्राओं को स्कूटी का वितरण अक्टूबर या नवंबर 2026 में किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस पहल से बेटियों के लिए कॉलेज आने-जाने की सुविधा बढ़ेगी और उनकी शिक्षा को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह घोषणा शुक्रवार, 28 अगस्त को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान की। सीएम योगी ने कहा कि सरकार बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता तक हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
50 हजार छात्राओं को मिलेगी स्कूटी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की 50,000 बेटियों को स्कूटी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। ये छात्राएं स्नातक स्तर की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने बताया कि स्कूटी का वितरण अक्टूबर या नवंबर में किए जाने की योजना है।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल है और इसका उद्देश्य छात्राओं को पढ़ाई के लिए बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है। खासकर उन छात्राओं के लिए निजी वाहन की सुविधा उपयोगी हो सकती है, जिन्हें कॉलेज या अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
बेटी को बनाया योजनाओं का केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब सरकारी योजनाओं के केंद्र में बेटी और आधी आबादी को रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को भयमुक्त वातावरण देने के साथ-साथ उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का अवसर उपलब्ध कराना है।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, महिला सशक्तिकरण केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इसमें मानसिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता भी शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को ऐसा माहौल देना चाहती है, जिसमें वे अपने फैसले खुद ले सकें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ सकें।
महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, 2017 में उत्तर प्रदेश में करीब 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या लगभग 45,000 हो गई है।
उन्होंने बताया कि पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण/भर्ती की व्यवस्था की गई है। करीब 32,000 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 50,000 तक पहुंचने की बात कही गई।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती की गई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में स्थानीय स्तर पर बेहतर पुलिस संपर्क उपलब्ध कराना है।
60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में सरकार लगातार कदम उठा रही है।
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को साहस और स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वजह से महिला केंद्रित इस पहल का नाम उनके नाम पर रखा गया है।
कामकाजी महिलाओं के लिए बन रहे हॉस्टल
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जा रहे हैं।
इनमें लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और झांसी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रत्येक हॉस्टल में करीब 500 कामकाजी महिलाओं के लिए मुफ्त रहने की व्यवस्था की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य नौकरी या रोजगार के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना है।
जन्म से रोजगार तक बेटियों के लिए योजनाएं
सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने बेटी के जीवन के अलग-अलग चरणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया है। इसमें जन्म, शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता जैसे पहलू शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के जीवन में बदलाव केवल आर्थिक सहायता से नहीं आता, बल्कि बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी उनके सम्मान और आत्मनिर्भरता से जुड़ी है। घर में शौचालय, बिजली, स्वच्छ ईंधन, नल से जल और सरकारी सहायता की रकम सीधे बैंक खाते में पहुंचना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
DBT से सीधे खाते में पहुंच रहा पैसा
मुख्यमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का जिक्र करते हुए कहा कि इससे सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंच रहा है। उनके अनुसार, इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और लाभार्थियों तक सरकारी सहायता सीधे पहुंचाने में मदद मिली है।
उन्होंने उज्ज्वला योजना, पक्के मकान और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया। सीएम ने कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं के स्वास्थ्य, समय और जीवन की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
फ्री स्कूटी से छात्राओं को क्या फायदा होगा?
50,000 स्नातक छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की प्रस्तावित पहल का सबसे बड़ा फायदा आवागमन की सुविधा के रूप में देखा जा रहा है। कॉलेज या शिक्षण संस्थान घर से दूर होने पर छात्राओं को सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता है। निजी वाहन मिलने से उनके आने-जाने का समय कम हो सकता है और पढ़ाई के लिए अधिक समय मिल सकता है।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी इस घोषणा के तहत लाभार्थियों के चयन की विस्तृत पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, स्कूटी के मॉडल या वितरण की अंतिम तारीख की पूरी जानकारी साझा नहीं की गई है। इन नियमों की आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 50,000 छात्राओं का चयन किस आधार पर किया जाएगा।
फिलहाल मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 50,000 स्नातक छात्राओं को अक्टूबर-नवंबर 2026 के दौरान मुफ्त स्कूटी देने की तैयारी है। छात्राओं को आवेदन और पात्रता से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए सरकार की ओर से जारी अगले अपडेट का इंतजार करना होगा।


