Prayagraj Floods: प्रयागराज के संगम तट से रविवार, 30 अगस्त को आस्था और प्रकृति से जुड़ा एक बेहद भावुक दृश्य सामने आया। यहां प्रसिद्ध लेटे हनुमान जी मंदिर के गर्भगृह तक गंगा का पानी पहुंच गया। नदी का पानी मंदिर की सीढ़ियों से होते हुए अंदर आया और भगवान हनुमान की लेटी हुई प्रतिमा को स्पर्श करता नजर आया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच संगम क्षेत्र में नदी का पानी लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी दौरान बड़े हनुमान जी के मंदिर में भी पानी प्रवेश कर गया। मंदिर में मौजूद पुजारी और श्रद्धालु इस दौरान पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों ने इस दृश्य को बेहद खास माना और इसे मां गंगा द्वारा भगवान हनुमान के जलाभिषेक के रूप में देखा।
गर्भगृह तक पहुंचा गंगा का पानी
VIDEO | Prayagraj: Water enters Lete Hanuman Temple following the rise in the water levels of rivers Ganga and Yamuna.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/o0TPvtbh30
— Press Trust of India (@PTI_News) August 30, 2026 संगम क्षेत्र में स्थित बड़े हनुमान जी मंदिर की सीढ़ियों पर गंगा का पानी चढ़ता हुआ दिखाई दिया। धीरे-धीरे पानी मंदिर के अंदर तक पहुंचा और गर्भगृह में विराजमान लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा को छूने लगा।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मंदिर परिसर में पानी बहता नजर आ रहा है। वहीं, पुजारी पूजा-पाठ करते और श्रद्धालु भगवान हनुमान तथा मां गंगा के जयकारे लगाते दिखाई दे रहे हैं।
इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद कई श्रद्धालु भावुक हो गए। धार्मिक मान्यता रखने वाले लोगों के बीच यह चर्चा भी शुरू हो गई कि मानो मां गंगा स्वयं बड़े हनुमान जी का अभिषेक करने मंदिर पहुंची हों।
पूजा-अर्चना के बीच गूंजते रहे जयकारे
मंदिर परिसर में पानी पहुंचने के बावजूद धार्मिक अनुष्ठान जारी रहे। पुजारी ने भगवान हनुमान की पूजा की और श्रद्धालुओं ने भी आस्था के साथ दर्शन किए।
इस दौरान मंदिर और संगम क्षेत्र में ‘बड़े हनुमान जी महाराज’ तथा ‘मां गंगा’ के जयकारे सुनाई दिए। घटना से जुड़े वीडियो में भी श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर में पहुंच चुके पानी का दृश्य साफ दिखाई देता है।
मंदिर के सोशल मीडिया पेज पर भी शेयर की गई तस्वीरें
बड़े हनुमान जी मंदिर से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो मंदिर के सोशल मीडिया पेज पर भी शेयर किए गए हैं। पोस्ट में इस घटना को प्रयागराज और हनुमान भक्तों के लिए विशेष और सौभाग्यशाली क्षण बताया गया।
मंदिर की ओर से साझा की गई पोस्ट में धार्मिक भावनाओं के अनुरूप कहा गया कि संगम तट पर विराजमान श्री बड़े हनुमान जी महाराज का मां गंगा ने स्वयं जलाभिषेक किया।
क्यों बढ़ रहा है प्रयागराज में गंगा का जलस्तर?
प्रयागराज में इन दिनों गंगा और यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। नेपाल और हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश तथा बाढ़ की स्थिति का असर उत्तर भारत की कई नदियों के जलस्तर पर पड़ रहा है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी नदी के किनारे बसे कई इलाकों में पानी बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ी हुई है।
प्रयागराज में संगम क्षेत्र सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक है, क्योंकि यहां गंगा और यमुना का संगम होता है। जलस्तर बढ़ने पर सबसे पहले निचले इलाकों और नदी के आसपास के धार्मिक स्थलों पर इसका असर दिखाई देता है।
लेटे हनुमान मंदिर की क्या है मान्यता?
प्रयागराज के संगम क्षेत्र में स्थित बड़े हनुमान जी का मंदिर देशभर में अपनी अनोखी प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। यहां भगवान हनुमान की प्रतिमा लेटी हुई मुद्रा में स्थापित है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, लंका दहन के बाद हनुमान जी के शरीर में उत्पन्न गर्मी और थकान को शांत करने के लिए वह संगम तट पर आकर लेट गए थे। मान्यता है कि मां गंगा ने अपने जल से उन्हें स्पर्श कर शीतलता प्रदान की थी।
इसी धार्मिक विश्वास के कारण जब भी गंगा का जलस्तर बढ़ता है और पानी मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचकर हनुमान जी की प्रतिमा को स्पर्श करता है, श्रद्धालु इसे विशेष धार्मिक घटना के रूप में देखते हैं।
हर साल चर्चा में आता है यह दृश्य
प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर बड़े हनुमान जी मंदिर तक पानी पहुंचने का दृश्य श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहता है। धार्मिक मान्यता रखने वाले लोग इसे मां गंगा और हनुमान जी के संबंध से जोड़कर देखते हैं।
इस बार भी मंदिर के गर्भगृह तक पानी पहुंचने के बाद वहां का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहा यह दृश्य श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
हालांकि, आस्था से जुड़ी मान्यताओं का अपना धार्मिक महत्व है, जबकि गंगा का मंदिर तक पहुंचना नदी के बढ़े हुए जलस्तर से जुड़ी प्राकृतिक स्थिति है। फिलहाल प्रयागराज में नदी के जलस्तर पर प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर बनी हुई है।


