नई दिल्ली: अगर आप बिना जोखिम के लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आज भी सबसे भरोसेमंद सरकारी निवेश योजनाओं में शामिल है। इस स्कीम में निवेशकों को सरकार की गारंटी के साथ टैक्स-फ्री रिटर्न मिलता है। यही वजह है कि रिटायरमेंट प्लानिंग और सुरक्षित निवेश के लिए लाखों लोग PPF को प्राथमिकता देते हैं।
वर्तमान में PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। यदि कोई निवेशक हर वित्त वर्ष की शुरुआत में अधिकतम ₹1.5 लाख जमा करता है और ब्याज दर पूरी अवधि में 7.1% बनी रहती है, तो 30 वर्षों में वह करीब ₹1.54 करोड़ का फंड तैयार कर सकता है। इसमें केवल ₹45 लाख का निवेश होगा, जबकि लगभग ₹1.09 करोड़ केवल ब्याज के रूप में मिलेगा।
क्यों खास है PPF?
PPF को EEE (Exempt-Exempt-Exempt) यानी ट्रिपल टैक्स बेनिफिट वाली योजना माना जाता है।
- निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट।
- अर्जित ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री।
- मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी राशि भी टैक्स-फ्री।
यही कारण है कि यह स्कीम लंबे समय से सुरक्षित निवेश चाहने वाले लोगों की पसंद बनी हुई है।
15 साल बाद भी जारी रख सकते हैं निवेश
PPF अकाउंट की मूल मैच्योरिटी अवधि 15 वर्ष होती है। इसके बाद निवेशक चाहें तो इसे 5-5 वर्ष के ब्लॉक में बढ़ा सकते हैं।
यदि कोई व्यक्ति 30 वर्ष की उम्र में निवेश शुरू करता है और 60 वर्ष की उम्र तक निवेश जारी रखना चाहता है, तो उसे शुरुआती 15 वर्षों के बाद तीन बार 5-5 वर्ष का एक्सटेंशन लेना होगा।
₹1.54 करोड़ कैसे बनेंगे?
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| निवेश शुरू करने की उम्र | 30 वर्ष |
| निवेश समाप्ति | 60 वर्ष |
| कुल अवधि | 30 वर्ष |
| सालाना निवेश | ₹1,50,000 |
| कुल निवेश | ₹45,00,000 |
| अनुमानित ब्याज | ₹1.09 करोड़ |
| अनुमानित मैच्योरिटी राशि | ₹1.54 करोड़ |
15, 20 और 30 साल में कितना फंड बनेगा?
यदि हर वित्त वर्ष में 5 अप्रैल तक ₹1.5 लाख जमा किए जाएं और ब्याज दर 7.1% बनी रहे, तो अनुमानित राशि इस प्रकार हो सकती है—
- 15 साल बाद: लगभग ₹40.68 लाख
- 20 साल बाद: लगभग ₹66.58 लाख
- 30 साल बाद: लगभग ₹1.54 करोड़
इस कैलकुलेशन की महत्वपूर्ण शर्तें
यह अनुमान कुछ मानकों पर आधारित है—
- हर वर्ष अधिकतम ₹1.5 लाख का निवेश।
- पूरी राशि 5 अप्रैल तक जमा की गई हो।
- पूरी अवधि में ब्याज दर 7.1% बनी रहे।
- बीच में कोई निकासी न की जाए।
- निवेश लगातार 30 वर्षों तक जारी रहे।
यदि भविष्य में सरकार PPF की ब्याज दर में बदलाव करती है, तो अंतिम मैच्योरिटी राशि भी उसी अनुसार बदल सकती है।
PPF में निवेश करने के प्रमुख फायदे
PPF केवल सुरक्षित निवेश ही नहीं, बल्कि टैक्स बचत और रिटायरमेंट प्लानिंग का भी शानदार विकल्प है।
- सरकार की गारंटी वाला निवेश।
- टैक्स-फ्री ब्याज और मैच्योरिटी।
- धारा 80C के तहत टैक्स छूट।
- लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा।
- रिटायरमेंट के लिए बड़ा कॉर्पस तैयार करने में मदद।
- जरूरत पड़ने पर लोन और आंशिक निकासी की सुविधा।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
PPF की ब्याज दर सरकार हर तिमाही में समीक्षा करती है। इसलिए 30 वर्षों तक 7.1% ब्याज मिलना केवल एक अनुमान है। वास्तविक रिटर्न भविष्य की ब्याज दरों के अनुसार कम या ज्यादा हो सकता है। इसलिए निवेशकों को समय-समय पर सरकार द्वारा घोषित ब्याज दरों पर नजर रखनी चाहिए।
निष्कर्ष
अगर आपका लक्ष्य सुरक्षित तरीके से रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार करना है, तो PPF एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। केवल ₹1.5 लाख सालाना निवेश करके 30 वर्षों में ₹45 लाख के निवेश पर करीब ₹1.09 करोड़ का ब्याज और कुल लगभग ₹1.54 करोड़ का टैक्स-फ्री कॉर्पस तैयार किया जा सकता है। हालांकि वास्तविक रिटर्न सरकार द्वारा समय-समय पर तय की जाने वाली ब्याज दरों पर निर्भर करेगा।
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