भारत में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG (Piped Natural Gas) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। घरेलू रसोई से लेकर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों तक PNG अब LPG सिलेंडर का एक सुविधाजनक विकल्प बन चुकी है। 21 मई 2026 को मुंबई में PNG की कीमत ₹50 प्रति SCM (Standard Cubic Meter) पर स्थिर बनी हुई है। पिछले महीने की तुलना में इसमें कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि अक्टूबर 2025 से मुंबई में PNG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि पिछले 12 महीनों में PNG के दाम में कुल ₹1 प्रति SCM की बढ़ोतरी हुई है। सितंबर 2025 में सबसे बड़ी बढ़ोतरी ₹0.50 प्रति SCM की दर्ज की गई थी।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और घरेलू गैस वितरण कंपनियों की लागत के आधार पर PNG की कीमतें तय होती हैं। फिलहाल सरकार और गैस वितरण कंपनियां उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ से बचने के लिए कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रही हैं।
क्या है PNG और क्यों बढ़ रही इसकी मांग?
Piped Natural Gas यानी PNG एक ऐसी गैस सेवा है जो पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचाई जाती है। यह पारंपरिक LPG सिलेंडर की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक मानी जाती है क्योंकि इसमें सिलेंडर बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ती।
PNG की सबसे बड़ी खासियत इसका मीटर आधारित बिलिंग सिस्टम है। इसमें उपभोक्ता जितनी गैस इस्तेमाल करता है, उतना ही भुगतान करता है। खपत को SCM यानी Standard Cubic Meter में मापा जाता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत के बड़े शहरों में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी और गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार के कारण PNG की मांग लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार भी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क को विस्तार देने पर जोर दे रही है।
मुंबई में PNG की कीमत क्यों स्थिर है?
मुंबई देश के सबसे बड़े सिटी गैस नेटवर्क वाले शहरों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में घर और व्यवसाय PNG का इस्तेमाल करते हैं। पिछले कई महीनों से कीमतों में स्थिरता का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार में सीमित उतार-चढ़ाव और घरेलू आपूर्ति संतुलन को माना जा रहा है।
हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या वैश्विक ऊर्जा बाजार में अचानक उछाल आता है तो आने वाले महीनों में PNG कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
भारत के प्रमुख शहरों में PNG के ताजा रेट
नीचे देश के प्रमुख मेट्रो शहरों और राज्य की राजधानियों में PNG की मौजूदा कीमतें दी गई हैं:
| शहर | PNG कीमत (₹/SCM) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹47.90 | 0.00 |
| कोलकाता | ₹50.00 | 0.00 |
| मुंबई | ₹50.00 | 0.00 |
| चेन्नई | ₹50.00 | 0.00 |
| गुरुग्राम | ₹49.90 | 0.00 |
| नोएडा | ₹47.76 | 0.00 |
| बेंगलुरु | ₹52.00 | 0.00 |
| भुवनेश्वर | ₹45.33 | 0.00 |
| चंडीगढ़ | ₹52.63 | 0.00 |
| हैदराबाद | ₹51.00 | 0.00 |
| जयपुर | ₹49.50 | 0.00 |
| लखनऊ | ₹56.50 | 0.00 |
| पटना | ₹49.44 | 0.00 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹51.00 | 0.00 |
सबसे महंगी और सबसे सस्ती PNG कहां?
21 मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार: सबसे महंगी PNG लखनऊ में ₹56.50 प्रति SCM है।, सबसे सस्ती PNG भुवनेश्वर में ₹45.33 प्रति SCM दर्ज की गई है।
इस अंतर की वजह स्थानीय टैक्स, पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर लागत और गैस वितरण कंपनियों की परिचालन लागत मानी जाती है।
LPG के मुकाबले PNG क्यों बन रही पसंद?
विशेषज्ञों के अनुसार PNG के कई फायदे हैं:
1. सिलेंडर बुकिंग की झंझट खत्म
PNG सीधे पाइपलाइन से आती है, इसलिए बार-बार सिलेंडर मंगाने की जरूरत नहीं पड़ती।
2. ज्यादा सुरक्षित
लीकेज की स्थिति में गैस हवा में तेजी से फैल जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा कम माना जाता है।
3. मीटर आधारित भुगतान
उपभोक्ता केवल इस्तेमाल की गई गैस का भुगतान करता है।
4. पर्यावरण के लिए बेहतर
PNG को अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन माना जाता है, जिससे प्रदूषण कम होता है।
PNG की कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में PNG की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है: अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक गैस कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, पाइपलाइन ट्रांसपोर्ट लागत, गैस वितरण कंपनियों का मार्जिन यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस महंगी होती है या रुपया कमजोर होता है, तो घरेलू PNG कीमतों पर असर पड़ सकता है।
आने वाले महीनों में क्या महंगी हो सकती है PNG?
ऊर्जा बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कीमतें स्थिर दिखाई दे रही हैं, लेकिन वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा बाजार की अनिश्चितता आगे चलकर PNG दरों को प्रभावित कर सकती है।
विशेष रूप से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने या कच्चे तेल और गैस की वैश्विक कीमतों में उछाल आने पर भारत में PNG और CNG दोनों महंगे हो सकते हैं। हालांकि सरकार फिलहाल आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही है।
स्रोत: Goodreturns, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के सार्वजनिक आंकड़े
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