अगर आप PM Kisan Samman Nidhi Yojana के लाभार्थी हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
उत्तराखंड में करीब 46 हजार किसान ऐसे हैं जिन्हें अब तक योजना का पैसा नहीं मिला, और इसकी सबसे बड़ी वजह है – ‘फार्मर रजिस्ट्री’ न होना।
क्या है पूरा मामला?
कृषि विभाग के अनुसार:
- नैनीताल जिले में कुल करीब 53 हजार किसान हैं
- इनमें से केवल 7 हजार किसानों ने ही फार्मर रजिस्ट्री कराई है
- बाकी 46 हजार किसान अभी भी रजिस्ट्रेशन से वंचित हैं
ऐसे किसानों को ₹2000 की अगली किस्त नहीं मिलेगी।
फार्मर रजिस्ट्री क्यों है जरूरी?
अब सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना रजिस्ट्री के:
- पीएम किसान योजना का पैसा नहीं मिलेगा
- खाद-बीज सब्सिडी नहीं मिलेगी
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का लाभ नहीं मिलेगा
यानी सभी कृषि योजनाओं के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है।
क्या है ‘फार्मर रजिस्ट्री’ सिस्टम?
यह एक डिजिटल प्रक्रिया है, जो एग्री स्टैक (Agristack) के तहत की जा रही है।
इसका मकसद:
- असली किसानों की पहचान करना
- फर्जी लाभार्थियों को हटाना
- हर किसान का डेटा (जमीन, फसल, बैंक) रिकॉर्ड करना
रजिस्ट्री नहीं कराई तो क्या होगा?
अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो:
- ₹2000 की अगली किस्त रुक जाएगी
- भविष्य की सभी सरकारी योजनाओं से बाहर हो सकते हैं
- सब्सिडी और अन्य लाभ नहीं मिलेंगे
साफ शब्दों में: रजिस्ट्री नहीं = कोई लाभ नहीं
कहां और कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन?
सरकार किसानों की मदद के लिए कई विकल्प दे रही है:
- ग्राम स्तर पर लगाए जा रहे कैंप
- CSC (Common Service Center)
- कृषि विभाग के माध्यम से
किसान अपनी Farmer ID बनवाकर आसानी से रजिस्ट्री करा सकते हैं।
सबसे बड़ी दिक्कत क्या आ रही है?
अधिकारियों के अनुसार:
- कई किसानों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है
- इसी वजह से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही
इसलिए पहले अपना आधार और मोबाइल लिंक जरूर चेक करें।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
सरकार इस नई व्यवस्था से:
- पारदर्शिता बढ़ाना चाहती है
- सही किसानों तक लाभ पहुंचाना चाहती है
- डिजिटल डेटा तैयार करना चाहती है
भविष्य में सभी सब्सिडी इसी सिस्टम के जरिए दी जाएगी।
निष्कर्ष
अगर आप चाहते हैं कि:
- आपको ₹2000 की अगली किस्त मिले
- और बाकी सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलता रहे
तो फौरन फार्मर रजिस्ट्री कराएं।
देरी करने पर नुकसान आपका ही होगा।
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