NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    first-indian-oil-petrol-pump-anjar-gujarat-history-camel-diesel-story
    गुजरात में खुला था भारत का पहला इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, ऊंटगाड़ियों से पहुंचा था 3600 लीटर डीजल; जानिए दिलचस्प कहानी
    5 जून 2026
    top-up-loan-benefits-eligibility-interest-rate-guide
    Top-Up Loan क्यों बना हुआ है लोगों की पहली पसंद? जानिए कैसे काम करता है यह लोन और कब लेना होता है फायदेमंद
    5 जून 2026
    ltcg-tax-relief-share-market-crude-oil-el-nino-impact
    LTCG माफ.. निवेशक जो चाहते थे RBI और सरकार ने वो सबकुछ दिया, अब ‘2’ राहत और चाहिए; ये सरकार के बस में नहीं
    5 जून 2026
    india-gdp-growth-fy26-7-7-percent-q4-growth-7-8-percent-mospi-data
    GDP Growth: FY26 में 7.7% की रफ्तार से भागी भारतीय अर्थव्यवस्था, चौथी तिमाही में 7.8% रही ग्रोथ; जानिए किन सेक्टरों ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत
    5 जून 2026
    india-may-overtake-china-in-global-gdp-by-2060-ppp-report
    पस्त होगा ‘ड्रैगन’, दौड़ेगा भारत! 2060 तक ग्लोबल GDP में बड़े उलटफेर की भविष्यवाणी
    5 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-diesel-price-today-5-june-2026-latest-rate-crude-oil-price
    Petrol Diesel Price Today: क्रूड ऑयल नरम, फिर भी कोलकाता में पेट्रोल ₹113 के पार, जानिए आज आपके शहर में क्या है नया रेट
    5 जून 2026
    gold-silver-price-today-gold-rises-silver-falls-market-trend-analysis
    Gold Silver Price: सोना उछला, पर चांदी हुई धड़ाम! ₹3800 तक टूटे दाम; क्या अब बदलने वाला है गोल्ड-सिल्वर का ट्रेंड?
    4 जून 2026
    rbi-gold-reserve-fact-check-india-gold-holdings-880-tonnes
    ‘सोना बेचने की खबरें पूरी तरह गलत’, RBI ने दी सफाई; जानिए भारत के पास कितना गोल्ड रिजर्व है
    3 जून 2026
    gold-silver-price-today-buy-or-wait-gold-crosses-1-56-lakh-silver-2-65-lakh
    Gold Silver Price: सोना-चांदी फिर चमके, गोल्ड ₹1.56 लाख और सिल्वर ₹2.65 लाख के पार; खरीदें या अभी करें इंतजार?
    2 जून 2026
    petrol-diesel-price-hike-crisil-warning-inflation-impact-india
    Petrol-Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल 10 रुपये तक हो सकता है महंगा! CRISIL की चेतावनी, दूध से लेकर कपड़े तक बढ़ सकती हैं कीमतें
    2 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    best-midcap-fund-top-5-midcap-mutual-funds-high-return-nav-under-25
    Best Midcap Fund: ₹25 से भी कम NAV, 3 साल में दिया 25% का रिटर्न, ये मिडकैप फंड मार्केट में मचा रहे गदर
    5 जून 2026
    rbi-policy-share-market-gift-nifty-signals-stocks-to-watch-today
    RBI Policy से पहले शेयर बाजार में हलचल, GIFT Nifty ने दिए सुस्ती के संकेत; आज इन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर
    5 जून 2026
    e2e-networks-share-split-record-date-multibagger-stock-news
    Multibagger Stock: 6 महीने में पैसा डबल, 5 साल में ₹1 लाख बने ₹20 लाख, अब 10 हिस्सों में बंटेगा यह शेयर
    5 जून 2026
    rajesh-exports-revenue-gap-sebi-action-explained
    Explained: 15.15 लाख करोड़ का Revenue Gap! कैसे SEBI की जांच में फंसी Rajesh Exports? जानिए पूरा मामला
    4 जून 2026
    share-market-closed-sensex-nifty-flat-before-rbi-repo-rate-decision
    Share Market Closed: निचले स्तरों से संभला बाजार, RBI के रेपो रेट फैसले से पहले सेंसेक्स-निफ्टी सपाट बंद; निवेशकों की नजर कल पर
    4 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: क्या भारत में आने वाला है प्लास्टिक नोटों का दौर? RBI गवर्नर के बयान के क्या हैं मायने, समझिए
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

क्या भारत में आने वाला है प्लास्टिक नोटों का दौर? RBI गवर्नर के बयान के क्या हैं मायने, समझिए

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/05 at 6:58 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
plastic-note-in-india-rbi-governor-sanjay-malhotra-polymer-currency
SHARE

नई दिल्ली। भारत में इस्तेमाल होने वाले करेंसी नोट आने वाले वर्षों में पूरी तरह बदल सकते हैं। अभी तक देश में कपास आधारित विशेष कागज से बने नोट प्रचलन में हैं, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब पॉलीमर यानी प्लास्टिक नोटों की संभावनाओं पर विचार कर रहा है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के हालिया बयान ने इस चर्चा को फिर से हवा दे दी है।

Contents
क्या होते हैं पॉलीमर नोट?RBI आखिर क्यों कर रहा है इस विकल्प पर विचार?नकली नोटों के खिलाफ कितना प्रभावी होगा यह कदम?भारत में पहले भी हो चुकी है कोशिशक्या डिजिटल इंडिया के दौर में इसकी जरूरत है?क्या होंगे इसके नुकसान?RBI गवर्नर के बयान के क्या हैं मायने?निष्कर्षRelated Live Rates

हालांकि RBI ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन यह संकेत जरूर दिया है कि भविष्य में भारत भी उन देशों की सूची में शामिल हो सकता है जिन्होंने पारंपरिक कागजी नोटों की जगह पॉलीमर करेंसी को अपनाया है। यह केवल नोटों के डिजाइन में बदलाव नहीं होगा, बल्कि देश की मुद्रा व्यवस्था, सुरक्षा और लागत संरचना में भी बड़ा परिवर्तन ला सकता है।

क्या होते हैं पॉलीमर नोट?

वर्तमान में भारत में प्रचलित नोट विशेष प्रकार के कॉटन आधारित पेपर से बनाए जाते हैं। इसके विपरीत पॉलीमर नोट एक विशेष प्लास्टिक सामग्री से तैयार किए जाते हैं, जो सामान्य कागज की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और टिकाऊ होती है।

दुनिया में सबसे पहले पॉलीमर नोटों का प्रयोग ऑस्ट्रेलिया ने किया था। बाद में कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और कई अन्य देशों ने भी इन्हें अपनाया। इन देशों के अनुभव बताते हैं कि पॉलीमर नोट लंबे समय तक चलते हैं और सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर माने जाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार पॉलीमर नोटों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पानी, नमी, धूल, तेल और लगातार इस्तेमाल का उन पर बहुत कम असर पड़ता है। यही वजह है कि इनकी उम्र सामान्य कागजी नोटों की तुलना में कई गुना अधिक होती है।

RBI आखिर क्यों कर रहा है इस विकल्प पर विचार?

भारत दुनिया की सबसे बड़ी नकद आधारित अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद करोड़ों लोग रोजमर्रा के लेन-देन के लिए नकदी का उपयोग करते हैं।

RBI की वार्षिक रिपोर्टों के अनुसार हर साल बड़ी मात्रा में पुराने, फटे और खराब नोट बैंकिंग सिस्टम से बाहर किए जाते हैं। इन नोटों को नष्ट करने और उनकी जगह नए नोट छापने में भारी खर्च आता है।

यदि पॉलीमर नोट लागू होते हैं तो उनकी लंबी उम्र के कारण बार-बार नोट छापने की जरूरत कम हो सकती है। इससे रिजर्व बैंक की छपाई और वितरण लागत में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती लागत अधिक होने के बावजूद लंबे समय में पॉलीमर नोट सरकार और RBI दोनों के लिए किफायती साबित हो सकते हैं।

नकली नोटों के खिलाफ कितना प्रभावी होगा यह कदम?

भारत में नकली नोटों की समस्या समय-समय पर चिंता का विषय रही है। विशेष रूप से 500 रुपये और 2000 रुपये के नोटों को लेकर पहले कई मामले सामने आए थे।

पॉलीमर नोटों में ऐसी आधुनिक सुरक्षा तकनीकें शामिल की जा सकती हैं जिन्हें नकली बनाना बेहद मुश्किल होता है। इनमें पारदर्शी विंडो, माइक्रो प्रिंटिंग, होलोग्राम, रंग बदलने वाली स्याही और उन्नत सुरक्षा पैटर्न शामिल हैं।

कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पॉलीमर नोटों के आने के बाद नकली नोटों के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई थी। यही वजह है कि RBI भी इस विकल्प को गंभीरता से देख रहा है।

भारत में पहले भी हो चुकी है कोशिश

पॉलीमर नोटों पर चर्चा नई नहीं है। RBI ने वर्ष 2007 में पहली बार इस दिशा में कदम बढ़ाया था। उस समय जयपुर, शिमला, भुवनेश्वर, मैसूर और कोच्चि जैसे शहरों में 10 रुपये के पॉलीमर नोटों के परीक्षण की योजना बनाई गई थी।

हालांकि विभिन्न तकनीकी और लागत संबंधी कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद RBI ने नोटों की मजबूती बढ़ाने के लिए वार्निश कोटिंग और अन्य तकनीकों पर भी प्रयोग किए।

अब RBI गवर्नर के ताजा संकेत बताते हैं कि केंद्रीय बैंक इस विकल्प को फिर से गंभीरता से परख रहा है।

क्या डिजिटल इंडिया के दौर में इसकी जरूरत है?

यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि जब UPI और डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहे हैं तो फिर नए प्रकार के नोटों की जरूरत क्यों है?

वास्तविकता यह है कि भारत में डिजिटल भुगतान बढ़ने के बावजूद नकदी का उपयोग पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे कारोबारों और कई स्थानीय बाजारों में आज भी नकद लेन-देन का महत्वपूर्ण स्थान है।

RBI के आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था में प्रचलित मुद्रा (Currency in Circulation) लगातार बढ़ रही है। इसका मतलब है कि नकदी की मांग अभी भी बनी हुई है। ऐसे में अधिक टिकाऊ और सुरक्षित नोटों का विकल्प भविष्य के लिए उपयोगी हो सकता है।

क्या होंगे इसके नुकसान?

पॉलीमर नोटों के कई फायदे हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं।

सबसे बड़ी चुनौती शुरुआती लागत है। पॉलीमर नोटों का उत्पादन सामान्य नोटों की तुलना में महंगा होता है। इसके अलावा ATM मशीनों, कैश हैंडलिंग सिस्टम और नोट प्रोसेसिंग मशीनों में भी बदलाव की जरूरत पड़ सकती है।

कुछ देशों में शुरुआती दौर में लोगों को नए नोटों को अपनाने में समय लगा था। भारत जैसे विशाल देश में यह प्रक्रिया और भी जटिल हो सकती है।

इसके अलावा पर्यावरण से जुड़े कुछ सवाल भी उठते हैं, हालांकि समर्थकों का तर्क है कि लंबे समय तक चलने के कारण पॉलीमर नोट कुल मिलाकर अधिक टिकाऊ साबित हो सकते हैं।

RBI गवर्नर के बयान के क्या हैं मायने?

संजय मल्होत्रा का बयान फिलहाल किसी तत्काल बदलाव का संकेत नहीं देता। इसका मतलब यह नहीं है कि अगले कुछ महीनों में भारत के सभी नोट प्लास्टिक के हो जाएंगे।

लेकिन यह जरूर दर्शाता है कि RBI भविष्य की मुद्रा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और लागत प्रभावी बनाने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

यदि आने वाले वर्षों में पायलट प्रोजेक्ट सफल रहते हैं और लागत संबंधी चुनौतियों का समाधान हो जाता है तो भारत भी ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन की तरह पॉलीमर नोटों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

निष्कर्ष

भारत में पॉलीमर नोटों की वापसी चर्चा का विषय जरूर बन गई है, लेकिन फिलहाल यह विचार शुरुआती चरण में है। फिर भी RBI का इस दिशा में रुचि दिखाना महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। लंबे समय तक चलने वाले नोट, बेहतर सुरक्षा फीचर्स और नकली नोटों पर संभावित रोक जैसे फायदे इस विकल्प को आकर्षक बनाते हैं।

आने वाले समय में यदि RBI इस योजना को आगे बढ़ाता है तो भारतीय मुद्रा व्यवस्था में यह पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

Related Live Rates

  • Gold Price Today
  • Petrol Diesel Price Today
  • LPG Price Today
  • CNG Price Today
  • PNG Price Today
  • Crude Oil Price Today

You Might Also Like

गुजरात में खुला था भारत का पहला इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, ऊंटगाड़ियों से पहुंचा था 3600 लीटर डीजल; जानिए दिलचस्प कहानी

Top-Up Loan क्यों बना हुआ है लोगों की पहली पसंद? जानिए कैसे काम करता है यह लोन और कब लेना होता है फायदेमंद

LTCG माफ.. निवेशक जो चाहते थे RBI और सरकार ने वो सबकुछ दिया, अब ‘2’ राहत और चाहिए; ये सरकार के बस में नहीं

GDP Growth: FY26 में 7.7% की रफ्तार से भागी भारतीय अर्थव्यवस्था, चौथी तिमाही में 7.8% रही ग्रोथ; जानिए किन सेक्टरों ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत

पस्त होगा ‘ड्रैगन’, दौड़ेगा भारत! 2060 तक ग्लोबल GDP में बड़े उलटफेर की भविष्यवाणी

TAGGED: Banking News, Currency News, economy, Fake Note, Indian Currency, Plastic Note, Polymer Note, RBI, RBI governor, sanjay malhotra
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article rbi-measures-rupee-strengthens-81-paise-against-dollar-closes-at-94-93 RBI के फैसलों से खुश हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले 81 पैसे की जोरदार मजबूती; 94.93 पर हुआ बंद
Next Article gold-price-india-rises-despite-global-fall-may-2026 मई महीने में दुनिया में गिरा सोने का भाव, लेकिन भारत में 4.1% बढ़ी कीमतें; ऐसा क्यों?

Recent Posts

  • गुजरात में खुला था भारत का पहला इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, ऊंटगाड़ियों से पहुंचा था 3600 लीटर डीजल; जानिए दिलचस्प कहानी
  • Top-Up Loan क्यों बना हुआ है लोगों की पहली पसंद? जानिए कैसे काम करता है यह लोन और कब लेना होता है फायदेमंद
  • LTCG माफ.. निवेशक जो चाहते थे RBI और सरकार ने वो सबकुछ दिया, अब ‘2’ राहत और चाहिए; ये सरकार के बस में नहीं
  • GDP Growth: FY26 में 7.7% की रफ्तार से भागी भारतीय अर्थव्यवस्था, चौथी तिमाही में 7.8% रही ग्रोथ; जानिए किन सेक्टरों ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत
  • पस्त होगा ‘ड्रैगन’, दौड़ेगा भारत! 2060 तक ग्लोबल GDP में बड़े उलटफेर की भविष्यवाणी

Recent Comments

  1. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Namam Sharma
  2. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Namam Sharma
  3. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Supriya Singh
  4. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Chaman Singh
  5. Saba (@thewordmuse_) Profile: 1.2M+ Followers वाली Urdu Poetry & Voice Artist Influencer की पूरी कहानी पर Namam Sharma

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

Latest News

first-indian-oil-petrol-pump-anjar-gujarat-history-camel-diesel-story
गुजरात में खुला था भारत का पहला इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, ऊंटगाड़ियों से पहुंचा था 3600 लीटर डीजल; जानिए दिलचस्प कहानी
बिजनेस न्यूज़ 5 जून 2026
top-up-loan-benefits-eligibility-interest-rate-guide
Top-Up Loan क्यों बना हुआ है लोगों की पहली पसंद? जानिए कैसे काम करता है यह लोन और कब लेना होता है फायदेमंद
बिजनेस न्यूज़ 5 जून 2026
ltcg-tax-relief-share-market-crude-oil-el-nino-impact
LTCG माफ.. निवेशक जो चाहते थे RBI और सरकार ने वो सबकुछ दिया, अब ‘2’ राहत और चाहिए; ये सरकार के बस में नहीं
बिजनेस न्यूज़ 5 जून 2026
india-gdp-growth-fy26-7-7-percent-q4-growth-7-8-percent-mospi-data
GDP Growth: FY26 में 7.7% की रफ्तार से भागी भारतीय अर्थव्यवस्था, चौथी तिमाही में 7.8% रही ग्रोथ; जानिए किन सेक्टरों ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत
बिजनेस न्यूज़ 5 जून 2026
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?