नई दिल्ली। पेंशनधारकों और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) ने AI आधारित नया शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म ‘पेंशन सहायक’ (Pension Sahayak) लॉन्च किया है। यह नया सिस्टम पुराने Central Grievance Management System (CGMS) की जगह लेगा और शिकायत दर्ज करने से लेकर उसके समाधान तक की पूरी प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक आसान और तेज बनाएगा।
नई तकनीक से लैस यह प्लेटफॉर्म पेंशन से जुड़ी विभिन्न सेवाओं को एक ही डिजिटल इकोसिस्टम में जोड़ता है। वेब पोर्टल, मोबाइल और व्हाट्सऐप आधारित सेवाओं के जरिए अब पेंशनधारक अपनी समस्याओं का समाधान आसानी से पा सकेंगे।
क्या है PFRDA का ‘पेंशन सहायक’?
‘पेंशन सहायक’ एक AI-संचालित शिकायत प्रबंधन प्लेटफॉर्म है, जिसे पेंशनधारकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य शिकायत दर्ज करने, ट्रैक करने और समय पर समाधान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। इस प्लेटफॉर्म में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे यूजर्स को तकनीकी जानकारी के बिना भी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
पेंशन सहायक की 5 बड़ी खूबियां
1. PRAN और पासवर्ड की जरूरत नहीं
अब शिकायत दर्ज करने के लिए PRAN नंबर या पासवर्ड याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। पेंशनधारक केवल अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और OTP के माध्यम से लॉगिन कर सकेंगे।
2. एक स्क्रीन पर कई PRAN अकाउंट्स
यदि किसी मोबाइल नंबर से एक से अधिक PRAN जुड़े हुए हैं, तो लॉगिन के बाद सभी अकाउंट्स एक ही स्क्रीन पर दिखाई देंगे। वहीं, Atal Pension Yojana (APY) के सब्सक्राइबर्स अपना भूला हुआ PRAN भी इस प्लेटफॉर्म की मदद से खोज सकेंगे।
3. 22 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट
‘भाषिनी’ AI तकनीक के इंटीग्रेशन के कारण यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। यूजर अपनी मातृभाषा में बोलकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसी भाषा में जवाब भी प्राप्त कर सकते हैं। ऑडियो रिस्पॉन्स की सुविधा भी उपलब्ध है।
4. शिकायतों का ऑटोमैटिक एस्केलेशन
यदि निर्धारित समय सीमा में शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो सिस्टम स्वतः ही शिकायत को उच्च अधिकारी के पास भेज देगा। इससे मामलों के लंबित रहने की संभावना कम होगी।
5. समाधान से असंतुष्ट होने पर आसान अपील
यदि शिकायतकर्ता पहले समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो वह केवल एक क्लिक में मामले को ओम्बड्समैन या NPS ट्रस्ट के पास भेज सकता है। साथ ही समाधान की गुणवत्ता को रेटिंग देने का विकल्प भी मिलेगा।
पुराने CGMS सिस्टम से कितना अलग?
पुराना CGMS सिस्टम अपेक्षाकृत जटिल था और उसे इस्तेमाल करने के लिए पेंशन सिस्टम की कुछ तकनीकी समझ आवश्यक होती थी। वहीं नया ‘पेंशन सहायक’ पूरी तरह AI आधारित, यूजर-फ्रेंडली और वॉइस कमांड सपोर्ट वाला आधुनिक प्लेटफॉर्म है।
अब यूजर्स को केवल अपनी समस्या बतानी होगी, जबकि शिकायत की प्रक्रिया, ट्रैकिंग और उचित विभाग तक पहुंचाने का काम सिस्टम खुद करेगा। इससे शिकायत निवारण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनने की उम्मीद है।
पेंशनधारकों को क्या होगा फायदा?
नए प्लेटफॉर्म के जरिए पेंशनधारकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। स्थानीय भाषा में सहायता, OTP लॉगिन, AI आधारित मार्गदर्शन और समयबद्ध समाधान जैसी सुविधाएं पेंशन सेवाओं को अधिक सुलभ बनाएंगी। खासकर वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण क्षेत्रों के पेंशनधारकों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है।


