कल का मौसम 8 अगस्त 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त को उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत करीब 18 राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बना हुआ है। वहीं पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में अति भारी बारिश का अलर्ट
IMD के मुताबिक 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना है।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश की स्थिति में नदियों, नालों और जलाशयों के आसपास जाने से बचना बेहतर रहेगा। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी किसी भी चेतावनी या निकासी संबंधी निर्देश का पालन करने की सलाह दी गई है।
यूपी, उत्तराखंड और हिमाचल में जमकर बरसेंगे बादल
उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ पर्वतीय इलाकों में 8 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। यूपी में पहले से कई इलाकों में बारिश का दौर चल रहा है, ऐसे में दोबारा तेज बारिश होने पर निचले क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या बढ़ सकती है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का असर सड़क यातायात पर भी पड़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन, पत्थर गिरने और अचानक नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाओं का खतरा रहता है। इसलिए पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी जाती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इन राज्यों में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर स्थानीय जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी स्थिति बन सकती है। खासकर निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखने की जरूरत है।
मध्य और पश्चिम भारत में भी बारिश का दौर
मध्य भारत की बात करें तो छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा तथा पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश हो सकती है।
इसके अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।
दक्षिण भारत में इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा केरल और माहे में भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना जरूरी है।
तेज हवाओं और वज्रपात का भी खतरा
8 अगस्त को कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। आंध्र प्रदेश, केरल और माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बालटिस्तान, मुजफ्फराबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
समुद्र में खराब मौसम, मछुआरों को अलर्ट
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा तेलंगाना के तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। समुद्री इलाकों में मौसम की स्थिति सामान्य से अधिक खराब रहने की संभावना है।
अरब सागर में भी तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। सोमालिया और ओमान के तटों के पास तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति कुछ स्थानों पर करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
खराब समुद्री परिस्थितियों और ऊंची लहरों के खतरे को देखते हुए मछुआरों को इन संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
8 अगस्त को कहां-कहां बारिश का ज्यादा असर?
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए 8 अगस्त को इन प्रमुख क्षेत्रों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है:
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- पूर्वी राजस्थान
- ओडिशा
- छत्तीसगढ़
- पूर्वी मध्य प्रदेश
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- सिक्किम
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- मेघालय
- नागालैंड
- मणिपुर
- मिजोरम
- त्रिपुरा
- कोंकण और गोवा
- तटीय आंध्र प्रदेश
- तटीय कर्नाटक
- दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
- केरल और माहे
दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश का दौर जारी
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। यदि बारिश तेज होती है तो निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।
ऐसे मौसम में वाहन चालकों को पानी भरी सड़कों पर तेज गति से वाहन चलाने से बचना चाहिए। वहीं पैदल लोगों को खुले बिजली के तारों, जलभराव वाले स्थानों और पुराने पेड़ों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें
8 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
खासकर पहाड़ी और तटीय इलाकों में रहने या यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहना चाहिए। मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
नोट: मौसम संबंधी पूर्वानुमान समय और स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। किसी इलाके में यात्रा करने से पहले IMD और स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनी जरूर देखें।


