13 अप्रैल 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। देश के प्रमुख महानगरों—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता—में फ्यूल रेट्स स्थिर बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने फिलहाल कीमतों को unchanged रखा है, जिससे आम लोगों को राहत मिली है।
आज के पेट्रोल-डीजल के रेट (City-wise)
नीचे प्रमुख शहरों के ताज़ा रेट दिए गए हैं:
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹94.77 | ₹87.67 |
| मुंबई | ₹103.54 | ₹90.03 |
| कोलकाता | ₹105.41 | ₹92.02 |
| बेंगलुरु | ₹102.92 | ₹90.99 |
| चेन्नई | ₹100.90 | ₹92.49 |
| पटना | ₹105.23 | ₹91.49 |
| जयपुर | ₹104.86 | ₹90.34 |
| पोर्ट ब्लेयर | ₹82.46 | ₹78.05 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹107.48 | ₹96.48 |
अलग-अलग राज्यों में VAT और लोकल टैक्स के कारण कीमतों में अंतर रहता है।
मुंबई में क्या है स्थिति?
मुंबई में:
- पेट्रोल: ₹103.54 प्रति लीटर
- डीजल: ₹90.03 प्रति लीटर
पिछले कुछ दिनों में कीमतें ₹103.50–₹103.54 के बीच हल्की-फुल्की fluctuate हुई हैं, जो यह दिखाता है कि फिलहाल मार्केट stability phase में है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन भारत में अभी इसका सीधा असर नहीं दिख रहा।
मुख्य कारण:
- सरकार की inflation control strategy
- ऑयल कंपनियों का price stability approach
- घरेलू बाजार में मांग और सप्लाई का संतुलन
हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा रहता है, तो इसका असर घरेलू कीमतों पर पड़ सकता है।
क्यों अलग-अलग शहरों में अलग कीमत?
भारत में फ्यूल प्राइस एक जैसा नहीं होता क्योंकि:
- राज्य सरकारें अलग-अलग VAT लगाती हैं
- लोकल टैक्स और ट्रांसपोर्ट कॉस्ट अलग होती है
- डिस्ट्रीब्यूशन लागत भी अलग-अलग होती है
इसी वजह से:
- मुंबई, हैदराबाद, तिरुवनंतपुरम जैसे शहर महंगे हैं
- जबकि पोर्ट ब्लेयर जैसे स्थानों पर कीमतें कम हैं
क्या आगे बढ़ सकते हैं दाम?
फिलहाल कीमतें स्थिर हैं, लेकिन भविष्य को लेकर कुछ संकेत हैं:
- अगर global crude oil लगातार महंगा रहता है
- या geopolitical tension बढ़ता है
तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
निष्कर्ष
13 अप्रैल 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, जो उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए यह स्थिरता लंबे समय तक बनी रहेगी या नहीं—यह आने वाले दिनों में तय होगा।
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